इलाहाबाद हाई कोर्ट का निर्देश योगी सरकार के लिए झटका

CPI ML

Allahabad High Court directive shocks for Yogi government सीएए-विरोध : लखनऊ में गिरफ्तारियों की निंदा CAA-protest: Arrest in Lucknow condemned 30 जनवरी को प्रदेशव्यापी विरोध : माले लखनऊ, 27 जनवरी। भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (माले) की राज्य इकाई ने संशोधित नागरिकता कानून– Citizenship Amendment Act (सीएए) के खिलाफ यहां घंटाघर (चौक) में चल रहे महिलाओं

‘योगी सरकार हटाओ-लोकतंत्र बचाओ’ – फरवरी में लखनऊ में होगा सम्मेलन, मार्च में पूरे प्रदेश में आमसभाएं होंगी

Campaign to save democracy

दमन पर रोक लगाये योगी सरकार ‘योगी सरकार हटाओ-लोकतंत्र बचाओ’ अभियान की हुई बैठक अखिलेन्द्र संयोजक बनाए गए पांच अध्यक्ष और अन्य सदस्यों के साथ अध्यक्षमण्डल का गठन लखनऊ 24 जनवरी, 2020, संशोधित नागरिकता कानून, नागरिकता रजिस्टर और जनसंख्या रजिस्टर बनाने की केन्द्र सरकार की कार्यवाही का शांतिपूर्ण विरोध कर रही महिलाओं समेत दोलनकारियों का

हिन्दुत्व और कारपोरेट गठजोड़ की तानाशाही को परास्त करेगा लोकतंत्र – दारापुरी

S.R. Darapuri एस आर दारापुरी,

Democracy will defeat the dictatorship of Hindutva and corporate alliances – Darapuri मजदूर किसान मंच व वर्कर्स फ्रंट ने अखिल भारतीय हड़ताल के समर्थन में पूरे प्रदेश में किया कार्यक्रम लखनऊ, 8 जनवरी 2020, हिन्दुत्व और कारपोरेट गठजोड़ की तानाशाही को लोकतंत्र परास्त करेगा। इसी तानाशाही को स्थापित करने में लगी आरएसएस- भाजपा की सरकार

सीएए व एनआरसी का अंतिम लक्ष्य भारत को हिन्दू राष्ट्र बनाना है !

Amit Shah Narendtra Modi

The ultimate goal of CAA and NRC is to make India a Hindu nation! संशोधित नागरिकता कानून – Citizenship amended act (सीएए) व एनआरसी सच पूछा जाए तो देश को हिन्दू राष्ट्र बनाने की दिशा में उठाए गए कदम हैं। आरएसएस, जिसके दो तपे-तपाए स्वयंसेवक, देश के दो शीर्षस्थ पदों – प्रधानमंत्री व गृहमंत्री –

ये हैं संशोधित नागरिकता क़ानून के पक्ष में गृह-मंत्री अमितशाह के सफ़ेद झूठ

Amit Shah at Kolkata

These are the lies of Home Minister Amit Shah in favor of revised citizenship law नागरिकता (संशोधन) क़ानून, 2019 (Citizenship (Amendment) Act, 2019) के जरिए उन हिंदुओं, सिखों, बौद्धों, ईसाइयों और पारसियों को भारत की नागरिकता प्रदान करने का रास्ता प्रशस्त किया जा रहा है, जो अफगानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान में धार्मिक उत्पीड़न (Religious persecution)