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Tag Archives: संजय पराते

देश विकास कर रहा है, तो लोग आत्महत्या करने पर मजबूर क्यों हो रहे हैं? गिरती जीडीपी का बढ़ती आत्महत्याओं से क्या संबंध

More than 50 bighas of wheat crop burnt to ashes of 36 farmers of village Parsa Hussain of Dumariyaganj area

गिरती अर्थव्यवस्था, बढ़ती किसान आत्महत्याएं : मध्यप्रदेश आगे, तो छत्तीसगढ़ भी पीछे नहीं If the country is developing, then why are people forced to commit suicide? किसी भी देश में आत्महत्या की दर (Suicide rate) उसके सामाजिक स्वास्थ्य का संकेतक (Indicator of social health) होती है। हमारे देश में राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (National Crime Records Bureau -एनसीआरबी) इसके विश्वसनीय …

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मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर कहा, कल्लूरी पर करें कार्यवाही

Government paid compensation to human rights activists

Human rights activists wrote a letter to the Chief Minister and said, take action on Kalluri रायपुर, 12 सितंबर 2020. हत्या के फर्जी मुकदमे से बरी होने और मानवाधिकार आयोग के निर्देश पर राज्य शासन से मुआवजा पाने वाले सभी छह मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने उम्मीद जाहिर की है कि उनकी तरह ही प्रताड़ित आदिवासियों और ऐसे सभी नागरिकों को, जो …

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बस्तर प्रकरण में मानवाधिकार कार्यकर्ताओं को राज्य सरकार ने दिया छह लाख रुपये मुआवजा

Government paid compensation to human rights activists

बस्तर प्रकरण में मानवाधिकार कार्यकर्ताओं को राज्य सरकार ने दिया छह लाख रुपये मुआवजा दोषी पुलिस अधिकारियों पर कार्यवाही की मांग की माकपा ने Government paid compensation to human rights activists रायपुर, 06 सितंबर 2020. राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (National Human Rights Commission) के निर्देशानुसार छत्तीसगढ़ की राज्य सरकार ने बस्तर पुलिस द्वारा नंदिनी सुंदर, अर्चना प्रसाद और संजय पराते सहित …

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यूरिया संकट : गरीब किसानों के सामने इस सरकार ने यही रास्ता छोड़ा है कि वे खेती-किसानी छोड़ दें या फिर आत्महत्या का रास्ता अपनाएं

More than 50 bighas of wheat crop burnt to ashes of 36 farmers of village Parsa Hussain of Dumariyaganj area

छत्तीसगढ़ में यूरिया खाद का संकट | Urea crisis in Chhattisgarh हर साल की तरह इस साल भी छत्तीसगढ़ की सहकारी सोसाइटियों में यूरिया खाद की कमी (Shortage of urea fertilizer in cooperative societies of Chhattisgarh) हो गई है। गरीब किसान दो-दो दिनों तक भूखे-प्यासे लाइन में खड़े है और फिर उन्हें निराश होकर वापस होना पड़ रहा है। सरकार …

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