क्या दलित मार्क्सवादी कभी स्वीकार करेंगे कि डाइवर्सिटी से बेहतर नहीं है कोई उपाय

एच.एल. दुसाध (लेखक बहुजन डाइवर्सिटी मिशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं.)  

Will Dalit Marxists ever accept that there is no better way than diversity?

मोदी ने बहुजनों को गुलामों की स्थिति में डाल दिया है

Prime Minister, Shri Narendra Modi paying tributes to the Martyrs during the Virtual Conference with the Chief Ministers, in New Delhi on June 17, 2020.

Modi has put Bahujans in the status of slaves. मोदी ने बहुजनों के समक्ष नहीं छोड़ा है कोई विकल्प! |  मुक्ति की लड़ाई में उतरने से भिन्न                                 2014 में बेरोजगारों को हर साल 2 करोड़ नौकरियाँ देने तथा प्रत्येक व्यक्ति के खाते में 100 दिन के अंदर 15 लाख जमा कराने के वादे के साथ सत्ता

दलित मीडिया के उत्थान का एकमेव उपाय : विज्ञापन बाज़ार में डाइवर्सिटी

Dr B.R. Ambedkar

बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर द्वारा सम्पादित –प्रकाशित मूकनायक के सौ वर्ष होने के अवसर पर विशेष लेख Special article on the occasion of hundred years of Mooknayak edited and published by Baba Saheb Dr. Bhimrao Ambedkar The only way to uplift Dalit media: Diversity in the advertising market आगामी 31 जनवरी को दलित पत्रकारिता