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Tag Archives: साहित्यिक कलरव

हाँ! वो माँ ही तो थी

mona agarwal

वो माँ ही तो थी, जो तुरपती रहती थी, अपना फटा पल्लू बार-बार, ताकि हम पहन सकें, नया कपड़ा, हर त्यौहार। वो माँ ही तो थी, जो खा लेती थी, बासी रोटी चुपचाप, ताकि टिफ़िन हम ले जा सकें फ़र्स्ट क्लास॥ वो माँ ही तो थी, जो सो जाती थी गीले गद्दे पर हर बार, ताकि नींद हमारी ना टूटे …

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तू तुलसी मेरे आँगन की हो गयी…

mona agarwal

मेरे पैरों में डालकर बेड़ियाँ, वे कहते हैं, गर्व से, कि पायलें आज चाँदी की हो गयीं। और हाथों में पहनाकर हथकड़ियाँ, वे कहते हैं, चुपके से, कि चूड़ियाँ काँच से सोने की हो गयीं॥ और जो पहनाई नाक में, एक चुन्नी, बड़े चाव से, चुपके से मेरे, खुद ही हँस पड़े खिलखिलाकर कि ये भी पत्थर से हीरे की …

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ये लोकतंत्र और मरतंत्र की दूरी है

Literature, art, music, poetry, story, drama, satire ... and other genres

एक कपड़ा है एक रंग है पर फिर भी बड़ी दूरी है साब ये जाति, छुआ-छूत नहीं ये नए ज़माने की दूरी है साब ये थाली और पत्तल की दूरी है ये रेशम और खादी की दूरी है साब एक चमड़ा है एक रंग है पर मिट्टी और रेते के घर की दूरी है साब ये जाति, छुआ-छूत नहीं ये …

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शूल होते तो गिला भी क्या था/ चुभ रहे हैं कमल के फूल हमें

kailash manhar

कैलाश मनहर की चार गीतिकाएँ :– **************** (एक) ***** आदमी  वो कि  मौत में भी  ज़िन्दगी देखे ज़िन्दगी वो कि रंजो ग़म में भी खुशी देखे बढ़  रहा हो  ज़ुल्मतों का  ज़ोर  चौतरफ़ा नज़र  वही  जो  अँधेरों  में   रौशनी  देखे लगे  हैं  सूखने   दरिया-ए-मुहब्बत   सारे कोई तो  हो कि जो  सूखे में भी नमी देखे खुला-खुला रहे  आकाश उड़ानों के …

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चल ना वहाँ …

paiband ki hansi

चल ना वहाँ … उम्र जहाँ से शुरू की थी उसी मोड़ पर रूक कर देखेंगे कितने ? मोड़ आवाज़ देते हैं पीठ के पीछे चल ना वहाँ जहाँ गया वक्त छलावे सा छलेगा उन दिनों की बातें सुनता करता इक चाँद साथ चलेगा चल ना वहाँ वो गाँव वो मुहल्ला वो कच्चा मकान नुक्कड़ पर छोटी सी चाय की …

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मिर्जा ग़ालिब (पहला एपिसोड) : वर्चुअल युग में दस्तम्बू के मूल्यांकन से जुड़े नए सवाल

mirza ghalib (1st episode) new questions related to the assessment of dastambu in the virtual era.

मिर्जा ग़ालिब (पहला एपिसोड) : वर्चुअल युग में दस्तम्बू के मूल्यांकन से जुड़े नए सवाल। प्रोफेसर जगदीश्वर चतुर्वेदी का संवाद Mirza Ghalib (1st episode) : New questions related to the assessment of Dastambu in the virtual era. Dialogue of Professor Jagdishwar Chaturvedi in Hindi दस्तम्बू क्या है? मिर्ज़ा गालिब की डायरी में 1857 के स्वतंत्रता संग्राम का चित्रण. गालिब को …

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आपदा में अवसर : अच्छे दिन आये, सॉरी सरकार भी अभी वेंटिलेटर पर है

covid 19

अच्छे दिन आये  आपदा में अवसर है हर कारकून बना इन दिनों अफ़सर है लाईन में धक्के खाते कौन हैं ये लोग केमिस्ट शॉप पर पूछते रेमडेसिविर है ‘नमामि गंगे’ हर-हर गंगे कितने शव गिनें गिद्ध कौए कुत्ते सियार सब दावत पर हैं जो मरे वे मुक्त हुए महामना ने फ़रमाया वैसे कहाँ सबको ऑक्सीजन मय्यसर है कोई श्मशान हो …

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कालिके ! भवबाधा हारिणी

Corona virus COVID19, Corona virus COVID19 image

मनुज सभ्यता दहल उठी मां सुनकर के यह चीत्कार। सुनो कालिके अपने बच्चों की अब यह करुण पुकार।। चीनी वृत्तासुर कोरोना रक्तबीज रूप ले फिर आया है। मनुभूमि पर चहुंदिश हे मां काल का ही साया छाया है।। सिंदूर मिटे, गोदें हुईं सूनी, सर के साए उजड़े फिरते हैं। अब बुढ़पन की लाठी को कंधा खुद बूढ़े देते दिखते हैं।। …

