दूरसंचार ने कैसे बदली जिंदगी!

World Information Society Day (विश्व दूरसंचार दिवस)

How did telecommunications change life!

अंतरराष्ट्रीय दूरसंचार दिवस पर विशेष | World Telecommunications Day in Hindi | World Telecommunication And Information Society Day in Hindi

नई दिल्ली, 17 मई : इंटरनेट ने दूरियों को खत्म कर दिया है और स्मार्टफोन की बदौलत सारा संसार जैसे हमारी हथेली में सिमट गया है। स्मार्टफोन को यह ताकत दूरसंचार तकनीक से मिली है, जिसने दुनिया को एक सूत्र में पिरोने का काम किया है। जीवन का अभिन्न अंग बन चुके दूरसंचार माध्यमों की अहमियत कोरोना वायरस के संक्रमण (Corona virus infection) से उपजी कोविड-19 महामारी (COVID-19 Pandemic) में अधिक प्रभावी रूप में उभरकर आयी है। संक्रमण से बचने के लिए लोग जिस ‘वर्क फ्रॉम होम’ यानी घर से काम करने की सुविधा का लाभ उठा पाने में सक्षम हुए हैं, वह दूरसंचार की कोख से जन्मी सूचना प्रौद्योगिकी क्रांति से ही संभव हो सकी है।

World Information Society Day (विश्व दूरसंचार दिवस)

दूरसंचार के इस योगदान को याद करने और उसके प्रति जागरूरकता का प्रसार करने के मकसद से प्रत्येक वर्ष 17 मई को अंतरराष्ट्रीय दूरसंचार दिवस मनाया जाता है। संयुक्त राष्ट्र और अन्य वैश्विक मंचों से मिले इस आयोजन के प्रोत्साहन पर हमेशा समय और परिस्थितियों की छाप देखने को मिली है। यही कारण है कि इस साल अंतरराष्ट्रीय दूरसंचार दिवस की थीम ‘ट्रांसफॉर्मिंग इन चैलेंजिंग टाइम्स’ यानी चुनौतीपूर्ण दौर में कायाकल्प रखी गई है, जो कोविड-19 के चुनौतीपूर्ण समय को देखते हुए प्रासंगिक ही कही जाएगी।

जानिए पहला विश्व दूरसंचार दिवस कब मनाया गया

वर्ष 1865 में अंतरराष्ट्रीय टेलीग्राफ कन्वेंशन अस्तित्व में आया था। उसकी याद में पहली बार वर्ष 1969 में अंतरराष्ट्रीय दूरसंचार दिवस का आयोजन हुआ। उसके उपरांत 2005 में संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 17 मई का दिन विश्व दूरसंचार एवं सूचना सोसायटी दिवस (ड्ब्ल्यूएसआईएसडी) के रूप में अधिकृत किया। इससे जुड़ी एक दिचलस्प बात यह भी है कि जिस दिन संयुक्त राष्ट्र ने यह घोषणा की, उस दिन की तारीख भी 17 मई ही थी। उसके बाद से यह एक परंपरा बन गई। इस पर आधिकारिक मुहर नवंबर 2006 में तुर्की के शहर अंताल्या में लगी। इस आयोजन का उद्देश्य पूरी दुनिया में संचार और इंटरनेट को लेकर जागरूकता का प्रसार करना है।

इन दिनों देश में 5जी परीक्षण को लेकर मिथ्या प्रचार चल रहा है, ऐसे दुष्प्रचारों की काट करना भी इस आयोजन का एक उद्देश्य है। इसके साथ ही, बड़े शहरों और आर्थिक केंद्रों में अपेक्षाकृत बेहतर दूरसंचार एवं इंटरनेट सेवाओं के सापेक्ष दूरदराज के इलाकों और ग्रामीण क्षेत्रों में कमजोर सेवाओं के रूप में जो ‘डिजिटल डिवाइड’ की खाई है, उसे पाटना भी इसका एक उद्देश्य है। इस दिन का एक लक्ष्य इन सुदूरवर्ती और ग्रामीण क्षेत्रों के निवासियों के लिए सूचना और संचार को सुलभ बनाने के समाधान तलाशने पर मंथन करना भी है। इसके साथ ही, यह इंटरनेट और नई प्रौद्योगिकियों द्वारा प्रवर्तित उन परिवर्तनों से परिचय कराता है, जो जीवन को सुगम बनाने में सार्थक भूमिका निभा रहे हैं।

