अब्दुल गफूर ने बतौर मुख्यमंत्री बिहार पर अपनी छाप छोड़ी- तारिक़ अनवर

 

Role of Abdul Ghafoor in the freedom movement,जेपी आंदोलन से जुड़े नेता,बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री अब्दुल गफूर

 इंदिरा गांधी के समाजवादी रुझान के कारण अब्दुल गफूर बिहार के मुख्यमंत्री बने- अनिल चमड़िया

हर ज़िले में 25 अल्पसंख्यक अधिवक्ताओं को गफूर एक्सिलेंसी सम्मान दिया गया

बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री अब्दुल गफूर की 17 वीं पुण्यतिथि पर अल्पसंख्यक कांग्रेस ने किया वेबिनार, ज़िलों में आयोजित हुए कार्यक्रम

लखनऊ, 10 जुलाई 2021. बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री अब्दुल गफूर ( Former Bihar Chief Minister Abdul Ghafoor ) बेदाग छवि के नेता थे. कांग्रेस की समाजवादी और सेकुलर विचारधारा के अपने समय के उत्कृष्ट प्रतिनिधि थे. अपने दो साल के कार्यकाल में अपने नेतृत्व की छाप छोड़ी और बिहार के विकास की बुनियाद रखी.

ये बातें पूर्व केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता तारिक़ अनवर ने उत्तर प्रदेश अल्पसंख्यक कांग्रेस द्वारा बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय अब्दुल गफूर की 17 वीं पुण्यतिथि पर आयोजित वेबिनार में कहीं.

आज हर ज़िले में अल्पसंख्यक समाज के 25 अधिवक्ताओं को अल्पसंख्यक कांग्रेस द्वारा गफूर एक्सिलेंसी सम्मान भी दिया गया.

मुख्य वक्ता वरिष्ठ पत्रकार अनिल चमड़िया ने कहा कि अब्दुल गफूर साहब, सुभाष चंद्र बोस के सबसे क़रीबी सहयोगियों में रहे. उन्होंने ही सबसे पहले यह प्रस्ताव लाया था कि शैक्षणिक संस्थानों के नामों में धार्मिक पहचान वाले शब्दों को न जोड़ा जाए.

श्री चमड़िया ने कहा कि 1973 में इंदिरा गांधी ने उन्हें तब मुख्यमंत्री बनाया जब बिहार के अंदर फासीवादी और सांप्रदायिक ताक़तों का उभार था. 1971 के युद्ध के बाद पड़ोस में बांग्लादेश का निर्माण हो चुका था और बिहार के आंचलिक इलाक़ों में काफी असंतोष था. ऐसे समय में एक मुस्लिम राजनेता को मुख्यमंत्री बनाना इंदिरा गांधी के समाजवादी रुझान के कारण ही मुमकिन हो पाया.

उन्होंने कहा कि जेपी आंदोलन से जुड़े नेताओं को एक मुस्लिम सेकुलर नेता के वजूद से खतरा महसूस होता था. वो एक ऐसे मुख्यमंत्री थे जो जनता के समक्ष  टेलीफोन के ज़रिये सीधे उपस्थित रहते थे.

संचालन अल्पसंख्यक कांग्रेस के प्रदेश चेयरमैन शाहनवाज़ आलम ने किया. उन्होंने बताया कि आज हर ज़िले में अल्पसंख्यक समुदाय के 25 अधिवक्ताओं को गफूर एक्सिलेंसी सम्मान से सम्मानित किया गया. उन्होंने कहा कि कांग्रेस ही एक मात्र पार्टी है जिसने कश्मीर के बाहर भी 5 मुस्लिम मुख्यमंत्री दिये.

Role of Abdul Ghafoor in the freedom movement

बिहार अल्पसंख्यक कांग्रेस के चेयरमैन मिन्नत रहमानी ने स्वतंत्रता आंदोलन में अब्दुल गफूर की भूमिका पर रोशनी डाली.

अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव और उत्तर प्रदेश के प्रभारी तौकीर आलम ने पूर्व मुख्यमंत्री को एक कुशल प्रशासक और दूरदृष्टा नेता बताया.

वेबिनार में अल्पसंख्यक कांग्रेस के प्रदेश वाइस चेयरमैन मोहम्मद अहमद, डॉ श्रेया चौधरी, महासचिव मुनीर अकबर, हुमायूँ बेग, शाहनवाज़ खान, मोहम्मद उमैर, दिल्ली अल्पसंख्यक कांग्रेस के प्रवक्ता अखलाक अहमद, सबिहा अंसारी, शाहिद तौसीफ, इक़बाल क़ुरैशी आदि मौजूद रहे.

महंगाई के खिलाफ आज़मगढ़ में हुआ प्रदर्शन

 

Demonstration in Azamgarh against inflation

आज़मगढ़, 08 जुलाई 2021. संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर देश में लगातार बढ़ती हुई पेट्रोल, डीजल,रसोई गैस व अन्य आवश्यक वस्तुओं के मूल्यों में हुई बेतहाशा वृद्धि पर भारी नाराजगी व्यक्त किया गया।

मोर्चे के आह्वान पर जिलाधिकारी आज़मगढ़ के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन देते हुए आज़मगढ़ जिले के किसान, छात्र, नौजवान संगठनों के प्रतिनिधियों ने देशव्यापी विरोध प्रदर्शन का समर्थन किया।

प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि – डीजल, पेट्रोल ,रसोई गैस सहित अन्य आवश्यक वस्तुओं में हुई बेतहाशा वृद्धि को वापस लिया जाए, तीनों किसान विरोधी काले कानून वापस हो, बिजली बिल 2020 वापस हो, किसान आंदोलन में भाग लेने वालों का उत्पीड़न बंद किया जाए, किसान आंदोलन में मारे गए किसानों के परिवारों को समुचित मुआवजा दिया जाए।

विरोध प्रदर्शन में जनवादी लोक मंच के रवींद्र नाथ राय, किसान सभा के वेद प्रकाश उपाध्याय, किसान महासभा के विनोद सिंह, रिहाई मंच के राजीव यादव, उत्तर प्रदेश खेत मजदूर यूनियन के जियालाल व कामरेड रामबृक्ष और अखिल भारतीय प्रगतिशील छात्र मंच के राहुल सहित अम्बिका पटेल, रामनिहोर, विनोद  यादव, हीरालाल यादव आदि लोग उपस्थित रहें।

कलेक्ट्रेट परिसर में मार्च निकालकर महंगाई के खिलाफ नारेबाजी करते हुए,पेट्रोलियम पदार्थों की मूल्य वृद्धि वापस लो,कंपनियों की मुनाफाखोरी बंद करो, काले कृषि कानून वापस लो, बिजली बिल2020 वापस लो, किसानों-मजदूरों व मेहनतकशों का उत्पीड़न बंद करो, संयुक्त किसान मोर्चा जिंदाबाद, किसान-मजदूर-छात्र-कर्मचारी एकता जिंदाबाद, इंकलाब जिंदाबाद के नारे लगाए गए।

वंचित समाज के स्वाभिमान की लड़ाई है, पीछे नहीं हटेंगे : अनिल यादव

पलिया में पीड़ितों के न्याय के लिए उपवास का दूसरा दिन, जब तक न्याय नहीं जारी रहेगा सत्याग्रह

दोषी पुलिस कर्मियों पर हो कार्यवाही, पूरे मामले की हो न्यायिक जांच : अनिल यादव

आज़मगढ़ का प्रशासन दलित विरोधी : संतोष कटाई

उपवास सत्याग्रह के समर्थन में कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव प्रदीप नरवाल समेत कई नेता पहुंचे आज़मगढ़
पलिया गांव पहुंचें प्रदीप नरवाल, उपाध्यक्ष विश्वविजय सिंह ने कहा पलिया की लड़ाई बाकी है

आज़मगढ़, 8 जुलाई 2021। आज़मगढ़ के रौनापार थाने के पलिया गांव में हुए पुलिसिया उत्पीड़न के खिलाफ रिक्शा स्टैंड पर कांग्रेस के प्रदेश संगठन सचिव अनिल यादव, प्रदेश सचिव संतोष कटाई, यूथ कांग्रेस जिला अध्यक्ष अमर बहादुर यादव, एनएसयूआई सचिव मंजीत यादव और विशाल दुबे उपवास सत्याग्रह पर हैं। 

गौरतलब है कि कांग्रेस पार्टी लगातार दोषी पुलिस अधिकारियों पर कार्यवाही और ग्रामीणों पर दर्ज फ़र्ज़ी मुकदमें की वापसी जैसी मांगों को लेकर आंदोलनरत हैं। 

उपवास पर बैठे प्रदेश संगठन सचिव अनिल यादव ने कहा कि पलिया के पीड़ितों को जब तक न्याय नहीं मिलेगा तब तक हमारा आंदोलन जारी रहेगा।

उन्होंने कहा कि आज़मगढ़ पुलिस अमला की मानसिकता अत्यंत घिनौनी है और दलित विरोधी है। एक पुलिस अधिकारी ने दलित महिला के पास जाकर कहता है कि वह मजा लेने आया है, इससे शर्मनाक और क्या हो सकता है।

उपवास स्थल से उन्होंने कहा कि यह लड़ाई अब दलित और वंचित समाज के स्वाभिमान की लड़ाई है। इसको हम मजबूती से लड़ेंगे और जीतेंगे। 