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तुम कुंभ और चुनावों का, यह मृत्यु-तांडव चलने देना/ सौगंध तुम्हें सत्ता मद की, लॉकडाउन नहीं लगने देना

Novel Coronavirus SARS-CoV-2 Credit NIAID NIH

यथार्थ देकर के आश्वासन, एक उच्चकोटि अभिशासन का। शंखनाद था किया गया, अच्छे दिन के आमंत्रण का।। दिवास्वप्न दृष्टा बनकर, इस भोली भाली जनता ने। स्वप्न संजोया रामराज्य का, तुमको चुनकर सत्ता में।। सात वर्ष से घूम रहा है, अभिनव अभिनय का चक्का। जाति, धर्म और पंथ के राक्षस देते सत्ता को धक्का।। पद के मद में चूर हुए, क्या …

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सड़क किनारे नाचता बचपन… तू नादान सी एक रौशनी है, खुद को दरिया के हवाले मत कर

Literature, art, music, poetry, story, drama, satire ... and other genres

प्रियंका गुप्ता की दो कविताएँ 1) तू खुद को आबाद कर तू खुद को आबाद कर, मेरी कुरबत से खुद को आजाद कर। तेरा मसीहा तू खुद है, तू खुद पर विश्वास कर। जुड़ा तुझसे जरूर हूं मैं, पर मैं तेरी किसमत नहीं। तेरे वजूद तक को छू सकूं, मेरी अब वो शख्सियत नहीं। तू लौ है एक नए कल …

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यम की जगह नेता श्रीमान ! हस्तक्षेप साहित्यिक कलरव में मक्खन मुरादाबादी

mAKKHAN MURADABADI

Makkhan Moradabadi in hastakshep Sahityik Kalrav नई दिल्ली, 03 नवंबर 2020. हस्तक्षेप डॉट कॉम के यूट्यूब चैनल के साहित्यिक कलरव अनुभाग में आज प्रख्यात व्यंग्यकार मख्खन मुरादाबादी का काव्यपाठ प्रसारित किया गया है। यह जानकारी देते हुए हस्तक्षेप साहित्यिक कलरव के संयोजक डॉ. अशोक विष्णु शुक्ला एवं डॉ. कविता अरोरा ने बताया कि अब हस्तक्षेप साहित्यिक कलरव नए रंग-रूप में …

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हस्तक्षेप साहित्यिक कलरव में इस रविवार अशोक अंजुम का काव्य पाठ

Ashok Anjum

Poetry recitation of Ashok Anjum this Sunday in Hastakshep Sahityik Kalrav नई दिल्ली, 17 सितंबर 2020. हस्तक्षेप डॉट कॉम के यूट्यूब चैनल के साहित्यिक कलरव अनुभाग (Sahityik Kalrav section of hastakshep.com ‘s YouTube channel) में इस रविवार 20 सितंबर 2020 को सुप्रसिद्ध गीतकार अशोक अंजुम (Ashok Anjum) का काव्य पाठ होगा। यह जानकारी देते हुए हस्तक्षेप साहित्यिक कलरव के संयोजक …

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हस्तक्षेप साहित्यिक कलरव में इस रविवार ऑस्ट्रेलिया से डॉ. भावना कुँअर का काव्यपाठ

डॉ. भावना कुँअर (Dr.Bhawna Kunwar)

नई दिल्ली, 10 सितंबर 2020. हस्तक्षेप डॉट कॉम के यूट्यूब चैनल के साहित्यिक कलरव अनुभाग (Sahityik Kalrav section of hastakshep.com ‘s YouTube channel) में इस रविवार 13 सितंबर 2020 को सुप्रसिद्ध कवयित्री डॉ. भावना कुँअर (Dr.Bhawna Kunwar) का काव्य पाठ होगा। यह जानकारी देते हुए हस्तक्षेप साहित्यिक कलरव के संयोजक डॉ. अशोक विष्णु शुक्ला व डॉ. कविता अरोरा ने बताया …

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सुबह के इस मौन इश्क़ को पढ़ा है तुमने ?

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शबनमीं क़तरों से सजी अल सुबह रात की चादर उतार कर , जब क्षितिज पर अलसायें क़दमों से बढ़ती हैं , उन्हीं रास्तों पर पड़े इक तारे पर पाँव रख चाँद फ़लक से उतर कर सुबह को चूम लेता है, नूर से दमकती शफ़क़ तब बोलती कुछ नहीं , चिड़ियों की चहचहाटों में सिंदूर की डिबिया वाले हाथ को चुप …

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मैं जानती हूँ कि मैं ‘अमृता प्रीतम‘ नहीं/ ना ही तुम ‘साहिर’

Amrita Pritam

नहीं रखे मैंने तुम्हारी, सिगरेटों के अधबुझे टोटे, छुपा कर किसी अल्मारी-शल्मारी में, कि जब हुड़क लगे तेरी, दबा कर उंगलियों में दो कश खींचूँ, और धुएँ के उड़ते लच्छों में तेरे अक्स तलाशूँ। ना चाय के झूठे प्याले में, बचे घूँट को पिया कभी मैंने, ना चूमीं प्याली पर छपी होंठों की, मिटी-सिटी लकीरों को, मैं जानती हूँ कि …

