सवाल आपके जवाब संतोष आनन्द के

Santosh Anand Live

सवाल आपके जवाब संतोष आनन्द के “एक प्यार का नग्मा है, मौजों की रवानी है, ज़िंदगी और कुछ भी नहीं, तेरी मेरी कहानी है”, ये सदाबहार रोमांटिक गीत आप भी गुनगुनाते ही होंगे, लेकिन क्या आपको इस गीत के लेखक से रू-ब-रू होने का अवसर मिले तो क्या आप इसे छोड़ना चाहेंगे ? नहीं न

दिग्विजय सिंह का बड़ा आरोप- 2024 का चुनाव अंतिम होगा यदि…..

digvijaya singh

मतपत्र से मतदान नहीं हुए तो 2024 का चुनाव अंतिम होगा : दिग्विजय सिंह दिग्विजय सिंह ने ईवीएम पर उठाए सवाल | Digvijay Singh raised questions on EVMs नई दिल्ली, 31 अगस्त. मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह (Former Chief Minister of Madhya Pradesh and senior Congress leader Digvijay Singh)

भाजपा और फेसबुक: ये रिश्ता क्या कहलाता है!

Facebook logo

Relationship between BJP and Facebook वॉल स्ट्रीट जर्नल के रहस्योद्घाटन के बाद भी अगर किसी को फेसबुक और भाजपा के रिश्ते की मजबूती (Facebook and BJP’s relationship strengthened) में कोई शक रह गया हो, तो इस रहस्योद्घाटन के बाद से भाजपा के व्यवहार ने ऐसे हरेक शक-संदेह को दूर कर दिया होगा। भाजपा इस मामले

जानिए फासिज्म के मायने क्या हैं

Fascism Ahead

Know what is the meaning of fascism | नरेन्द्र मोदी का फासिज्म भारतीय फासिज्म की लाक्षणिक विशेषताएं – Characteristics of Indian Fascism फासिज्म के मायने क्या हैं इस पर भारत में बहुत बहस है, इस बहस में बड़े बड़े दिग्गज उलझे हुए हैं लेकिन आज तक फासिज्म की कोई सर्वमान्य परिभाषा (Common definition of fascism)

हिंदी साहित्य का यह दुस्समय है हिंदी भाषा और साहित्य के सत्यानाश की भी राजनीति है

Kadambini and Nandan cease publication

हिंदी साहित्य का यह दुस्समय है। राजनीति, हिंदी को राष्ट्रभाषा बनाने की है और हिंदी भाषा और साहित्य के सत्यानाश की भी राजनीति है। Hindi literary magazines have already closed हिंदी की साहित्यिक पत्रिकाएं पहले ही बंद कर दी गईं। लघु पत्रिकाएं किसी तरह निकल रही हैं अजब जिजीविषा और गज़ब प्रतिबद्धता के साथ, जिन्हें

इक अहम सवाल. उसको वेश्या नाम दिया किसने?

opinion

One important question. Who named her prostitute? एक बार किसी फेसबुक पोस्ट (Facebook post) पर मैंने कमेंट किया था कि राजनीति को लोग वेश्या की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं (People are using politics as a prostitute) जब चाहा जिस रूख से चाहा उस करवट में सुला लिया…… फिर क्या, एक सज्जन व्यक्ति ने कहा

ऑनलाइन हेल्थ इन्फॉर्मेशन कितनी विश्वसनीय

Health News in Hindi

Online Health Information: Is It Reliable? विश्वसनीय स्वास्थ्य सूचना ऑनलाइन खोजना | Finding Reliable Health Information Online Where Can I Find Reliable Health Information Online? Questions to Ask Before Trusting a Website Health and Medical Apps Social Media and Health Information Trust Yourself and Talk to Your Doctor बहुत से लोगों को इंटरनेट से स्वास्थ्य

जर्मन बुद्धिजीवियों ने पसंद किया प्रमोद रंजन का हस्तक्षेप पर प्रकाशित लेख

Pramod ranjan प्रमोद रंजन की दिलचस्पी सबाल्टर्न अध्ययन, आधुनिकता के विकास और ज्ञान के दर्शन में रही है। ‘साहित्येतिहास का बहुजन पक्ष’, ‘बहुजन साहित्य की प्रस्तावना’ और ‘शिमला-डायरी’ उनकी प्रमुख पुस्तकें हैं। उनके द्वारा संपादित दक्षिण भारत के सामाजिक-क्रांतिकारी ईवी रामासामी पेरियार के प्रतिनिधि विचारों पर केंद्रित तीन पुस्तकों का प्रकाशन हाल ही में हुआ है। रंजन इन दिनों असम विश्वविद्यालय के रवींद्रनाथ टैगोर स्कूल ऑफ लैंग्वेज एंड कल्चरल स्टडीज में प्राध्यापक हैं।

German intellectuals appreciate Pramod Ranjan’s article published on Hastakshep हस्तक्षेप में प्रकाशित प्रमोद रंजन के लेख “कोविड 19, विज्ञान और बुद्धिजीवियों की ज़िम्मेदारी” का जर्मन अनुवाद  “रूबिकॉन” ने प्रकाशित किया है। (यहां देखें) रूबिकॉन एक प्रतिष्ठित वेबपोर्टल है, जो पिछले कुछ वर्षों में जर्मनी में सत्ता प्रतिष्ठानों के खिलाफ एक मुखर बौद्धिक-दार्शनिक आवाज के रूप में उभरा

कछू तो गड़बड़ है : क्या जस्टिस मिश्रा को सुप्रीम कोर्ट के बाकी जजों पर भी भरोसा नहीं है

Prashant Bhushan

#ऐसी_भी_क्या_अड़ी_पड़ी_है_मीलॉर्ड Something is wrong: Does Justice Mishra not trust the rest of the Supreme Court judges? यह पहला मौक़ा है जब प्रशान्त भूषण (Prashant Bhushan) ही नहीं सुप्रीम कोर्ट के और भी कई वकीलों ने कहा कि इस मामले की सुनवाई वे जस्टिस अरुण मिश्रा की अगुआई वाली बेंच (Bench headed by Justice Arun Mishra)

सोशल मीडिया का दुरुपयोग बंद करो : भाकपा

Communist Party of India CPI

Stop the misuse of social media: CPI नई दिल्ली,20 अगस्त 2020. भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी की केन्द्रीय सचिवमंडल ने सत्ता पक्ष द्वारा सोशल मीडिया के विभाजनकारी एजेंडा के पक्ष में दुरुपयोग पर निम्नलिखित बयान जारी किया है- भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी की केन्द्रीय सचिवमंडल ने सत्ता पक्ष द्वारा विभाजनकारी और सांप्रदायिक ध्रुवीकरण के लिए सोशल मीडिया के