अनिल यादव ने कहा कि आज़मगढ़ पुलिस  लुटेरों के गिरोह में तब्दील हो गयी है जिसका काम लोगों की रक्षा करना नहीं है। हमारी मांग है कि दोषी पुलिस कर्मियों पर हो कार्यवाही और पूरे मामले की हो न्यायिक जांच हो। 

उपवास पर बैठे संतोष कटाई ने कहा कि आज़मगढ़ का पुलिस प्रशासन दलित विरोधी है। पलिया की तरह गोधौरा जहानागंज में हुई घटनाएं इसका प्रमाण है। पलिया की तरह गोधौरा में भी दलित समाज के ऊपर उत्पीड़न हुआ है। फर्जी मुकदमे लादे गए हैं। अब यह लड़ाई बड़ी व्यापक हो गयी है पूरे जिले का सवाल उठाया जाएगा। 

जिला अध्यक्ष प्रवीण सिंह ने बताया कि धरने के समर्थन में राष्ट्रीय सचिव प्रदीप नरवाल, दलित कांग्रेस के अध्यक्ष आलोक प्रसाद, रामसजीवन निर्मल आज़मगढ़ आए हैं। प्रदेश उपाध्यक्ष विश्वविजय सिंह और प्रदेश महासचिव विश्वविजय सिंह लगातार आंदोलन की रणनीति बना रहे हैं। 

जब सपा और कांग्रेस का एक साथ प्रचार किया था दिलीप कुमार ने

 बदायूँ, 07 जुलाई 2021. सदी के महानायक दिलीप कुमार अब हमारे बीच नहीं रहे, उनकी बदायूँ से भी यादें जुड़ी हुई हैं।

1996 के लोकसभा चुनाव में दिलीप कुमार समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी सलीम इकबाल शेरवानी के समर्थन में चुनाव प्रचार करने आए थे। अपनी जनसभा में उन्होंने वायदा किया था कि शेरवानी के जीतने पर वो दोबारा बदायूँ आएंगे, लेकिन उनका यह वायदा भी शेरवानी के अन्य वायदों की तरह गलत साबित हुआ। शेरवानी तो चुनाव जीते पर दिलीप कुमार पलट कर बदायूँ नहीं आए।

गांधी ग्राउंड में सलीम शेरवानी के समर्थन में हुई सभा में दिलीप कुमार ने अपने संबोधन में कहा था कि वह देश के सेकुलर लोगों के लिए चुनाव लड़ाने निकले हैं, उन्हें पार्टी से कोई लेना देना नहीं। इसके बाद वह रामपुर में कांग्रेस प्रत्याशी बेगम नूर बानो के लिए चुनाव प्रचार को निकल गए थे।

चित्र में सलीम शेरवानी के साथ पूर्व विधायक स्व. जोगेन्द्र सिंह अनेजा, ओमकार सिंह यादव दिखाई दे रहे हैं और साथ में समाजवादी अल्पसंख्यक सभा के जिला अध्यक्ष मोहम्मद मियां दिखाई दे रहे हैं, जो उस समय समाजवादी युवजन सभा के नगर अध्यक्ष थे।

मोहम्मद मियां ने कहा है कि सरल स्वभाव मिलनसार अभिनेता दिलीप कुमार की हमेशा याद आती रहेगी

सर्वोच्च न्यायालय ने की एनजीटी की खिंचाई, बागजान के 10 सदस्यीय पैनल पर रोक लगाई

2020 Assam gas and oil leak CASE

2020 Assam gas and oil leak CASE

Baghjan Fire Caused Loss of Rs 25,000 Cr, Destroyed 55% Biodiversity in Area : A report

नई दिल्ली, 1 जुलाई 2021. सर्वोच्च न्यायालय ने कहा है कि वह आग के कारण, असम के बागान तेल कुएं में जैव विविधता के नुकसान की जांच (Biodiversity loss probe in Assam’s Baghjan oil well) के लिए ऑयल इंडिया लिमिटेड (ओआईएल) के एक अधिकारी समेत 10 सदस्यीय समिति गठित करने के राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के आदेश से निराश है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक न्यायमूर्ति डी.वाई. चंद्रचूड़ ने कहा कि निगम को नुकसान के लिए जिम्मेदार ठहराने के बावजूद एनजीटी ने समिति में ओआईएल के अधिकारी को शामिल किया।

न्यायमूर्ति एमआर शाह की पीठ ने समिति के गठन के हरित न्यायाधिकरण के आदेश पर भी रोक लगा दी।

प्राप्त जानकारी के मुताबिक पीठ ने कहा,

हमें आश्चर्य है कि एनजीटी पहले यह मानती है कि ऑयल इंडिया पर्यावरण को होने वाले नुकसान और आद्र्रभूमि को नष्ट करने के लिए जिम्मेदार है और फिर उसके अधिकारी को इन मुद्दों पर समिति का सदस्य बनाया गया है।”

शीर्ष अदालत ने 19 फरवरी के न्यायाधिकरण के आदेश को चुनौती देने वाली एक अपील पर यह आदेश पारित किया। पीठ ने ट्रिब्यूनल पर जोर दिया कि पर्यावरण के लिए कुछ तत्परता और चिंताएं होनी चाहिए।

पैनल को पर्यावरण को नुकसान का आकलन करने और डिब्रू-सैखोवा नेशनल पार्क, मागुरी-मोटापुंग वेटलैंड सहित एक उपचारात्मक बहाली योजना विकसित करने का काम सौंपा गया था।

क्या है 2020 असम गैस और तेल रिसाव केस (2020 Assam gas and oil leak)

तिनसुकिया जिले के बागजान में वेल नंबर 5 में 9 जून, 2021 को आग लग गई थी, जिसमें ओआईएल के दो दमकलकर्मी मारे गए थे।

न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ ने कहा कि ओआईएल पर आद्र्रभूमि को प्रदूषित करने का आरोप लगाया गया था, लेकिन इसके एमडी को जांच समिति में रखा गया।

याचिकाकर्ता बोनानी कक्कड़ का प्रतिनिधित्व कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्धार्थ मित्रा ने इसे न्याय के सिद्धांत का उल्लंघन बताया और जोर देकर कहा कि सीधे हितों के टकराव वाले किसी व्यक्ति को मामले का फैसला सुनाने के लिए कहा गया था।

उन्होंने कहा कि उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश बी.पी. काटेकी ने मामले पर एक व्यापक रिपोर्ट प्रस्तुत की है, जिसके बाद प्रगति रिपोर्ट दी गई है, और यदि नई समिति का गठन किया जाता है, तो अंतत: पूरी प्रक्रिया में देरी होगी।

मामले में सुनवाई के बाद, शीर्ष अदालत ने एनजीटी के आदेश पर रोक लगा दी और दो सप्ताह के बाद आगे की सुनवाई के लिए कहा।

पीठ ने कहा कि वह एक नई समिति का गठन करेगी, जो सभी मुद्दों की जांच करेगी और तेजी से रिपोर्ट सौंपेगी।

पीठ ने कहा,

हम खुद इसकी निगरानी कर सकते हैं। जिस तरह से एनजीटी ने इसे अपने हाथों से हटा दिया है, उससे हम निराश हैं।”

बेरोजगारों के साथ विश्वासघात कर रही है योगी सरकार-अजय कुमार लल्लू’

बेरोजगार नौजवानों को डराती धमकाती है सरकार

चयनित बेरोजगार भी नियुक्ति के लिये दर दर भटक रहे हैं, सरकार कर रही क्रूर मजाक है

सड़क से सदन तक कांग्रेस लड़ेगी बेरोजगारों की लड़ाई – अजय कुमार लल्लू

 लखनऊ 01 जुलाई, 2021 : उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्रित्व वाली भाजपा सरकार के द्वारा कराई गई 2019 की शिक्षक भर्ती में आरक्षण घोटाला सामने आया है। 69,000 सहायक शिक्षक भर्ती मामले में राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग ने शिकायतकर्ता की शिकायत के आधार पर रिपोर्ट तैयार की थी। इस रिपोर्ट में 5,844 सीटों पर आरक्षण घोटाला सामने आया है। इस पर राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग ने उत्तर प्रदेश सरकार से जवाब मांगा था, पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थी न्याय के लिये आंदोलित है और सरकार उनके साथ अन्याय पर उतारू होकर उनके उत्पीड़न में लगी हुई है।

उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय कुमार जी ने राज्य सरकार पर यह आरोप लगाते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश नौजवानों को नौकरी देने के मामले में सबसे फिसड्डी प्रदेश साबित हुआ है ऊपर से जो नौकरियां आ भी रही हैं उनमें बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हो रहा है।

ताजा मामला 69000 शिक्षक भर्ती का है जिसमें योगी सरकार ने पिछड़े वर्ग की लगभग 6000 सीटों पर अनियमितता की है। अभ्यर्थी की शिकायत पर राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग ने अपनी जांच में भी 5844 सीटों पर उत्तर प्रदेश में आरक्षण घोटाला पाया। लेकिन सरकार इस संबंध में अभ्यर्थियों की मांग सुनने से लगातार इनकार कर रही है। दलितों, पिछड़ों की पीड़ा वह सुनने के बजाय उनके हक को छीनने के अभियान में जुटी हुई है। जिससे मजबूर होकर बेरोजगार नौजवानों को अपने हक के लिए सड़क पर आना पड़ गया। राज्य की योगी सरकार बेरोजगारों के साथ धोखाधड़ी कर रही है। हक मांगने वालों को वह पुलिस से डराती धमकाती है। नौकरी देने के स्थान पर उन्हें लहुलुहान कर ईको गार्डन पहुंचाकर उनकी आवाज को दबाने का प्रयास करती है। भाजपा का चाल चरित्र और दोहरा चेहरा सबके सामने है।