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हस्तक्षेप साहित्यिक कलरव में इस रविवार डॉ. धनञ्जय सिंह का काव्यपाठ

Dr. Dhananjay Singh Sahityik Kalrav

नई दिल्ली, 20 अगस्त 2020. हस्तक्षेप डॉट कॉम के यूट्यूब चैनल के साहित्यिक कलरव अनुभाग (Sahityik Kalrav section of hastakshep.com ‘s YouTube channel) में इस रविवार वरिष्ठ पत्रकार व साहित्यकार डॉ. धनञ्जय सिंह का काव्य पाठ होगा। यह जानकारी देते हुए हस्तक्षेप साहित्यिक कलरव के संयोजक डॉ. अशोक विष्णु शुक्ला व डॉ. कविता अरोरा ने बताया कि सुप्रसिद्ध गीतकार डॉ. …

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हस्तक्षेप साहित्यिक कलरव में इस गुरुवार डॉ. विष्णु सक्सेना का काव्यपाठ

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नई दिल्ली, 17 अगस्त 2020. हस्तक्षेप डॉट कॉम के यूट्यूब चैनल के साहित्यिक कलरव अनुभाग (Sahityik Kalrav section of hastakshep.com ‘s YouTube channel) में इस गुरुवार 20 अगस्त को सुप्रसिद्ध गीतकार विष्णु सक्सेना का काव्यपाठ (Poetry recitation of famous lyricist Vishnu Saxena) होगा। यह जानकारी देते हुए हस्तक्षेप साहित्यिक कलरव के संयोजक डॉ. अशोक विष्णु शुक्ला व डॉ. कविता अरोरा …

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हस्तक्षेप साहित्यिक कलरव में इस रविवार राजेश शर्मा

Rajesh Sharma Sahitya Kalrav

नई दिल्ली, 06 अगस्त 2020. हस्तक्षेप डॉट कॉम के यूट्यूब चैनल के साहित्य अनुभाग साहित्यिक कलरव में इस रविवार चंबल के लाल राजेश शर्मा का काव्य पाठ होगा। यह जानकारी देते हुए हस्तक्षेप साहित्यिक कलरव के संयोजक डॉ. अशोक विष्णु व डॉ. कविता अरोरा ने बताया कि मध्य प्रदेश के भिण्ड में जन्मे सुप्रसिद्ध साहित्यकार राजेश शर्मा ने 1980 से …

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हस्तक्षेप साहित्यिक कलरव में इस बार ममता किरण का, “जो रिश्ता दर्द देता है मिसालों में वो रह जाता”

Mamta Kiran Sahityik Kalrav

जड़ें मजबूत होतीं तो शजर आंधी भी सह जाता/ बनाते हम अगर मजबूत पुल तो कैसे ढह जाता / ज़रा सी धूप मिल जाती तो ये सीलन नहीं होती / जो रिश्ता दर्द देता है मिसालों में वो रह जाता नई दिल्ली, 30 जुलाई 2020. हस्तक्षेप ड़ॉट कॉम के यूट्यूब चैनल के साहित्य अनुभाग “साहित्यिक कलरव” में इस रविवार में सुप्रसिद्ध गज़ल़गो एवं …

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हस्तक्षेप साहित्यिक कलरव में इस रविवार तपेन्द्र प्रसाद शाक्य के “पैर के छाले सच्चे हैं”, बाकी सब झूठे हैं

Tapendra Prasad Shakya Saahityik Kalrav Poem recitation

सब झूठे हैं, पैर के छाले सच्चे हैं नई दिल्ली, 24 जुलाई 2020. हस्तक्षेप डॉट कॉम के यूट्यूब चैनल के साहित्यिक कलरव अनुभाग (Literary section of hastakshep.com’s YouTube channel) में इस रविवार पूर्व आईएएस अधिकारी व पूर्व कैबिनेट मंत्री तपेन्द्र प्रसाद शाक्य का काव्य पाठ (Poetry recitation of Tapendra Prasad Shakya) होगा। साहित्यिक कलरव के संयोजक डॉ. अशोक विष्णु शुक्ला …

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रोज महाभारत कथा रोज मृत्यु संगीत/ काल भैरवी नाचती समय सुनाता गीत : डॉ. भारतेंदु मिश्र

Bhartendu Mishra साहित्यिक कलरव

“रोटियों सी गोल है दुनिया/और हम मजदूर होते हैं।” नई दिल्ली 16 जुलाई 2020. हस्तक्षेप डॉट कॉम के यूट्यूब चैनल के साहित्य अनुभाग साहित्यिक कलरव में इस रविवार सुप्रसिद्ध शिक्षाविद् व कवि भारतेन्दु मिश्र अपना काव्य पाठ करेंगे। यह जानकारी देते हुए हस्तक्षेप साहित्यिक कलरव के संयोजक डॉ. अशोक विष्णु शुक्ला व डॉ. कविता अरोरा ने बताया कि इस रविवार …

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