सत्ताधारियों का गोडसेवादी हिंदुत्व न तो संतों की परंपरा का है और ना गांधी की

Mahatma Gandhi

आरएसएस का गोडसे प्रेम : गोडसे के भारत के सामने गांधी का भारत कमजोर पड़ रहा है. गांधी का भारत एकता, समावेशिता, स्नेह और करूणा पर आधारित है. आज के सत्ताधारियों द्वारा इन मूल्यों की अवहेलना की जा रही है

डॉ. राम पुनियानी का लेख : काशी मथुरा-मंदिर की राजनीति की वापसी

Dr. Ram Puniyani - राम पुनियानी

Kashi- Mathura: Will Temple Politics be Revived? Ram Puniyani | राम पुनियानी दिनदहाड़े बाबरी मस्जिद ध्वस्त किए जाते समय एक नारा बार-बार लगाया जा रहा था “यह तो केवल झांकी है, काशी मथुरा बाकी है”. सर्वोच्च न्यायालय ने बाबरी मस्जिद की भूमि उन्हीं लोगों को सौंपते हुए जिन्होंने उसे ध्वस्त किया था, यह कहा था

सदियों रहा है दुश्मन, दौर-ए-जहाँ हमारा।।

opinion

“सारे जहां से अच्छा हिन्दोस्ताँ हमारा/ कुछ बात है कि हस्ती मिटती नहीं हमारी।… सदियों रहा है दुश्मन, दौर-ए-जहाँ हमारा।। There is an undeclared emergency situation in the country. देश गंभीर परिस्थितियों से गुजर रहा है। देश के हालात पर कुछ लिखना, कहना और विमर्श करना भी कठिन होता जा रहा है। एक अघोषित आपात काल जैसी

नागरिकता पूछना ही भारतीयों का अपमान – अखिलेन्द्र

Akhilendra Pratap Singh

नागरिक बोध ही राष्ट्रवाद की पहचान Citizenhood is the hallmark of nationalism कृपाशंकर पनिका अध्यक्ष व तेजधारी मंत्री चुने गए ठेका मजदूर यूनियन का 17 वां जिला सम्मेलन पिपरी में हुआ Swami Vivekananda had said that one should not distinguish a refugee on the basis of religion. रेनूकूट, सोनभद्र, 13 जनवरी 2020, उस समय जब देश