आंखों में आंखें डाल कर देखता है किसानों का मित्र संकटाग्रस्त मरुभूमि का रोबदार स्याहगोश

Know all about Caracal in Hindi | जानिए स्याहगोश के बारे में

प्रकृति में कई प्रकार के पारिस्थितिकी तंत्र (Ecosystem) हैं, जिनकी अपनी-अपनी जैव-विविधता (Biodiversity) के कारण एक विशिष्ट पहचान होती है। एक ऐसा ही पारिस्थितिकी तंत्र जो न केवल शुष्क होता है बल्कि उसमें वर्षा जल व आर्द्रता का भी अभाव होता है। दिन में इसका तापमान 52 डिग्री सेंटीग्रेड से ऊपर व रात्रि को शून्य

राजस्थान में गजब की राजनीतिक रगड़ाई चल रही है ! आक्रामकता अब अशोक गहलोत का नया हथियार है

Ashok Gehlot ki Ragdai

राजस्थान की राजनीति (Rajasthan politics) में सबसे अधिक प्रचलित शब्द इन दिनों रगड़ाई बनता जा रहा है, हालांकि यह शब्द को हिंदी शब्द रगड़ के साथ आई लगाने से बनता है, पर है एकदम देशज शब्द, जिसके बारे में अंग्रेजीदां लोग कम ही जानते हैं. रगड़ाई शब्द को इस रूप में लोकप्रिय बनाने का पूरा

ऐसा नहीं है कि असहिष्णुता सिर्फ सवर्णों की होती है, बाबासाहेब जैसे अद्भुत विद्वान राजनेता के अनुयायी भी कम असहिष्णु नहीं

पलाश विश्वास जन्म 18 मई 1958 एम ए अंग्रेजी साहित्य, डीएसबी कालेज नैनीताल, कुमाऊं विश्वविद्यालय दैनिक आवाज, प्रभात खबर, अमर उजाला, जागरण के बाद जनसत्ता में 1991 से 2016 तक सम्पादकीय में सेवारत रहने के उपरांत रिटायर होकर उत्तराखण्ड के उधमसिंह नगर में अपने गांव में बस गए और फिलहाल मासिक साहित्यिक पत्रिका प्रेरणा अंशु के कार्यकारी संपादक। उपन्यास अमेरिका से सावधान कहानी संग्रह- अंडे सेंते लोग, ईश्वर की गलती। सम्पादन- अनसुनी आवाज - मास्टर प्रताप सिंह चाहे तो परिचय में यह भी जोड़ सकते हैं- फीचर फिल्मों वसीयत और इमेजिनरी लाइन के लिए संवाद लेखन मणिपुर डायरी और लालगढ़ डायरी हिन्दी के अलावा अंग्रेजी औऱ बंगला में भी नियमित लेखन अंग्रेजी में विश्वभर के अखबारों में लेख प्रकाशित। 2003 से तीनों भाषाओं में ब्लॉग

वरिष्ठ पत्रकार पलाश विश्वास का यह आलेख हस्तक्षेप पर मूलतः April 19, 2016 को प्रकाशित हुआ था। पाठकों के लिए पुनर्प्रकाशन हम दीपा कर्मकार की उपलब्धियों (achievements of Deepa Karmakar) पर लिख नहीं रहे हैं। इस बारे में अगर आपकी दिलचस्पी है तो मीडिया के सौजन्य से आपको काफी कुछ जानकारी अब तक मिली होगी,