उन्होंने कहा कि भाजपा विपक्ष में रहने पर पिछड़ों को रिझाने की बात करती है परन्तु सत्ता में आकर उनके अधिकार हड़पती है।

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि राज्य सरकार ने हर भर्ती को भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा दिया। चयनितों के साथ अन्याय किया, न्याय मांगने के लिए सड़क पर आने पर पुलिस की लाठी मिलती है या अदालतों के चक्कर काटने पड़ रहे है। इसी तरह पुलिस सिपाही भर्ती 2015 के 34716 पदों पर हुई भर्ती में 3528, 2018 भर्ती के 20182018बी की भर्ती के चयनित अभ्यर्थी मेडिकल, ट्रेनिंग के साथ नियुक्ति के लिए दर-दर भटक व आन्दोलन कर रहें है व सरकार के हर दरवाजे पर दस्तक दे रहें है किन्तु सरकार उनकी सुनने को तैयार नहीं है। विवशता में यह बेरोजगार नौजवान बेरोजगारी का बड़ा दंश झेलने के लिए विवश किये जा रहे हैं।

उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि बेसिक शिक्षा विभाग की भर्ती में उत्तीर्ण होने वालों को भी अभी तक कुछ नहीं मिला, पिछड़ा वर्ग व दलितों के साथ लगातार धोखा करने वाली सरकार केवल वंचित पीड़ित वर्ग का उत्पीड़न कर रही है।

उन्होंने कहा जब बेरोजगार नौजवान अपने हक के लिए खुद को पिछड़ों का प्रतिनिधि कहने वाले उपमुख्यमंत्री केशव मौर्या के आवास पर प्रदर्शन करते हैं तो नौकरी व न्याय तो नहीं मिलता लेकिन लाठियां जरूर मिलती हैं।

69000 शिक्षक भर्ती में पिछड़ों, आदिवासियों व दलितों के साथ धोखा हुआ है। योगी सरकार पिछड़ा दलित विरोधी मानसिकता के एजेंडे पर चल रही हैं जबकि खुद को पिछड़ा वर्ग का प्रतिनिधि कहने वाले उपमुख्यमंत्री नख दंत विहीन हैं। वह पिछड़े अभ्यर्थियों को आश्वासन तक देने की स्थिति में नहीं हैं।

योगी सरकार ने पिछड़े दलितों के अधिकारों के साथ डाका डाला है लेकिन कांग्रेस पार्टी इनकी आवाज दबने नहीं देगी सड़क से सदन तक इनकी आवाज उठाएंगे और जब तक न्याय नहीं मिल जाता हम इनका साथ देंगे। उन्होंने योगी सरकार से मांग करते हुए कहा कि नौकरियां तत्काल बहाल करे। कांग्रेस संविधान की मूलधारा को समाप्त नहीं होने देगी। वंचितों के न्याय के लिए संघर्ष करती रहेगी।

कांग्रेस पिछड़ा वर्ग विभाग के अध्यक्ष मनोज यादव ने कहा कि यदि उपमुख्यमंत्री जी, नाम मात्र भी उपमुख्यमंत्री हों, लेश मात्र की भी शर्म बची हो तो केशव मौर्य जी 69000 शिक्षक भर्ती में पिछड़े दलित वर्ग के छात्रों के साथ न्याय कराएं।

सपा सरकार ने टैनरियों को बन्द कर क़ुरैशी समाज की आजीविका पर हमला किया था- शाहनवाज़ आलम

 क़ुरैशी समाज के सवालों को घोषणा पत्र में शामिल करेगी कांग्रेस

क़ुरैशी समाज के लोगों ने अपनी आबादी के अनुपात में मांगा टिकट

पश्चिमी उत्तर प्रदेश के क़ुरैशी समाज के साथ अल्पसंख्यक कांग्रेस की हुई वर्चुअल बैठक

लखनऊ, 30 जून 2021. उत्तर प्रदेश कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग के चेयरमैन शाहनवाज आलम साहब की सदारत में ज़ूम पर एक वर्चुअल मीटिंग पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुरैशी समाज के लोगों के साथ की गई, जिसमें विधान सभा चुनाव के लिए बनने वाले घोषणा पत्र में क़ुरैशी समाज के सवालों को शामिल करने को लेकर वक्ताओं ने अपने सुझाव रखे.

इस बैठक में कुरैशी समाज के प्रतिनिधियों ने अपनी आबादी के अनुपात में टिकट दिए जाने की मांग की. उन्होंने कहा कि सपा सरकार में हमारी टैनरियों को सुनियोजित तरीके से बन्द करवा दिया गया वहीं बसपा सरकार में भी सबसे ज़्यादा मुकदमे लादे गए.

लोगों ने कहा कि जब तक प्रदेश में कांग्रेस की सरकार रही क़ुरैशी समाज का आर्थिक और राजनीतिक विकास हुआ.

क़ुरैशी समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि मनमोहन सिंह की कांग्रेस सरकार में व्यापार में तमाम सहूलियतें दी गयीं. जबकि मोदी सरकार सांप्रदायिक द्वेष के कारण क़ुरैशियों के रोजगार को बन्द करा रही है.

बैठक को संबोधित करते हुए शाहनवाज आलम ने कहा कि कुरैशी समाज की हर मांग को प्रमुखता से उठाया जाएगा l उन्होंने बताया कि पिछले 24 तारीख को पूरे प्रदेश में कुरैशी समाज की पांच प्रमुख मांगों को लेकर उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी अल्पसंख्यक विभाग ने पूरे प्रदेश से जिलाधिकारी के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन भेजा और कांग्रेस के घोषणा पत्र में भी उनकी प्रमुख मांगों को जुड़वाया जाएगा.

बैठक का संचालन अल्पसंख्यक कांग्रेस प्रदेश महासचिव इक़बाल क़ुरैशी ने किया.

बैठक में मुख्य रूप से डॉक्टर इफ्तेखार कुरेशी, चौधरी इकबाल कुरैशी, साजिद कुरेशी, अनस कुरैशी, तारीख कुरैशी, रफीक कुरैशी, सलमान कुरेशी के साथ-साथ अल्पसंख्यक विभाग के वाइस चेयरमैन अख्तर, मलिक स्टेट कोऑर्डिनेटर शाहनवाज खान एवं सचिव रिजवान कुरेशी साहब प्रमुख रूप से उपस्थित रहे l

अल्पसंख्यक बहुल इलाक़ों में पुलिस भर्ती का कैंप आयोजित करने के वादे से क्यों मुकर गए थे अखिलेश – शाहनवाज़ आलम

अल्पसंख्यक कांग्रेस ने सपा से पूछे तीन सवाल

 स्पीक अप माइनोरिटी #4 में फेसबुक लाइव में शामिल हुए दो हज़ार कार्यकर्ता

लखनऊ, 28 जून 2021.अल्पसंख्यक कांग्रेस ने स्पीक अप माइनोरिटी कैम्पेन के चौथे चैप्टर में सपा पर 2012 के चुनावी घोषणापत्र में अल्पसंख्यक समाज से पुलिस में भर्ती करने के वादे से धोखा करने का आरोप लगाया.

रविवार दो हज़ार के क़रीब अल्पसंख्यक कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने फेसबुक लाइव के माध्यम से यह सवाल उठाया.

अल्पसंख्यक कांग्रेस प्रदेश चेयरमैन शाहनवाज़ आलम ने जारी बयान में कहा कि 2012 के घोषणापत्र में अल्पसंख्यक बहुल इलाक़ों में पुलिस की भर्ती के लिए विशेष कैंप आयोजित करने का वादा किया था. लेकिन अखिलेश सरकार इससे पूरी तरह पलट गयी. इसी तरह 2007 में भी मुलायम सिंह यादव की सरकार में तीन हज़ार पुलिस भर्ती निकली थी जिसमें 2400 लोग सिर्फ़ मुख्यमन्त्री जी की अपनी जाति से थे, मुसलमानों के लिए उस भर्ती में भी कोई जगह नहीं थी. इसी तरह 2013 में 2400 भर्ती निकली थी जिसमें 2000 लोग अखिलेश यादव जी के सजातीय लोग लिए गए और 20 प्रतिशत मुस्लिम आबादी को इसमें नाम मात्र ही भर्ती दी गयी.

शाहनवाज़ आलम ने बताया कि आज फेसबुक लाइव के माध्यम से बताया गया कि किस तरह सच्चर कमेटी के आने के बाद केंद्र में अल्पसंख्यक मंत्रालय का गठन किया गया और 2006 से 2010 के बीच केंद्र सरकार की नौकरियों में अल्पसंख्यक वर्ग के लोगों की भागीदारी में 3 प्रतिशत का इजाफा हुआ और यह आंकडा 10.18 तक पहुँच गया.

हर रविवार को फेसबुक लाइव के ज़रिये होने वाले स्पीक अप माइनोरिटी कैंपेन के तहत कल पूर्व मुख्यमन्त्री अखिलेश यादव से आज निम्न तीन सवाल पूछे गए-

1.सपा ने मुसलमानों की विशेष भर्ती के लिए कहाँ-कहाँ कैम्प आयोजित किए ?

2.सपा सरकार में विभिन्न विभागों में हुईं लगभग 4 लाख भर्ती में मुसलमानों की संख्या कितनी थी ?

