सर्वेश्वर दयाल सक्सेना : कुआनो नदी के किनारे की गीली मिट्टी लेकर गीत रचने वाले कवि

Sarveshwar Dayal Saxena (सर्वेश्वर दयाल सक्सेना)

सर्वेश्वर दयाल सक्सेना : व्यक्तित्व और कृतित्व आज का गीत ‘चुपाइ रहो दुलहिन, मारा जाई कौआ’ हो या ‘नीम की निबौली पक्की, सावन की रितु आयो री’ बस्ती में कुआनो नदी के किनारे की गीली मिट्टी लेकर गीत रचनेवाले कवि थे सर्वेश्वर दयाल सक्सेना,(1927 -1983 )जिनकी प्रतिभा का लोहा मानते हुए अज्ञेय जी ने न