दूरसंचार ने मानवीय जीवन के कायाकल्प में उल्लेखनीय योगदान दिया है। लेकिन, इसकी महत्ता और उपयोगिता कोरोनाकाल में और ज्यादा बढ़ी है। बेलगाम होते कोरोना संक्रमण को रोकने में लॉकडाउन और अन्य बंदिशों का सहारा लेना पड़ा है। इसके कारण लोगों की आवाजाही कम हुई है। लोगों को घर से बाहर न निकलना पड़े, और उनके दफ्तर का कामकाज भी प्रभावित न हो, इसमें दूरसंचार और सूचना प्रौद्योगिकी ने ‘वर्क फ्रॉम होम’ की संकल्पना को साकार किया है। इससे न केवल कामकाज का सुचारू संचालन संभव हुआ है, बल्कि इसने कई ऐसे लाभ भी दिए हैं, जिनके बारे में पहले कभी सोचा नहीं गया।

दूरसंचार-सूचना प्रौद्योगिकी की शक्ति ने ‘वर्क फ्रॉम होम’ को एक नया चलन बना दिया है। ऐसे में, कोई हैरानी नहीं होनी चाहिए कि कोरोनाकाल के बाद भी संस्थानों द्वारा इस विकल्प को आजमाना जारी रखा जाए।

वर्क फ्रॉम होम’ के चलन से न केवल संस्थानों की परिचालन लागत घटी है, बल्कि इससे कर्मियों के समय और ऊर्जा की भी बचत हो रही है, जिसे वे अन्य उत्पादक गतिविधियों में लगा सकते हैं। इसके साथ ही, घटती आवाजाही से परिवहन पर कम हुए बोझ से घटते प्रदूषण से पर्यावरण को भी राहत मिली है। दफ्तरों में एयर-कंडीशनर आदि का उपयोग घटने से ऊर्जा की खपत, और हरित ग्रह प्रभाव को मोर्चे पर भी समीकरण संतुलित हुए हैं। ऐसे में, इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय दूरसंचार दिवस की जो थीम है, उसमें इस कोरोनाकाल को देखते हुए कुछ नए समाधानों पर मंथन संभव है, ताकि ‘वर्क फ्रॉम होम’ जैसी संकल्पनाओं को समृद्ध करके इसकी राह में आने वाली चुनौतियों को कम किया जाए।

संचार एक अत्यंत संवेदनशील मुद्दा है। यही कारण है कि हमारे संविधान निर्माताओं ने ‘भारत को राज्यों का संघ’ मानने के बावजूद संचार को विशुद्ध रूप से संघ सूची का ही विषय माना है। इस पर नीतियां बनाने का विशिष्ट अधिकार केंद्र का ही है। संचार से जुड़ी संवेदनशीलता को देखते हुए ही ऐसा किया गया है। हमारे राष्ट्र-निर्माताओं की यह दूरदर्शिता इस दौर में बहुत तार्किक सिद्ध हुई है। संचार के क्षेत्र में वर्चस्व स्थापित करने के लिए दुनिया के कुछ देशों की संदिग्ध मंशा के कारण ऐसा स्पष्ट दिख रहा है। उदाहरण के तौर पर चीन की कंपनी हुआवे और जेडटीई जैसी कंपनियों के लिए दुनिया के तमाम देश अपने दरवाजे बंद कर रहे हैं।