3.वर्ष 2013 में हुई पुलिस की 2400 भर्ती में 2000 यादव भर्ती हुए जबकि इनमें मुसलमानों की संख्या ना के बराबर रही, ऐसा क्यों किया गया?

ज़िला पंचायत अध्यक्ष चुनावों में भाजपा सपा की नूराकुश्ती खुलकर आई : मनोज यादव

ज़िला पंचायत अध्यक्ष चुनावों में भाजपा सपा,यूपी समाचार,समाजवादी पार्टी

इटावा के अंशुल यादव का निर्विरोध चुनाव जीतना सपा भाजपा के गठजोड़ की गवाही देता है

भाजपा से लड़ने में सपा पूरी तरह फेल

पिछड़ों का नहीं सैफई कुनबे का प्रतिनिधित्व करती है सपा

भाजपा की सरकार सबसे ज्यादा प्रताड़ित हुआ है पिछड़ा वर्ग समाज : मनोज यादव

लखनऊ, 28 जून 2021. उत्तर प्रदेश पिछड़ा वर्ग विभाग कांग्रेस के चेयरमैन मनोज यादव ने कहा है कि जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव को सपा और भाजपा की नुराकुश्ती के चलते लोकतंत्र को लूटतंत्र में परिवर्तित कर दिया है।

उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी ने समझौता कर मुलायम सिंह के भतीजे अंशुल यादव को इटावा से निर्विरोध अध्यक्ष बनवाया और उसकी एवज में भाजपा ने एक दर्जन जिलों में किसी अन्य पार्टी के सदस्य का पर्चा नहीं भरने दिया।

मनोज यादव ने कहा कि जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में  भाजपा के सत्ता संरक्षण में धनबल और बाहुबल का नंगा नाच किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि सपा बसपा भाजपा की सरकारों ने उत्तर प्रदेश में ऐसे ही लोकतंत्र को खत्म करके अपने-अपने दलों के गुंडे और बाहुबलियों और धन पशुओं के लिए यह पद संरक्षित कर दिया है।

यहां जारी बयान में मनोज यादव ने कहा कि त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के माध्यम से कांग्रेस और पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने महात्मा गांधी के सपने ग्राम स्वराज्य को पूरा करने के लिए, और सत्ता का विकेंद्रीकरण कर सभी वर्गों व तबकों का समावेशी करण किया था, लेकिन क्षेत्रीय दलों और भारतीय जनता पार्टी ने इसे लुटेरों का अड्डा बना दिया है।

मनोज यादव ने आगे कहा कि मौजूदा दौर में पिछड़े वर्ग के हक़ और अधिकार पर डाका डालने वाली भाजपा आज चुनाव से ठीक पहले संगठन में चंद पिछड़ों को जगह देकर एक बार फिर पिछड़ों को गुमराह करना चाहती है। अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आज तक जो भी लाभकारी योजनाएं आयी है उसकी शिल्पकार कांग्रेस रही है। भाजपा ने कुचक्र रच कर पिछड़ा वर्ग के हकों पर हमेशा डाका डाला है। भाजपा का मूल राजनैतिक स्वर चरित्र ही पिछड़ा वर्ग विरोधी है।

खेती व लोकतंत्र पर हमला कर रही मोदी सरकार – आइपीएफ

सरकार यूएपीए, रासुका, राजद्रोह जैसे काले कानूनों के जरिए असहमति की हर आवाज को कुचलने और अभिव्यक्ति की आजादी पर हमला कर रही है – IPF

 खेती बचाओ-लोकतंत्र बचाओ‘ नारे पर हुआ प्रदर्शन

लखनऊ, 26 जून 2021, संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा तीनों काले कृषि कानूनों की वापसी और एमएसपी पर कानून बनाने की मांग पर जारी आंदोलन के सात माह पूरे होने और आपात काल के 46 वर्ष पूरे होने पर आयोजित ‘खेती बचाओ-लोकतंत्र बचाओ’ के राष्ट्रीय आवाहन पर आइपीएफ और मजदूर किसान मंच के कार्यकर्ताओं ने प्रदेश के गांव-गांव में प्रदर्शन किए।

यह जानकारी आल इंडिया पीपुल्स फ्रंट के राष्ट्रीय प्रवक्ता व पूर्व आईजी एस. आर. दारापुरी व जय किसान आंदोलन से जुड़े मजदूर किसान मंच के महासचिव डा. बृज बिहारी ने प्रेस को दी।

प्रदर्शन में आइपीएफ कार्यकत्र्ताओं ने खेती व लोकतंत्र को बचाने का संकल्प भी लिया। संकल्प प्रस्ताव में कहा गया कि मोदी राज में आज देश में आपातकाल से भी बदतर हालत हो गए है। सरकार यूएपीए, रासुका, राजद्रोह जैसे काले कानूनों के जरिए असहमति की हर आवाज को कुचलने और अभिव्यक्ति की आजादी पर हमला कर रही है। यहां तक कि दिल्ली हाईकोर्ट तक को कहना पड़ा कि इस सरकार ने आतंकवाद और सामान्य विरोध प्रदर्शन की बीच के फर्क को खत्म कर दिया है। देश में भयंकर बेराजगारी है, महंगाई पर सरकार का कोई नियंत्रण नहीं रह गया है। पेट्रोल-डीजल के दामों में हो रही दिन प्रतिदिन वृद्धि ने आम नागरिक के सामने आजीविका का संकट पैदा कर दिया है। हद यह है कि सैकड़ों किसानों की कुर्बानी और हर तरह की विध्न बाधाओं के बाद भी शांतिपूर्ण घरना कर रहे किसानों की जायज मांग को कारपोरेट हितों में लगी सरकार मानने के लिए तैयार नहीं है। ऐसे में देश में लोकतंत्र, खेती व सार्वजनिक सम्पदा की रक्षा के लिए बड़े पैमाने पर जन संवाद कायम करने का संकल्प प्रदर्शन में लिया गया।

विरोध प्रदर्शन का लखीमपुर खीरी में आइपीएफ के प्रदेश अध्यक्ष डा. बी. आर. गौतम, सीतापुर में मजदूर किसान मंच नेता सुनीला रावत, युवा मंच के नागेश गौतम, अभिलाष गौतम, लखनऊ में वर्कर्स फ्रंट अध्यक्ष दिनकर कपूर, एडवोकेट कमलेश सिंह, सोनभद्र में कृपाशंकर पनिका, मंगरू प्रसाद गोंड़, राजेन्द्र प्रसाद गोंड़, सूरज कोल, श्रीकांत सिंह, रामदास गोंड़, शिव प्रसाद गोंड़, महावीर गोंड,़ आगरा में आइपीएफ महासचिव ई. दुर्गा प्रसाद, चंदौली में अजय राय, आलोक राजभर, डा. राम कुमार राय, गंगा चेरो, रामेश्वर प्रसाद, इलाहाबाद में युवा मंच संयोजक राजेश सचान, अध्यक्ष अनिल सिंह, इंजीनियर राम बहादुर पटेल, ईशान गोयल, मऊ में बुनकर वाहनी के इकबाल अहमद अंसारी, बलिया में मास्टर कन्हैया प्रसाद, गोण्डा में अमरनाथ सिंह, बस्ती में एडवोकेट राजनारायण मिश्र, वाराणसी में प्रदेश उपाध्यक्ष योगीराज पटेल आदि ने नेतृत्व किया।

सेकुलरिज्म की प्रतिमूर्ति थीं स्वरूप कुमारी बक्शी – प्रमोद तिवारी

स्वरूप कुमारी बक्शी,प्रमोद तिवारी,धर्मनिरपेक्षता की प्रतिमूर्ति

 Swaroop Kumari Bakshi was the epitome of secularism

लखनऊ, 23 जून 2021. स्वरूप कुमारी बक्शी धर्मनिरपेक्षता की प्रतिमूर्ति थीं. उनके प्रयासों से ही उत्तर प्रदेश में उर्दू को नारायण दत्त तिवारी जी की कांग्रेस सरकार में दूसरी सरकारी ज़बान का दर्जा दिया गया था.

ये बातें वरिष्ठ कांग्रेस नेता श्री प्रमोद तिवारी ने कहीं। वे कल यहां अल्पसंख्यक कांग्रेस द्वारा पूर्व मन्त्री और कांग्रेस नेता रहीं स्वर्गीय स्वरूप कुमारी बक्शी के जन्मदिन पर आयोजित वेबिनार बक्शी दीदी और उनकी विरासतमें अपने विचार प्रकट कर रहे थे.

Former congress leader swaroop kumari bakshi didi

श्री तिवारी ने कहा कि स्वरूप कुमारी बक्शी जी एक मात्र विधायक और मन्त्री थीं जिन्हें विपक्ष के लोग भी विधान सभा के अंदर भी नाम ले कर संबोधित नहीं करते थे. उन्हें सभी लोग दीदी के नाम से ही संबोधित करते थे, जो उनकी लोकप्रियता और सर्व स्वीकार्यता को दर्शाता है.

पूर्व मन्त्री श्रीमती दीपा कौल ने कहा कि मन्त्री और विधायक रहते बक्शी दीदी ने आधुनिक लखनऊ की बुनियाद रखी थी. उन्होंने लखनऊ में न सिर्फ़ डॉ भीम राव अम्बेडकर विश्वविद्यालय की नींव रखी बल्कि फैज़ाबाद, कुमायूँ और गढ़वाल में भी विश्वविद्यालय बनवाया. उन्होंने गरीब परिवारों, विधवाओं, बुज़ुर्गों और कुष्ठ रोगियों के आर्थिक सहयोग के लिए योजनाएं बनवाई. स्लम में रहने वालों को बिना विस्थापित किये उनके नाम पट्टे दिलवाये.

