अनसुनी आवाज़ : एक संदर्भ ग्रंथ, जिसमें पिछले तीस सालों का भारत है

Ansuni Awaz

पाठकीय दुनिया में दो तरह की पत्रिकाएं दिखायी पड़ती हैं। एक, जो व्यावसायिक हैं, दूसरी, जो ध्येयपरक हैं। व्यावसायिक पत्रिकाओं का योगदान (Contribution of professional journals) यह है कि वे व्यवसाय-वृत्ति के अंतर्गत पाठकों को साहित्य, संस्कृति, राजनीति आदि से संबंधित सूचनाएं और सृजन उपलब्ध कराती हैं जिसमें लेखक-समूह का एलिट क्लास लगा होता है