5G test preparation

देश में फिलहाल 4जी दूरसंचार सेवाएं संचालित हो रही हैं, और 5जी परीक्षण की तैयारी चल रही है। 5जी परीक्षण को लेकर कुछ दुष्प्रचार भी हो रहे हैं, जिनकी समय से काट करने की आवश्यकता है, ताकि जब ये सेवाएं शुरू हों, तो लोगों को उन्हें अपनाने में कोई हिचक न हो। इसके साथ ही, सरकार को दूरदराज के इलाकों में संचार सेवाओं के दायरे को बढ़ाने की दिशा में कदम उठाने चाहिए ताकि डिजिटल डिवाइड की समस्या दूर हो। इसके साथ ही, पिछले कुछ दिनों में सरकार द्वारा कुछ निहित स्वार्थी तत्वों द्वारा की जा रही शरारत की स्थिति में उस पूरे इलाके की संचार सेवाएं ठप कर दी जाती हैं। इससे ऑनलाइन भुगतान से लेकर अन्य सेवाएं भी प्रभावित होती हैं, जिससे लोगों को समस्याएं झेलनी पड़ती हैं। इसका भी कोई समाधान निकालने का प्रयास किया जाए कि कुछ सीमित सेवाओं पर प्रतिबंध लगाकर शेष अन्य गतिविधियों को सामान्य रूप से चलने दिया जाए। इसका समाधान तलाशने की दिशा में विचार करने और आगे बढ़ाने के लिए भला अंतरराष्ट्रीय दूरसंचार दिवस से अच्छा दिन और क्या हो सकता है।

(इंडिया साइंस वायर)

वर्क फ्रॉम होम के लिए टॉप 5 स्टेशनरी आइटम

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कोरोना काल में लॉकडाउन भले ही शिथिल हो गया हो और जनजीवन सामान्य होने की तरफ अग्रसर हो, परन्तु अभी भी लोग, जिनके लिए संभव है, वर्क फ्रॉम होम को प्राथमिकता दे रहे हैं। लेकिन वर्क फ्रॉम होम के लिए ऑफिस स्टेशनरी की भी आवश्यकता होती है, ताकि आपका काम घर से सामान्य तरह से चल सके।

Essential Work-from-Home Stationery Items You Need

दिग्गज ईकॉमर्स प्लेटफॉर्म अमेजन पर आपके मतलब भर की आवश्यक वर्क फ्रॉम होम स्टेशनरी आइटम, जो आपको चाहिए, समाचार लिखे जाने तक मौजूद हैं। Amazon Bestsellers में Bestsellers in Office Products सेक्शन में इस समय उत्पादों की बिक्री पर आधारित सबसे लोकप्रिय (most popular products based on sales) स्टेशनरी आइटम के बारे में आपको बताते हैं।

OFIXO 100 pcs Color Sheets (10 Sheets each colour) Copy Printing Papers 139/- में उपलब्ध बताया जा रहा है। प्रोडक्ट के बारे में अमेजन पर बताया गया है कि यह Art and Craft paper A4 Sheets Double-Sided Colored Origami Folding Lucky Wish Paper DIY Craft Smooth Finish Home, School, Office Stationery है।

JK Copier Paper – A4, 500 Sheets, 75 GSM, 1 Ream 205/- का बताया जा रहा है।

इस आइटम के बारे में निम्न जानकारी दी गई है –

रंग: सफेद

गुणवत्ता फोटोकॉपी के लिए आदर्श

कार्यालय प्रिंटर, इंकजेट और लेजरजेट पर किसी भी जॉबवर्क के लिए उपयुक्त है

Cello Ultimate Office Box|Office and Home Stationery Combo Pack|Ideal for Work from Home

जिसका मूल्य ₹ 999.00 है अमेजन पर इस समय 30 प्रतिशत छूट के साथ ₹ 699.00 का बताया जा रहा है।

इस आइटम के बारे में अमेजन पर बताया गया है कि –

अल्टीमेट ऑफिस बॉक्स में 81 उत्पादों का मिश्रण होता है, जिन्हें विशेष रूप से आपके कार्यालय या होम स्टेशनरी की जरूरतों के लिए चुना जाता है;