अल्पसंख्यक कांग्रेस के प्रदेश चेयरमैन शाहनवाज़ आलम ने कहा कि कांग्रेस पार्टी बक्शी दीदी के जन सेवा के उदाहरण को कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी जी के नेतृत्व में घर-घर तक पहुंचा रही है. कोरोना संकट में कांग्रेस द्वारा किया जा रहा जन सेवा इसकी मिसाल है.

वेबिनार का संचालन प्रोफेशनल कांग्रेस के प्रदेश संयोजक सेवा निवृत आईएएस डॉ अनीस अंसारी ने किया. उन्होंने बक्शी दीदी के साहित्यिक पहलू पर चर्चा की.

वेबिनार में स्वरूप कुमारी बक्शी की बेटी उषा मालवीय, प्रोफेसर उषा सिन्हा, वरिष्ठ अधिवक्ता डॉ ओपी शर्मा, पूर्व कांग्रेस प्रदेश महासचिव डॉ प्रदीप अरोड़ा, कांग्रेस जन व्यथा सेल के संजय शर्मा, लखनऊ के पूर्व ज़िला अध्यक्ष शिराज़ वली खान, अल्पसंख्यक कांग्रेस के प्रदेश महासचिव खालिद मोहम्मद, प्रदेश सचिव मोहम्मद उमैर, मोहम्मद आलम आदि ने भी अपने विचार रखे.

किसानों के गेहूं खरीद की गारंटी करे सरकार, 15 जुलाई तक खोले जाए क्रय केंद्र: प्रियंका ने योगी को लिखा पत्र

Yogi Adityanath Priyanka Gandhi

गेहूं खरीद को लेकर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने लिखा सीएम योगी आदित्यनाथ को पत्र

Congress General Secretary Priyanka Gandhi wrote a letter to CM Yogi Adityanath regarding wheat procurement

प्रत्येक क्रय केंद्र खोले जाएं, किसानों से हो अधिकतम खरीद : प्रियंका गांधी

दिल्ली/लखनऊ,  21 जून 2021। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव प्रियंका गांधी ने यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर किसानों के खरीद की गारंटी सुनिश्चित करने की मांग की है।

मुख्यमंत्री को भेजे गए पत्र में प्रियंका गांधी ने लिखा है कि प्रदेश के तमाम जिलों से मुझे लगातार सूचनाएं आ रहीं हैं कि गेहूं की खरीद में किसानों को बहुत परेशानियां उठानी पड़ रही हैं। 1 अप्रैल से गेहूं की खरीद शुरू हुई लेकिन कोरोना माहमारी के चलते क्रय केंद्रों पर ताला लटकता रहा। जैसे ही किसानों गेहूं का क्रय केंद्रों पहुँचने लगा उसी समय खरीद को कम करके आधा कर दिया गया।

प्रियंका गांधी ने पत्र में लिखा है कि पंजाब और हरियाणा जैसे प्रदेशों में गेहूं की सरकारी ख़रीद कुल उत्पादन का 80-85% तक होती है, जबकि उत्तरप्रदेश में 378 लाख मीट्रिक टन उत्पादित गेहूं के मात्र 14% हिस्से की सरकारी केंद्रों पर खरीद हुई है। बहुत सारे किसान अपना गेहूं नहीं बेच पाए हैं। अब क्रय केंद्रों पर किसानों के गेहूं खरीद में सरकारी फरमानों के चलते अफसर नानुकूर कर रहे हैं।

महासचिव प्रियंका गांधी ने पत्र में लिखा है कि मुख्यमंत्री ने कहा था कि हम अंतिम किसान तक गेहूं खरीद की सुविधा देंगे, लेकिन बहुत सारे गाँवों में क्रय केंद्र बंद हो गए हैं और किसानों को दूर मंडियों में जाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। प्रदेश के कई हिस्सों में लगातार बारिश हो रही है, नमी के कारण गेहूं के सड़ने का खतरा है। इस स्थिति में किसान अपनी गाढ़ी पसीने की कमाई को औने पौने दाम पर बेचने को मजबूर होंगे।

उन्होंने पत्र में लिखा है कि कोरोना महामारी और महंगाई के चलते किसानों की हालत पहले से ख़राब है, ऐसे में उनकी फसल की खरीद न हो पाने या औने-पौने दामों में गेहूँ बेचने के लिए मजबूर होने जैसी स्थिति किसानों की कमर तोड़ देगी।

पत्र के अंत में कांग्रेस महासचिव श्रीमती प्रियंका गांधी ने तीन प्रमुख मांग की हैं।

महासचिव प्रियंका गांधी ने मांग की है कि क्रय केंद्रों पर 15 जुलाई तक किसानों के गेहूं खरीद की गारंटी की जाए।

उन्होंने मुख्यमंत्री को लिखा है कि प्रत्येक क्रय केंद्र पर खरीद की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए ताकि किसानों को अपना अनाज बेचने के लिए भटकना न पड़े।

महासचिव प्रियंका गांधी ने लिखा है कि कई जिलों से इस तरह की खबरें आ रहीं हैं कि एक किसान से एक बार में अधिकम 30 या 50 कुंतल गेहूं खरीदा जा रहा है। इससे किसान बहुत परेशान हैं। इसपर तत्काल प्रभाव से रोक लगाकर किसानों से अधिकतम खरीद की जाए।

ट्विटर के नेता रह गए हैं अखिलेश : मनोज यादव

manoj yadav congress

अन्य पिछड़ी जातियों समेत परिवार के बाहर के यादवों के लिए भी सपा में कोई जगह नहीं- मनोज यादव

कांग्रेस पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ का सपा पर बड़ा हमला।

अखिलेश यादव को बताया ट्विटर का नेता

समाजवादी पार्टी में पिछड़े वर्ग की दूसरी बिरादरियों के लिए कोई भी जगह नहीं एक परिवार का कब्जा है समाजवादी पार्टी में ।

लखनऊ, 18 जून 2021. उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पिछड़ा वर्ग विभाग के कार्यकारी अध्यक्ष मनोज यादव ने कहा है कि अखिलेश यादव संसद में सबसे कम सवाल पूछने वाले सांसद हैं. उत्तर प्रदेश में लगातार पिछड़े वर्ग के लोगों की हत्याएं होती रही, उनके साथ नाइंसाफी होती रही, पिछड़े वर्ग के नौकरियों में 69000 शिक्षक भर्ती में पिछड़े वर्ग की हकमारी हुई और लगातार पुलिस द्वारा फ़र्जी एनकाउंटर में इस समुदाय के लोगों को मारा गया. लेकिन संसद में इन सवालों को अखिलेश यादव ने कभी नहीं उठाया। अब वो सिर्फ़ ट्विटर के नेता रह गए हैं.

प्रदेश मुख्यालय से जारी बयान में मनोज यादव ने कहा कि अखिलेश यादव और उनका समूचा कुनबा उत्तर प्रदेश में यादवों का भावनात्मक दोहन कर रहा है. जहां पर यादव चुनाव लड़कर जीत सकते हैं वहां पर इनके परिवार के सदस्य चुनाव लड़ते और जीतते आ रहे हैं. लेकिन पिछले लोकसभा चुनाव में बसपा से गठबंधन के बाद भी फिरोज़ाबाद से रामगोपाल यादव के बेटे अक्षय यादव, कन्नौज से अखिलेश यादव की पत्नी डिंपल यादव, बदायूं से अखिलेश के चचेरे भाई धर्मेंद्र यादव भी चुनाव हार गए थे, जो साबित करता है कि अब यादव परिवार से जातिगत आधार वोट भी नाराज़ हो चुका है.

श्री यादव ने कहा कि जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में भी पिछड़ा वर्ग की रिजर्व सीटों पर इटावा से मुलायम सिंह यादव के नाती अंकुश यादव और हमीरपुर से धर्मेंद्र यादव के साले पुष्पेंद्र यादव की पत्नी बंदना यादव को टिकट दिया गया है, जिससे साबित होता है कि समाजवादी पार्टी एक परिवार और उनके रिश्तेदारों की पार्टी है. उत्तर प्रदेश के गरीब पिछड़े और वंचित यादव से भी इनका कोई लेना देना नहीं है जबकि अन्य पिछड़ी जातियों को यह लगता है कि सिर्फ यादवों का ही भला करते हैं और यादवों को ही टिकट देते हैं जबकि अन्य पिछड़ी जातियों सहित अन्य यादवों का भी हक मुलायम सिंह यादव का परिवार खा कर मोटा रहा है.

