बागबान की याद दिलाती है ‘औलाद रो रंग’

‘औलाद रो रंग’ में एक्टर्स तमाम अपना काम फिल्म के मुताबिक करते नजर आते हैं। निर्देशन कुलमिलाकर ठीक है। वहीं एडिटिंग काबिले गौर है तो इसका एकमात्र गाना आंखें नम करता है। बी जी एम, साउंड, म्यूजिक के मामले में ठीक रही इस फिल्म को देख लेना सार्थक होगा।

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