एक अनोखे किस्म का अक्खड़पन है कांग्रेस जिलाध्यक्ष के बेटे शरद यादव में

Sharad Yadav

देशबन्धु : चौथा खंभा बनने से इंकार- 12 Sharad Yadav introduced the moral courage he showed at the beginning of his parliamentary life, he is still following सन् 1971 में पांचवी लोकसभा के लिए चुनाव संपन्न हुए। सामान्य तौर पर पांच साल बाद अर्थात 1976 में नए चुनाव होते। इस बीच आपातकाल लग चुका था