राजनीति व मीडिया जैसे विषय पर पुस्तक लिखने वाली महिलाओं की संख्या नगण्य

rajniti aur media pustak lokarpan leena 24-9-20

बिहार में कभी भी पत्रकारिता का सुनहरा वक्त नहीं रहा। 1970 के दशक में ग्रास रूट की चर्चा पत्रकारिता में नहीं दिखती थी। खबरों के साथ भेदभाव किया जाता था।