इसमें बॉल पेन, मैकेनिकल पेंसिल, व्हाइट बोर्ड मार्कर, स्थायी मार्कर, हाइलाइटर्स और करेक्शन पेन का मिश्रण है,

और यह एक प्रीमियम कार्डबोर्ड बॉक्स के साथ आता है, जो इसे एक स्टाइलिश लुक देता है।

Orpat OT-512GT Calculator (Black)

जिसका मूल्य ₹299.00 बताया जा रहा है, वह ₹167.00 पर उपलब्ध है।

इस आइटम के बारे में अमेजन पर बताया गया है कि यह

नई अतिरिक्त सुविधाओं के साथ

ग्रैंड टोटल (जीटी) के लिए विशेष बटन, मार्क अप (एमयू) और सही (आई>)

120 कदम चेक फ़ंक्शन

हार्ड कवर: अतिरिक्त सुरक्षा और स्थायित्व के लिए wth संलग्न हार्ड कवर

ऑटो रीप्ले फ़ंक्शन, 12 अंक डिस्प्ले

12 अंक कैलकुलेटर

सौर और बैटरी पर चलता है, 3 साल का बैटरी जीवन

1 साल की वारंटी के साथ उपलब्ध है।

Classmate Octane Gel Pen (Blue)- Neon Series- Pack of 5

जिसका मूल्य ₹50.00 बताया जा रहा है वह इस समय ₹ 42.00 में उपलब्ध बताया जा रहा है।

इस आइटम के बारे में अमेजन पर बताया जा रहा है कि

5 जीवंत नियोन शरीर का रंग,

चिकना और तेज़ लिखना,

जापानी जलरोधक स्याही

और मेक इन इंडिया है।

नोट – यह समाचार किसी भी हालत में परामर्श नहीं है। यह सिर्फ एक जानकारी है। कोई निर्णय लेने से पहले अपने विवेक का प्रयोग करें।)

लॉकडाउन है, मोरल डाउन नहीं ! तम से क्या घबराना, सूरज रोज निकलता है

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Lockdown, not Moral Down!

नई दिल्ली, 27 अप्रैल 2020.  मंच के लोकप्रिय कवियों ने ‘वर्क फ्रॉम होम’ करते हुए एक (सीक्वल) सकारात्मक ऊर्जा से परिपूर्ण एक वीडियो तैयार किया है।

शिशुपाल सिंह ‘निर्धन’ जी के इस गीत को डॉ. विष्णु सक्सेना और सुश्री मुमताज़ नसीम ने स्वरबद्ध किया है। श्री अरुण जैमिनी का समन्वय; चिराग़ जैन का  संयोजन/निर्देशन और डॉ. अशोक चक्रधर के अनुभवी मार्गदर्शन के साथ श्री गीत जैमिनी और जनाब मो. वसीम की तकनीकी क्षमताओं ने वीडियो को प्रसारणीय बनाया।

वीडियो में जिन कवियों को आप देख रहे है उनमें क्रमशः डॉ. अशोक चक्रधर,  विनीत चौहान, डॉ. सरिता शर्मा,  सुदीप भोला, डॉ. हरिओम पँवार, चिराग़ जैन,  रमेश मुस्कान, डॉ. कीर्ति काले,  अरुण जैमिनी, सुश्री मनीषा शुक्ला,  शंभू शिखर,  दिनेश रघुवंशी, सुश्री मुमताज़ नसीम और डॉ. विष्णु सक्सेना शामिल हैं।

वर्क फ्रॉम होम की जगह वर्क आउट फ्रॉम होम करें और स्वस्थ रहें : फ़िज़ियोथेरेपिस्ट डॉ. मुबारक 

गाजियाबाद के फिजियोथेरेपी एवं रिहैबिलिटेशन डिपार्टमेंट के फिजियोथैरेपिस्ट (Physiotherapist in Delhi/NCR,) डॉ मुबारक,

Work out from home instead of work from home and stay healthy: Physiotherapist Dr. Mubarak

