जानिए अनुच्छेद 32 क्या है और सर्वोच्च न्यायालय के कुछ फैसले और हालिया विवाद

Supreme court of India

जब कानून की व्याख्या एक ही आधार और प्रार्थना पर दायर अलग-अलग व्यक्तियों की याचिका पर अलग-अलग तरह से होती है। तब सन्देह के स्वर भी उभरते हैं और अदालत की निष्पक्षता पर सवाल भी उठते हैं। इन समस्याओं से निपटने का भी दायित्व अदालतों का है न कि किसी अन्य का।

मी लॉर्ड ! क्या न्यायपालिका, ‘तुम मुझे चेहरा दिखाओ, मैं तुम्हें कानून बता दूंगा’ के आभिजात्य सिंड्रोम से ग्रस्त हो रही है ?

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अगर सर्वोच्च न्यायालय में, कुणाल कामरा पर मानहानि का मुकदमा चलता है तो, यह इस साल की दूसरी बड़ी मानहानि की कार्यवाही होगी जो देश की लीगल हिस्ट्री (Country’s legal history) में अपना महत्वपूर्ण स्थान रखेगी। पहली प्रशांत भूषण का मुकदमा था और दूसरा कुणाल का होगा।

सर्वोच्च न्‍यायालय का मीडिया को निर्देश : अप्रमाणित समाचारों का प्रसार न करें जिनसे दहशत फैल सकती हो 

The Supreme Court of India. (File Photo: IANS)

Don’t disseminate unverified news capable of causing panic: SUPREME COURT to Media नई दिल्ली, 01 अप्रैल 2020 : सर्वोच्च न्‍यायालय ने प्रिंट, इलेक्‍ट्रॉनिक और सोशल मीडिया सहित मीडिया को जिम्‍मेदारी की प्रबल भावना बरकरार रखने और यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि ऐसे अप्रमाणित समाचारों का प्रसार न होने पाए, जिनसे दहशत फैल

लॉक डाउन : सर्वोच्च न्यायालय पहुंचा प्रवासी मजदूरों को भोजन, आश्रय देने का मामला

The Supreme Court of India. (File Photo: IANS)

सर्वोच्च न्यायालय में प्रवासी मजदूरों को भोजन, आश्रय देने की मांग वाली याचिका दायर Petition seeking food, shelter to migrant laborers filed in Supreme Court नई दिल्ली, 28 मार्च 2020 : प्रवासी मजदूरों के पलायन का मुद्दा (The issue of migration of migrant laborers in lockdown) सर्वोच्च न्यायालय पहुंच गया है। शीर्ष न्यायालय में एक

‘वसूली पोस्टर’ पर योगी सरकार को फिर बड़ा झटका, उच्च न्यायालय के फैसले पर रोक लगाने से सर्वोच्च न्यायालय का इनकार

Yogi Adityanath

The Supreme Court questioned the Yogi government’s decision to install hoardings of accused in connection with CAA violence in Lucknow. लखनऊ में सीएए हिंसा से जुड़े आरोपियों के होर्डिंग्स लगाने के योगी सरकार के फैसले पर सर्वोच्च न्यायालय ने सवाल खड़े किए हैं। शीर्ष अदालत ने कहा है कि हम आपकी चिंता समझ सकते हैं,

सर्वोच्च न्यायालय का शाहीन बाग के खिलाफ दलील सुनने से इनकार, केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस के काम करने पर उठाए सवाल

The Supreme Court of India. (File Photo: IANS)

Supreme Court refuses to hear arguments against Shaheen Bagh, questions raised over working of Central Government and Delhi Police नई दिल्ली, 26 फरवरी 2020. सर्वोच्च न्यायालय ने फिलहाल शाहीन बाग के प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दलील सुनने से इनकार करते हुए बुधवार को कहा कि राजधानी में इस समय माहौल ठीक नहीं है। गौरतलब है कि

सर्वोच्च न्यायालय ने दिल्ली हिंसा को ‘दुर्भाग्यपूर्ण’ बताया

The Supreme Court of India. (File Photo: IANS)

Supreme Court calls Delhi violence ‘unfortunate’ नई दिल्ली, 26 फरवरी 2020. नागरिकता (संशोधन) कानून को लेकर दिल्ली के तमाम इलाकों में हो रही हिंसा को सर्वोच्च न्यायालय (Supreme court) ने ‘दुर्भाग्यपूर्ण’ बताया है। शीर्ष अदालत ने कहा, “जो कुछ भी हो रहा है वह काफी दुर्भाग्यपूर्ण है, जिसे नहीं होना चाहिए था।” विस्तृत समाचार की