आस्था में अवसर तलाशने का कोई भी प्रयास करोड़ों भारतीयों की आस्था पर चोट : प्रियंका गांधी

priyanka gandhi mathura5

श्री राम मंदिर निर्माण ट्रस्ट का गठन पीएम ने किया, अब उनकी जिम्मेदारी है पाई-पाई का हिसाब दें : प्रियंका गांधी

देशवासियों की तरफ से हमारी माँग है कि सुप्रीम कोर्ट पूरे घोटाले की जाँच करवाए : प्रियंका गांधी

दिल्ली/लखनऊ, 16 जून 2021। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव श्रीमती प्रियंका गांधी वाड्रा ने श्रीराम मंदिर निर्माण में जमीन घपला को लेकर एक महत्वपूर्ण फेसबुक पोस्ट लिखा है।

महासचिव प्रियंका गांधी ने फेसबुक पोस्ट में लिखा है कि खबरों के अनुसार श्री राम मंदिर निर्माण ट्रस्ट द्वारा एक जमीन की खरीददारी में घपला हुआ है। अयोध्या की एक जमीन को 18 मार्च 2021 को दो लोग 2 करोड़ रुपए में खरीदते हैं।

प्रियंका गांधी ने लिखा है कि 2 करोड़ की यह जमीन सिर्फ पाँच मिनट के बाद प्रधानमंत्री जी द्वारा बनाए गए श्री राम मंदिर निर्माण ट्रस्ट की ओर से 18.5 करोड़ रु में खरीद ली गई। यानि जमीन की कीमत 5.5 लाख रु प्रति सेकंड की दर से बढ़ गई। क्या इस पर कोई विश्वास कर सकता है? मत भूलिए, यह सारा पैसा हिंदुस्तान की जनता द्वारा मंदिर निर्माण के दान और चढ़ावे के रूप में दिया गया था।

उन्होंने लिखा है कि जमीन की खरीद-बिक्री से सम्बंधित बैनामे और रजिस्ट्री में गवाहों के नाम एक समान हैं। एक गवाह मंदिर ट्रस्ट के ट्रस्टी हैं (जो RSS के पूर्व प्रांतीय कार्यवाहक रहे हैं) और दूसरे गवाह भाजपा नेता एवं अयोध्या के मेयर हैं।

प्रियंका गांधी ने फेसबुक पोस्ट में लिखा है कि श्री राम मंदिर ट्रस्ट के सचिव की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि जमीनों के रेट बढ़ गए हैं इसलिए इतना भुगतान हुआ है। सूचना के अनुसार सर्किल रेट पर भी आकलन करें तो इस क्षेत्र की इतनी जमीन का दाम लगभग 5 करोड़ रु होगा।

प्रियंका गांधी ने लिखा है कि आज के अखबारों में आई खबरों के अनुसार भी राम मंदिर निर्माण ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत श्री नृत्य गोपाल दास जी ने की ओर से भी ट्रस्ट के संचालन में मनमानेपन व अपारदर्शिता का आरोप लगाया गया है।

श्रीमती गांधी ने लिखा है कि देश के करोड़ों लोगों ने आस्था और भक्ति से प्रेरित होकर भगवान राम के मंदिर के लिए चढ़ावा दिया। हमारी कई सारी बहनों ने भगवान राम और माता सीता के प्रति श्रद्धा में अपनी जमापूँजी को उनके चरणों में अर्पित किया। भगवान के चढ़ावे में तो कोई भी हाथ नहीं लगाता। उस चढ़ावे में लोगों की श्रद्धा, भक्ति एवं आस्था गुँथी हुई होती है।

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने लिखा है कि श्री राम मंदिर निर्माण ट्रस्ट का गठन प्रधानमंत्री जी ने किया था। प्रधानमंत्री जी के बहुत करीबी लोग इसमें ट्रस्टी हैं। ट्रस्ट का सीधा आशय भरोसे से होता है। प्रधानमंत्री जी की जिम्मेदारी है कि प्रभु श्री राम के नाम भक्तों द्वारा चढ़ाई गई पाई-पाई का इस्तेमाल आस्था से जुड़े सामूहिक कार्य में हो, न कि किसी घोटाले में।

अपने फेसबुक पोस्ट के अंत में महासचिव प्रियंका गांधी ने लिखा है कि “आस्था में अवसर” तलाशने का कोई भी प्रयास करोड़ों भारतीयों की आस्था पर चोट है और महापाप का भागी है।

उन्होंने लिखा है कि माननीय सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर श्री राम मंदिर ट्रस्ट का गठन हुआ है। देशवासियों की तरफ से हमारी माँग है कि सुप्रीम कोर्ट पूरे घोटाले की अपनी निगरानी में जाँच करवाए।

पत्रकार सुलभ श्रीवास्तव हत्याकांड : प्रियंका गांधी ने लिखा योगी को पत्र, सीबीआई जांच की मांग

Yogi Adityanath Priyanka Gandhi

Journalist Sulabh Srivastava murder case: Priyanka Gandhi writes a letter to Yogi, demands CBI inquiry

पूरे प्रदेश में शराब माफियाओं और प्रशासन का गठजोड़, खत्म हो गया है कानून का इक़बाल: प्रियंका गांधी

मृतक परिवार को मिले न्याय, आर्थिक मदद भी करे सरकार: प्रियंका गांधी

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के निर्देश पर प्रतिनिधि मंडल पहुंचा प्रतापगढ़
मृतक पत्रकार सुलभ श्रीवास्तव के परिजनों से की मुलाकात, प्रतिनिधि मंडल ने प्रियंका गांधी के निर्देश पर परिजनों की आर्थिक मदद

दिल्ली/लखनऊ, 15 जून 2021। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव प्रियंका गांधी ने यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्रकार सुलभ श्रीवास्तव हत्याकांड के मामले में पत्र लिखा है।

पत्र में महासचिव प्रियंका गांधी ने लिखा है कि एबीपी न्यूज के पत्रकार श्री सुलभ श्रीवास्तव की जनपद प्रतापगढ़ में दिनांक 13 जून की रात संदिग्ध हालत में मृत्यु हो गई। वे एक न्यूज कवर करके घर वापस लौट रहे थे। खबरों के अनुसार वे एक ईंट भट्ठे के पास मृत मिले। उनके सिर पर गहरी चोट के निशान थे।

प्रियंका गांधी ने लिखा है कि 12 जून को सुलभ श्रीवास्तव ने ADG प्रयागराज जोन को एक पत्र लिखा था। पत्र में उन्होंने पुलिस अधिकारी को लिखा कि स्थानीय शराब माफिया अवैध शराब पर उनकी न्यूज रिपोर्ट से नाराज हैं और उन्हें अपनी और अपने परिवार की सलामती की चिंता है। प्रशासन को पत्र भेजे जाने के एक दिन बाद ही संदिग्ध हालातों में वे मृत पाए गए।

पत्र में महासचिव प्रियंका गांधी ने लिखा है कि सुलभ श्रीवास्तव के परिजनों एवं पत्रकार साथियों ने इस मामले की CBI जाँच कर सच सामने लाने की माँग की है।

प्रियंका गांधी ने मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में लिखा है कि उप्र में कई जगहों से जहरीली शराब से हुई मौतों की खबरें आई हैं। अलीगढ़ से लेकर प्रतापगढ़ तक जहरीली शराब के चलते सैकड़ों लोगों की मृत्यु हो चुकी है। ऐसे में एक पत्रकार द्वारा खबरें दिखाने को लेकर शराब माफ़ियाओं से ख़तरा होने की आशंका बताती है कि प्रदेश में कानून के राज इक़बाल खत्म हो चुका है। उप्र में बलिया, उन्नाव समेत कई जगहों पर पहले भी पत्रकारों पर हमले होते आए हैं।

प्रियंका गांधी ने पत्र लिखा है कि वह इस मामले की CBI जाँच करवाने की माँग करती हैं। प्रदेश भर जड़ जमा चुके शराब माफिया एवं प्रशासन के गठजोड़ पर कार्रवाई की जाए। इसके साथ पीड़ित परिवार और मृतक के आश्रितों को तुरंत आर्थिक मदद दी जाए।

पत्र के अंत में महासचिव प्रियंका गांधी ने लिखा है कि पत्रकारों और कलम के सिपाहियों को सुरक्षा देने का काम प्रदेश की कानून व्यवस्था का है। आशा है कि दिवंगत सुलभ श्रीवास्तव के परिवार को न्याय दिलाने की दिशा में आप सकारात्मक कदम उठाएँगे।

इसके साथ ही प्रियंका गांधी के निर्देश पर कांग्रेस का एक प्रतिनिधि मंडल आज प्रतापगढ़ पहुंचा, जिसने मृतक पत्रकार सुलभ श्रीवास्तव के परिजनों से मुलाकात की।

प्रतिनिधि मंडल ने प्रियंका गांधी के निर्देश पर परिजनों की आर्थिक मदद भी की। प्रतिनिधि मंडल में उपाध्यक्ष सुहेल अंसारी (विधायक) सुशील पासी, जिला अध्यक्ष बृजेंद्र मिश्रा समेत कई नेता शामिल थे।

लखनऊ को सँवारने में शीला कौल का बड़ा योगदान – दीपा कौल

deepa kaul

136 साल से देश को जोड़ने का काम कर रही है कांग्रेस – दीपा कौल

शीला कौल की छठवीं पुण्यतिथि पर अल्पसंख्यक कांग्रेस ने आयोजित की वेबिनार

लखनऊ, 13 जून 2021. पूर्व केंद्रीय मन्त्री शीला कौल की छठवीं पुण्यतिथि पर अल्पसंख्यक कांग्रेस द्वारा उनके व्यक्तित्व और विरासत पर वेबिनार आयोजित की गयी.

शीला कौल की बेटी पूर्व मन्त्री उत्तर प्रदेश सरकार दीपा कौल मुख्य अतिथि रहीं.

