भगतसिंह ने इंक़लाब ज़िंदाबाद कहा गर्व से कहा मैं मनुष्य हूँ और नास्तिक हूँ

Bhagat Singh

शहीद दिवस पर विशेष | Special on martyr’s day उनकी माला और हमारे भगतसिंह- माला कोई भी चढ़ाए भगतसिंह तो भगतसिंह हैं, माला चढ़ाने से भगतसिंह के नास्तिक भावबोध, समाजवाद के प्रति अटूट आस्था, शोषणमुक्त समाज का सपना धुँधला नहीं होता। Meaning of becoming Bhagat Singh भगतसिंह को पाना है तो भगतसिंह बनना होगा। भगतसिंह