भारतेंदु हरिश्चंद्र के संपूर्ण लेखन का मूल स्वर साम्राज्यवाद-सामंतवाद विरोधी है

Bharatendu Harishchandra 1

The basic tone of Bharatendu Harishchandra’s entire writing is anti-imperialism मनोज कुमार झा/वीणा भाटिया का यह विशेष आलेख “गुलामी की पीड़ा : भारतेंदु हरिश्चंद्र की प्रासंगिकता” हस्तक्षेप पर मूलतः 13 सितंबर 2017 को प्रकाशित हुआ था। Bharatendu Harishchandra Birth Anniversary (भारतेंदु हरिश्चंद्र के जन्म दिवस) 09 सितंबर को हस्तक्षेप के पाठकों के पाठकों के लिए