फैज़, भगत सिंह को हीरो मानते थे और उनकी तरह बनने की आरज़ू रखते थे

Bhagat Singh

आज किसान, विद्यार्थी, मजदूर उसी व्यवस्था परिवर्तन के लिए सड़कों पर हैं जिसकी कल्पना शहीद-ए-आज़म भगत सिंह ने की थी। शहीद भगत सिंह पर हिन्दी निबंध

“भगत सिंह की विरासत का दावेदार है वामपंथ“–प्रोफ़ेसर चमन लाल

Process of Bhagat Singh becoming Bhagat Singh

भगत सिंह को सब अपनाना चाहते हैं लेकिन भगत सिंह की वैचारिक विरासत का संवाहक एवं दावेदार वामपंथ है। भगत सिंह मसीहा नहीं थे और ना ही मसीहाई में विश्वास रखते थे। भगत सिंह में वर्गीय समझ थी जो तर्कपूर्ण अध्ययन से मिलती है।

जी मोदीजी ! पं. नेहरू भगत सिंह और साथियों से मिलने लाहौर जेल गये थे, आप भी पढ़ लें

Bhagat Singh

नेहरू भगत सिंह और साथियों से मिलने लाहौर जेल गये थे, यह खबर उस समय के प्रतिष्ठित अंग्रेज़ी अखबार द ट्रिब्यून जो सन 1881 से लाहौर से प्रकाशित होता था, में भी छपी थी। नेहरू की मुलाक़ात का यह विवरण 9 अगस्त 1930 के ट्रिब्यून में भी छपा था।