वरिष्ठ कांग्रेस नेता दीपा कौल ने कहा कि शीला जी सौ साल की उम्र तक जीवित रहीं और अंतिम समय तक वो कांग्रेस पार्टी के लिए काम करने को तत्पर रहती थीं. उनकी शख्सियत इतनी बड़ी थी कि एक बार अटल बिहारी वाजपेयी ने भी कहा था कि जब तक शीला कौल लखनऊ से चुनाव लड़ती रहेंगी वो वहां से नहीं लड़ेंगे.

दीपा कौल ने कहा कि लखनऊ को सँवारने में शीला कौल का बड़ा योगदान था.

नारायण दत्त तिवारी सरकार में मन्त्री रहीं दीपा कौल ने कहा कि कांग्रेस पिछले 136 साल से देश को जोड़ने का काम कर रही है. देश के विभिन्न वर्गों, धर्मों, जातियों, नस्लों, भाषाओं के लोगों के बीच समन्वय बनाना ही देश को एकजुट रखने की शर्त है. इस रास्ते पर बढ़ते रहना ही शीला जी को सच्ची श्रद्धांजलि होगी.

प्रोफेशनल कांग्रेस के उत्तर प्रदेश संयोजक और सेवा निवृत्त आईएएस अनीस अंसारी ने अलीगढ़ विश्वविद्यालय के अल्पसंख्यक दर्जे को बरक़ार रखने में शीला कौल के महत्वपूर्ण योगदान पर विस्तार से बात रखी.

संचालन वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व प्रदेश महासचिव डॉ प्रदीप अरोड़ा ने किया.

उन्होंने कहा कि नेहरू परिवार का हिस्सा होने के बावजूद उन्होंने लखनऊ के पार्षद पद से अपनी सियासी जीवन की शुरुआत की जो उनके संघर्षशील व्यक्तित्व को रेखांकित करता है.

उन्होंने शीला कौल द्वारा दूसरे देशों में भारत के प्रतिनिधि के बतौर उठाये मुद्दों पर भी रोशनी डाली.

वेबिनार की अध्यक्षता अल्पसंख्यक कांग्रेस के प्रदेश चेयरमैन शाहनवाज़ आलम ने की. उन्होंने कहा कि शीला कौल जी का व्यक्तित्व कांग्रेसजनों को प्रेरित करता रहेगा.

वेबिनार में एड. आनंद मोहन गुप्ता, उत्तराखंड के पूर्व राज्य मंत्री फुरकान अली, उत्तराखंड के पूर्व मन्त्री आबिद हुसैन, जमाल अहमद, अमरोहा से अली हुसैन नक़वी, मेरठ से डॉक्टर ओ पी शर्मा, संजय शर्मा ऐड, मुकेश शर्मा, उत्तराखंड कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता मथुरा दत्त जोशी, अलीगढ़ विश्वविधालय के पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष महेंद्र रावत, कांग्रेस प्रदेश संगठन सचिव संजीव शर्मा, वसी अहमद रिज़वी, सेराज वली खान, शाद सिद्दीकी, खालिद मोहम्मद, मोहम्मद अहमद, किताबुल्ला अंसारी, अजय सारस्वत, मिथुन त्यागी, देवेंन्द्र गोएल नेता व्यापार संघ मेरठ, साइमन फारूकी, सलमान कादिर, मेराज वली खान, श्रेया चौधरी, सुधांशु उपाध्याय, हुमायूं बेग, ताहिर अंसारी आदि उपस्थित रहे.

अखिलेश यादव के पास अब सजातीय वोटों का आधा हिस्सा भी नहीं बचा – शाहनवाज़ आलम

Shahnawaz Alam

लोकसभा चुनावों में यादव मतों का 29 प्रतिशत और विधान सभा चुनाव में 40 प्रतिशत ही बचा है सपा के पास

हर रविवार स्पीकअप माइनोरिटी अभियान के तहत अल्पसंख्यक कांग्रेस फेसबुक लाइव से मुसलमानों में खोलेगी सपा की पोल

लखनऊ, 6 जून 2021. अल्पसंख्यक कांग्रेस ने आज हर ज़िले और शहर इकाइयों द्वारा स्पीक अप माईनोरिटी अभियान के तहत फेसबुक लाइव के ज़रिये मुसलमानों की आबादी 20 प्रतिशत होने के बावजूद सपा पर मुसलमानो को धोखा देने और 5 प्रतिशत वाली एक जाति विशेष का विकास करने का आरोप लगाया.

अल्पसंख्यक कांग्रेस प्रदेश चेयरमैन शाहनवाज़ आलम ने बताया कि हर रविवार को फेसबुक लाइव के ज़रिये अल्पसंख्यक कांग्रेस सपा द्वारा मुसलमानों से वोट ले कर उनको ठगने के प्रति लोगों को जागरूक करेगी. आज प्रदेश के क़रीब दो हज़ार कार्यकर्ताओं ने लोगों को आंकड़ों के साथ बताया कि यह सबसे बड़ी अफवाह है कि यादव सपा का बेस वोट है. सपा की पूरी दुकान इसी अफवाह पर चल रही थी लेकिन अब मुसलमान सच्चाई समझ चुका है कि यह वोट बैंक 2014 के बाद से ही सपा से खिसक चुका है. इसलिए अब इसके झांसे में नहीं आना है.

शाहनवाज़ आलम ने बताया कि फेसबुक लाइव के ज़रिये आज मुसलमानों को बताया गया कि 2009 में यादव मतों का 73 प्रतिशत वोट सपा को मिला जो 2014 में घट कर 53 प्रतिशत हो गया. वहीं 2019 के लोकसभा चुनाव में सपा को बसपा से गठबंधन के बावजूद सिर्फ़ 29 प्रतिशत यादव वोट ही मिला. उसे जीत भी सिर्फ़ मुस्लिम बहुल सीटों पर मिली और बदायूं, फिरोजाबाद, कन्नौज, इटावा जैसी यादव बहुल सीटें बुरी तरह हार गयी क्योंकि मुलायम सिंह यादव जी के सजातीय वोटरों ने भाजपा को वोट दिया.

इसी तरह यह भी बताया गया कि 2007 के विधान सभा चुनाव में यादव मतों का 72 प्रतिशत और 2012 में 66 प्रतिशत सपा को मिला. लेकिन 2017 के विधान सभा चुनाव में सिर्फ़ 40 प्रतिशत यादव वोट ही सपा ले पायी. जिसका साफ मतलब है कि 5 प्रतिशत यादव वोट का अब आधा से भी कम यानी कुल सवा दो प्रतिशत यादव वोट ही सपा के पास है.

शाहनवाज़ आलम ने बताया कि आने वाले सप्ताहों में 1992 के कानपुर दंगों जिसमें 258 लोग मारे गए थे, के दोषी पुलिस अधिकारियों को मुलायम सिंह यादव द्वारा बरी करने, मुख्य आरोपी को डीजीपी बनाने और इस घटना की जांच के लिए बनी माथुर कमिशन की रिपोर्ट को दबाने जैसे तमाम मसलों पर फेसबुक लाइव के ज़रिये लोगों को सपा की सच्चाई बताई जाएगी.

दमन से नहीं रूकेगा किसान आंदोलन – आइपीएफ

Farmers Protest

Farmers movement will not stop with repression – IPF

आइपीएफ कार्यकर्ताओं ने जलाई कृषि कानूनों की प्रतियां

 लखनऊ, 5 जून 2021, संयुक्त किसान मोर्चा की तरफ से काले कृषि कानूनों के लागू होने के एक वर्ष पूरा होने पर दिए आवाहन के तहत आल इंडिया पीपुल्स फ्रंट व जय किसान आंदोलन से जुड़े मजदूर किसान मंच के कार्यकर्ताओं ने उत्तर प्रदेश के गांव-गांव में तीनों कृषि कानूनों की प्रतियां जलाकर सरकार से इसे वापस लेने और एमएसपी पर कानून बनाने की मांग की।

इस कार्यक्रम की जानकारी आइपीएफ के राष्ट्रीय प्रवक्ता व पूर्व आईजी एस. आर. दारापुरी व मजदूर किसान मंच के महासचिव डा. बृज बिहारी ने प्रेस को दी।

उन्होंने चंदौली में आइपीएफ नेता अजय राय को अलसुबह ही घर में नजरबंद करने और सोनभद्र में आइपीएफ जिला संयोजक कृपाशंकर पनिका व मजदूर किसान मंच के जिलाध्यक्ष राजेन्द्र प्रसाद गोंड़ को म्योरपुर पुलिस द्वारा गिरफ्तार करने की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि दमन के बूते मोदी और योगी सरकार किसानों के आंदोलन को नहीं रोक सकती अब यह जनांदोलन बन चुका है जिसे समाज के हर वर्ग का समर्थन मिल रहा है।

आज युवा मंच ने वर्चुअल रोजगार संवाद कार्यक्रम में प्रस्ताव लेकर किसानों के आंदोलन व उनकी मांगों का समर्थन किया।

