यूपीएसएसएफ लोकतांत्रिक आवाजों को कुचलने का औजार- रिहाई मंच

Rajeev Yadav

UPSSF tool to crush democratic voices – Rihai Manch रिहाई मंच ने उमर खालिद की गिरफ्तारी पर उठाया सवाल, तत्काल रिहाई की मांग जो पुलिसिया कार्रवाई पहले अवैध रूप से होती थी, अब उसे एसएसएफ के जरिए वैध कर दिया गया ये स्पेशल फोर्स की आड़ में कानून है जो संवैधानिक नागरिक अधिकारों का दमन

देश बेचना बंद करो! लोकतांत्रिक-सेक्युलर मुल्क के बतौर भारत की जीवन यात्रा में 5 अगस्त ‘काला दिन’

Rinku Yadav Rajeev Yadav

बहुजनों के लिए 5 अगस्त ‘काला दिन‘ नई दिल्ली/ लखनऊ/ पटना 05 अगस्त 2020. रिहाई मंच, सामाजिक न्याय आंदोलन (बिहार), बिहार फुले-अंबेडकर युवा मंच, बहुजन स्टूडेन्ट्स यूनियन, सामाजिक न्याय मंच, अब-सब मोर्चा सहित कई संगठनों की ओर राम मंदिर निर्माण के भूमि पूजन व शुभारंभ के आयोजन में प्रधानमंत्री और यूपी के मुख्यमंत्री के शामिल

संविधान-कानून के खिलाफ जाकर रिकवरी, गुण्डा एक्ट, गैंगेस्टर की हो रही है कार्रवाई- रिहाई मंच

Rajeev Yadav

लखनऊ, 3 जूलाई 2020। रिहाई मंच ने उत्तर प्रदेश के मऊ, लखनऊ, कानपुर समेत कई जिलों में सीएए विरोधी आंदोलन के नेताओं पर हत्या, गैंगेस्टर और गुंडा एक्ट जैसे गंभीर मुकदमों में फर्जी में फंसाए जाने को लोकतांत्रिक अधिकारों का खुला उल्लंघन बताया. आंदोलनकारियों पर दोष सिद्ध हुए बिना कुर्की और सम्पत्ति को नोटिस दिए

तीन दिन बाद भी मजदूर का पोस्टमार्टम नहीं, रिहाई मंच ने कहा कि सरकार कम से कम मरने के बाद इस तरह का व्यवहार न करे

Even after three days, the post-mortem of the laborer, the RIHAI MANCH said that the government should not behave in this manner at least after death

तीन दिन बीत जाने के बाद भी पोस्टमार्टम न होने पर रिहाई मंच ने कहा कि सरकार जिंदा मजदूर का सम्मान नहीं कर सकती तो कम से कम मरने के बाद इस तरह का व्यवहार न करे Even after three days, the post-mortem of the laborer, the RIHAI MANCH said that the government should not

मोदी सरकार की श्रमिक ट्रेनें बनी मजदूरों की अर्थी, रेल मंत्री पर दर्ज हो तत्काल मुकदमा – रिहाई मंच

Maut ki train

ट्रेनों में मजदूरों की मौत के लिए रेल मंत्री जिम्मेदार दर्ज हो तत्काल मुकदमा- रिहाई मंच Railway Minister responsible for the death of laborers in trains, should be immediately registered – Rihai Manch मृतक मजदूरों को पांच-पांच करोड़ रुपया मुआवजा दे सरकार मृतक प्रवासी मजदूरों के परिजनों से मिलेगा रिहाई मंच लखनऊ 27 मई 2020।

इस महामारी में कहां हैं पूर्वांचल विकास बोर्ड और पूर्वांचल विकास निधि – रिहाई मंच

Rihai Manch

आखिर जब गोरखपुर प्रवासी मजदूरों के लिए वेब साईट लांच कर सकता है तो पूर्वांचल विकास बोर्ड और पूर्वांचल विकास निधि क्यों नहीं Where are Purvanchal Development Board and Purvanchal Development Fund in this epidemic – Rihai Manch आज़मगढ़ 27 अप्रैल 2020। रिहाई मंच ने कहा कि पूर्वांचल के प्रवासी मज़दूर बड़ी संख्या में महानगरों

रिहाई मंच ने डीजीपी से कहा भाजपा विधायक के खिलाफ हो कानूनी कार्रवाई

Rihai Manch

Rihai Manch asked DGP to take legal action against BJP MLA लखनऊ, 17 अप्रैल 2020 : भाजपा विधायक सहेंद्र सिंह चौहान द्वारा फेसबुक पर साम्प्रदायिक विद्वेष फैलाने को लेकर रिहाई मंच ने डीजीपी यूपी से कानूनी कार्रवाई की मांग की है। रिहाई मंच महासचिव राजीव यादव के पत्र का मजमून निम्न है –   प्रति,

रिहाई मंच अध्यक्ष मो. शोएब की गिरफ्तारी की निंदा

Mohd. Shoeb

सीएए-विरोधी आंदोलनकारियों की फोटो अपराधियों की तरह चौराहों पर लगाना असंवैधानिक : माले लखनऊ, 7 मार्च। भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (माले) की राज्य इकाई ने रिहाई मंच के अध्यक्ष मो. शोएब की शनिवार को यहां उनके आवास से की गई गिरफ्तारी की कड़ी निंदा की है। इसके साथ ही, पार्टी ने सीएए-एनआरसी-एनपीआर के खिलाफ गत

भाकपा (माले) ने रिहाई मंच अध्यक्ष को नजरबंद करने की निंदा की

Mohd. Shoeb

CPI-ML condemns house arrest of Rihai Manch President लखनऊ, 18 दिसंबर। भाकपा (माले) की राज्य इकाई ने रिहाई मंच अध्यक्ष मुहम्मद शोएब को यहां उनके घर पर नजरबंद करने की कड़ी निंदा की है। माले राज्य सचिव सुधाकर यादव ने नागरिकता संशोधन कानून (Citizenship amendment Act) और एनआरसी के खिलाफ गुरुवार को घोषित वाम दलों

नागरिकता संशोधन अधिनियम के खिलाफ रिहाई मंच और सिटिज़ंस अगेंस्ट हेट ने सुप्रीम कोर्ट में दायर की याचिका

The Supreme Court of India. (File Photo: IANS)

Petition against Citizenship Amendment Act, Rihai Manch and Citizens Against hate petition filed in Supreme Court संवैधानिक वस्तु–स्थिति बचाए रखने के लिए अंत तक लड़ेगा रिहाई मंच लखनऊ 13 दिसंबर 2019। रिहाई मंच ने नव पारित विवादित नागरिकता अधिनियम (संशोधित 2019) के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका (Public Interest Litigation in Supreme Court against