नई दिल्ली, 07 अप्रैल 2020. विश्व स्वास्थ्य दिवस (World health day) के अवसर पर लॉक डाउन एवं वर्क फ्रॉम होम के दौरान यशोदा सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, कौशांबी, गाजियाबाद के फिजियोथेरेपी एवं रिहैबिलिटेशन डिपार्टमेंट के फिजियोथैरेपिस्ट (Physiotherapist in Delhi/NCR,) डॉ मुबारक, डॉ आशीष जैन एवं डॉ अखिलेंद्र ने लोगों को शारीरिक समस्याओं से बचने एवं स्वस्थ शरीर के लिए अपने सुझाव दिए हैं।

The corona virus mainly attacks our respiratory system

डॉक्टर मुबारक ने कहा कि कोरोना वायरस मुख्यतः हमारे श्वसन तंत्र पर हमला करता है, ऐसे में यदि हम अपने फेफड़ों को मजबूत करने पर ध्यान दें तो लॉक डाउन में व्यायाम भी हो जाएगा और बीमारी से भी बचा जा सकता है।

उन्होंने कहा कि ज्यादातर लोग इस समय भयग्रस्त हैं, ऐसे में हमारी सांस लेने की दर एवं ले को भी एक्सरसाइज नियंत्रित करेंगी।

पहले व्यायाम के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि अपने नाक से सांस लेते हुए उसे धीरे-धीरे अपने मुंह से होठों को गोल करके जैसे मोमबत्ती बुझानी हो ऐसे धीरे-धीरे करके सांस छोड़ें।

दूसरे व्यायाम के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा की कुर्सी पर बैठ जाएं या सीधे खड़े रहें और अपने दोनों हाथों को छाती के सामने से ऊपर ले जाएं और वह पर ले जाते समय सांस को अंदर खींचे और अपने शरीर को ऊपर खींचने की कोशिश करें और धीरे-धीरे फिर सांस को छोड़ते हुए नीचे आए और इसको दुबारा करें।

पेट को अंदर खींचते हुए सांस को अंदर खींचें एवं सांस को छोड़ते हुए पेट को ढीला छोड़े, इस व्यायाम को धीरे-धीरे करना है।

यदि घर में गुब्बारा उपलब्ध हो तो उसे फुलाएं एवं उसकी हवा निकाल कर दुबारा उसको कई बार फुलाएं।

यह एक्सरसाइज पांच से दस मिनट के लिए दिन में तीन बार करें।

उन्होंने कहा कि लंबे समय तक घर में रहने और कार्य ना होने की वजह से हम ज्यादातर लेटे रहते हैं और आराम करते रहते हैं इस वजह से हमारी मांस पेशियां शिथिल भी पड़ सकती हैं और हमें अन्य समस्याएं भी हो सकती हैं। ऐसे में बहुत छोटी-छोटी बातों का अगर हम ध्यान रखें तो हम अपने आप को स्वस्थ रख सकते हैं, ज्यादा देर तक लगातार टीवी देखते रहने से गर्दन में सर्वाइकल की प्रॉब्लम भी हो सकती है।

अपने सिरको गर्दन से बायें एवं दाएं घुमाए ऊपर एवं नीचे घुमाएं,

अपने कंधों को 90 डिग्री तक ऊपर उठाएं, छोड़ते हुए नीचे आए और इसको दुबारा करें

अपने पैरों को पंजों के बल पर एवं एड़ियों के बल पर ऊपर नीचे उठाएं।

हर आधे घंटे बाद अपना पोस्चर चेंज कर लें और हो सके तो हम जहां बैठे हैं वहां से उठकर के एक घर में ही  छोटा सा चक्कर लगा लें।

यदि घर में स्किपिंग रोप हो तो उससे स्किपिंग करें

सामान्य स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज करें

खुलकर हंसें

साथ ही उन्होंने कहा कि यदि कोई दिक्कत या परेशानी लगे तो फ़िज़ियोथेरेपिस्ट से उचित सलाह (Get proper advice from a physiotherapist in lockdown) लें।