विरोध प्रदर्शन का लखीमपुर खीरी में आइपीएफ के प्रदेश अध्यक्ष डा. बी. आर. गौतम, सीतापुर में मजदूर किसान मंच नेता सुनीला रावत, युवा मंच के नागेश गौतम, अभिलाष गौतम, लखनऊ में वर्कर्स फ्रंट अध्यक्ष दिनकर कपूर, उपाध्यक्ष उमाकांत श्रीवास्तव, एडवोकेट कमलेश सिंह, सोनभद्र में कृपाशंकर पनिका, मंगरू प्रसाद गोंड़, राजेन्द्र प्रसाद गोंड़, सूरज कोल, श्रीकांत सिंह, रामदास गोंड़, शिव प्रसाद गोंड़, महावीर गोंड,़ आगरा में आइपीएफ महासचिव ई. दुर्गा प्रसाद, चंदौली में आलोक राजभर, डा. राम कुमार राय, गंगा चेरो, रामेश्वर प्रसाद, इलाहाबाद में युवा मंच संयोजक राजेश सचान, अध्यक्ष अनिल सिंह, इंजीनियर राम बहादुर पटेल, ईशान गोयल, मऊ में बुनकर वाहनी के इकबाल अहमद अंसारी, बलिया में मास्टर कन्हैया प्रसाद, बस्ती में एडवोकेट राजनारायण मिश्र, श्याम मनोहर जायसवाल, वाराणसी में प्रदेश उपाध्यक्ष योगीराज पटेल आदि ने नेतृत्व किया। 

राजनाथ सिंह के गांव में तीनों कृषि कानूनों की प्रतियां जलाने का ऐलान : आइपीएफ नेता अजय राय नजरबंद

ajai rai house arrest

चकिया (उत्तर प्रदेश), 5 जून 2021. केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के गांव में प्रतीकात्मक रूप से आज तीनों कृषि कानूनों की प्रतियां जलाए जाने के ऐलान पर आल इंडिया पीपुल्स फ्रंट के राज्य कार्य समिति के सदस्य अजय राय को नजरबंद कर दिया गया।

यह जानकारी देते हुए अजय राय ने कहा कि संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा 5 जून ‘सम्पूर्ण क्रांति आंदोलन‘ के दिवस पर तीनों काले कृषि कानूनों की प्रतियां गाँव गाँव में जलाने का निर्णय हुआ था! लेकिन आज सुबह ही घर पर  ही पुलिस ने हमें नजरबंद कर दिया और कहा कि आपको घर पर रहना हैं। घर के अंदर पुलिस का पहरा लगा दिया गया है।

पुलिस द्वारा नजरबंद किए जाने पर उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के नियम को पालन करते हुए आज हम किसान विरोधी तीनो कानून का विरोध करते लेकिन भाजपा सरकार किसानों के आंदोलन से डरी हैं और किसानों व किसान नेताओं को हर लोकतांत्रिक अधिकार जो संविधान व संसद ने दिया हैं उस हमला कर रही है।

उन्होंने कहा कि उन्हें आज माननीय रक्षामंत्री राजनाथ सिंह के गाँव में किसानों के बुलावे पर जाकर किसानों के हित बताकर लाए गये किसान विरोधी बिल उसके बारे में जानकारी देना था और प्रतिकात्मक रूप शान्ति पूर्वक तरीके से किसान विरोधी बिल का  विरोध करना था और उसकी प्रति जलानी थी लेकिन घर से निकलने के पूर्व ही घर का बाहर पुलिस का पहरा लगा दिया गया, जो पूरी तरह से गलत है। जब हम कोविड-19 का पालन करते हुए घर-घर अकेले घूमते और अकेले प्रतीकात्मक रूप से हम किसान विरोधी बिल की प्रति हम जलाते तो यह भी सरकार को मंजूर नहीं है।

उन्होंने यह भी कहा कि कोविड -19 के कारण पैदा हो रहे गम्भीर बेरोजगारी के संकट के मद्देनजर मनरेगा में रोजगार व समयबद्ध मजदूरी के लिए सरकार को बड़ी तेजी से पहल लेनी चाहिए, लेकिन चकिया ब्लॉक में मिट्टी के कार्य में भी अधिकारियों के द्वारा कमीशन की मांग व मनरेगा एपीओ के अड़ियल रुख ने मनरेगा के काम में तेजी नहीं होने दे रहा है।

उन्होंने कहा कि यह किसान विरोधी कानून कारपोरेट घरानों के हित के लिए बनाया गया है। यह बिल से धीरे-धीरे समर्थन मूल्य को खत्म करेगा ही वही गरीबों के मिलने वाली राशन पर भी संकट खड़ा करेगा। सरकार का अड़ियल रुख ही है या फिर सरकार कारपोरेट घरानों के दबाव में हैं कि छ: माह से ऊपर किसान दिल्ली के बॉर्डर पर आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन सरकार समस्या को हल करने की जगह दमन कर रहीं है।

किसानों के निजी नलकूपों पर मीटर लगाने के फैसले को तत्काल रद्द करे राज्य सरकार : भाकपा

Communist Party of India CPI

भाकपा का प्रेस बयान

State government should immediately cancel the decision to install meters on farmers’ private tube wells: CPI

लखनऊ- 4 जून 2021,  भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने राज्य सरकार से पूछा है कि वह किसानों को प्रताड़ित करने के किसी भी मौके को क्यों नहीं छोड़ रही है। क्यों बार-बार ऐसे प्रयास किये जा रहे हैं कि किसान अपने खेतों को छोड़ने को मजबूर हो जायें और सरकार उन्हें अपने कॉरपोरेट दोस्तों के हवाले कर दे।

भाकपा ने एक प्रेस बयान में कहा कि तीनों काले कृषि कानूनों से जूझ रहे और महंगे खाद और डीजल की मार से हलकान किसानों पर उत्तर प्रदेश में एक और बड़ा हमला होने जा रहा है।

उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा हाल ही में निजी नलकूपों में मीटर लगाने के आदेश जारी किये जा चुके हैं। सरकार के इस आदेश को पालन करते हुए बिजली विभाग ने अपने अधीनस्थों को निर्देश जारी कर दिए हैं।

यदि ऐसा हुआ और निजी नलकूपों में मीटर लग जाते हैं तो कृषि के लिये फ्लैट रेट की बिजली हमेशा के लिये समाप्त हो जायेगी और घरेलू बिल की तरह नलकूपों के बिलों में भारी बढ़ोतरी हो जायेगी। इससे नलकूपों के बिलों के भुगतान में पहले से ही असमर्थ किसानों पर असहनीय बोझ पड़ेगा।

जाहिर है महंगी बिजली के चलते फसलों की उत्पादन लागत और बढ़ जाएगी। पहले से अलाभकर खेती पूरी तरह घाटे का सौदा बन जाएगी। पहले से कर्ज में डूबे किसान और भी कर्जे में डूब जायेंगे और

परिणामस्वरूप किसान खेत छोड़ने को मजबूर होगे। भाजपा ऐसा ही चाहती भी है।

भाकपा ने राज्य सरकार से मांग की कि वह किसानों के निजी नलकूपों पर इस मीटर प्रणाली लादने के फैसले को तत्काल रद्द करे।

अपनी नहीं तो अपने पद और गोरखनाथ जी की गरिमा का खयाल रखें मुख्यमंत्री – शाहनवाज़ आलम

Shahnawaz Alam Yogi Adityanath

सवाल उठाने वाले पत्रकारों को एनएसए लगाने की धमकी देने वाले गोरखपुर डीएम हों निलंबित

पत्रकार को एनएसए लगाने की धमकी देने वाले गोरखपुर डीएम का ऑडियो किया जारी

बिना सहमति के कथित तौर पर जबरन मुसलमानों की जमीन छीनने का मामला

लखनऊ, 3 जून 2021. अल्पसंख्यक कांग्रेस प्रदेश चेयरमैन शाहनवाज़ आलम ने मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ पर गोरखनाथ पीठ के पड़ोस में बसे मुस्लिम परिवारों पर दबाव डाल कर जमींन कब्ज़ाने का आरोप लगाया है. उन्होंने इसे संत गोरखनाथ की शिक्षा के विरुद्ध धर्म विरोधी आचरण भी बताया है.

प्रदेश मुख्यालय से जारी बयान में शाहनवाज़ आलम ने कहा कि गोरखनाथ मठ के दक्षिण पूर्वी कोने पर स्थित ग्राम टप्पा परगना हवेली के पास  एक सौ पच्चीस सालों से बसे मुस्लिम परिवारों से जबरन अपनी मर्ज़ी से जमीन खाली करने की सहमति पत्र पर प्रशासन ने हस्ताक्षर करवा लिया है. उन्होंने कहा कि कई पत्रकारों से लोग एसडीएम द्वारा पत्र पर जबरन हस्ताक्षर कराने की बात रेकॉर्ड पर कह चुके हैं और मीडिया में इसकी खबरें भी चल रही हैं. लेकिन लोगों को न्याय दिलाने के बजाए डीएम विजेंद्र पांडियन न सिर्फ़ जबरन हस्ताक्षर कराने की बात को नकार रहे हैं बल्कि खबर चलाने वाले पत्रकारों पर ही उल्टे एनएसए लगाने की बात कर रहे हैं.

उन्होंने दिल्ली स्थित एक मीडिया पोर्टल के पत्रकार को डीएम की धमकी वाला ऑडियो भी जारी किया है.

शाहनवाज़ आलम ने गोरखपुर डीएम को तत्काल निलंबित करने और पूरे प्रकरण की न्यायिक जाँच कराने की मांग की है.

शाहनवाज़ आलम ने कहा कि मुख्यमंत्री जी को अपने पद और महान संत गोरखनाथ जी की गरिमा का खयाल रखते हुए ऐसे अनैतिक और लोकतंत्र विरोधी काम नहीं करना चाहिए.

उन्होंने कहा कि योगी जी को ज़मीन क़ब्ज़ाने के बजाए अपनी जनता को कोरोना से बचाने के लिए होस्पिटल, ऑक्सीजन, और वैक्सीन की व्यवस्था करने में ऊर्जा लगानी चाहिए.