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आचार्य जगन्नाथ प्रसाद ‘भानु’ : हिंदी के प्रथम छंद शास्त्री और हिंदी के सर्वप्रथम ‘महामहोपाध्याय’

biography of acharya jagannath prasad 'bhanu'

आचार्य जगन्नाथ प्रसाद ‘भानु’ की जीवनी | Biography of Acharya Jagannath Prasad ‘Bhanu’ हिंदी साहित्य के आधुनिक युग के प्रारंभिक वर्षों में साहित्य नियमन के तीन अंग (three parts of literary regulation), भाषा, व्याकरण और साहित्य शास्त्र के नेतृत्व की बागडोर मूल रूप से ‘द्विवेदी… गुरू… भानु’ की महत्त्रयी के हाथों में रही। भारतेन्दु काल में आधुनिक समीक्षा (Modern Review …

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इस बुलडोजर समय में साहित्य ही नहीं संसार का लोकतंत्र भी खतरे में है- विष्णु नागर

Book Review-What Why and How

साहित्य के लोकतंत्र के लिए असहमति अति आवश्यक – विष्णु नागर हिन्दू कॉलेज में ‘पुस्तक समीक्षा-क्या, क्यों और कैसे’ पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन (One Day Workshop on ‘Book Review – What, Why and How’ organized at Hindu College) दिल्ली, 25 अप्रैल 2022। ‘सोचना और लिखना ऐन्द्रिक कार्य है जिसमें ज्ञान और भाव इकट्ठे चलते हैं। कलम को चलाना …

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बोलियों का साहित्य कहाँ गायब हो गया?

literature and culture

Where did the literature of dialects disappear? बांग्ला में दो तरह की भाषा प्रचलित रही है। बंकिम चंद्र की तत्सम संस्कृतमुखी बांग्ला (Bankim Chandra’s Tatsam Sanskritmukhi Bangla) और जनभाषा, जो लोग बोलते हैं। बांग्लादेश का समूचा साहित्य लोक संस्कृति में रचे बसे जनपदों की बोलियां हैं। जैसे हम हिंदी के संत साहित्य में पाते हैं। बृज भाषा, अवधी, मैथिली, बुंदेलखंडी …

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जानिए साहित्य में जीवन मूल्यों का महत्व क्या है?

literature and culture

What is the importance of life values in literature? भारतीय समाज में मूल्यों का प्रमुख स्रोत क्या है? धर्म की जीवन मूल्यों के प्रति क्या भूमिका है? मूल्यों के निर्माण में परिवार व समाज की भूमिका क्या है? मूल्यों का प्रारंभ परिवार से होता है। परिवार के दायरे से बाहर निकलकर मनुष्य व्यापक समाज में आता है। ग्राम, प्रांत, देश …

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इतिहास की प्रासंगिकता | हिंदी साहित्येतिहास की समस्याएं – पहला एपिसोड

relevance of history

Problems of Hindi Literary History – Episode 1 – Relevance of History इतिहास में कितने काल होते हैं? सामान्यीकरण क्या है इतिहास लेखन में सामान्यीकरण की भूमिका? इतिहास जानने के स्रोत कौन कौन से हैं? इतिहास की विषय वस्तु क्या है? Hindi Sahitya Ka Itihas और उसका विभाजन हिंदी साहित्य का संक्षिप्त इतिहास M.A. Hindi Literature हिंदी साहित्य का इतिहास …

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Tryst With Destiny देखनी चाहिए, हर चीज में आदमी की पूंछ नहीं देखी जाती

film review

Tryst with destiny review in Hindi | Tryst with destiny Hindi review Tryst with Destiny Explained | Tryst with Destiny sonyliv review Movie Review : Tryst with Destiny, [Tryst With Destiny: अन्याय की छवियाँ, मुक्ति के अहसास] न नारेबाजी, न मेला-जुटान। असल बात है बात को कह जाना। बिना कुछ खास कहे। ये बात सभी दृश्य कलाओं पर लागू होती …

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टूट गया भारतीय समाज, सिनेमा और साहित्य का आईना

Opinion, Mudda, Apki ray, आपकी राय, मुद्दा, विचार

 दिलीप कुमार निधन | Dilip Kumar passed away नहीं रहे हमारे प्रियतम अभिनेता दिलीप कुमार। सौ साल पूरे वे नहीं कर सके, अफसोस। फिरभी लम्बी ज़िन्दगी जी उन्होंने। वे भारतीय सिनेमा के आईना हैं अपनी कामयाबी और लोकप्रियता के पैमाने पर बहुत कम फिल्में की। लेकिन हर फिल्म भारतीय समाज और संस्कृति की सार्थके अभिव्यक्ति है, जिनके बिना भारतीय फिल्मों …

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नक्षत्र साहित्य और नक्षत्र साहित्यकार

Jagadishwar Chaturvedi जगदीश्वर चतुर्वेदी। लेखक कोलकाता विश्वविद्यालय के अवकाशप्राप्त प्रोफेसर व जवाहर लाल नेहरूविश्वविद्यालय छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष हैं। वे हस्तक्षेप के सम्मानित स्तंभकार हैं।

हिंदी में ऐसे लेखक-आलोचक रहे हैं, और आज भी हैं, जो कभी सत्ता की जनविरोधी नीतियों और जुल्म के खिलाफ नहीं बोलते हैं और नही लिखते हैं। इनमें से अधिकतर पुरस्कार पाते  रहे हैं। इनको हिंदी लेखकों की दुनिया में सबसे बड़े ओहदे पर रखा जाता है। इस तरह के लेखकों की देश में पूरी पीढ़ी तैयार हुई है। इस …

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ज्ञान की खोज में : महापंडित राहुल सांकृत्यायन

mahapandit rahul sankrityay

राहुल सांकृत्यायन की जयंती पर विशेष | Special on Mahapandit Rahul Sankrityayan’s birth anniversary (जन्म : 9 अप्रैल 1893) 9 अप्रैल – इतिहास में आज का दिन 9 April | Taarikh Gawah Hai इतिहास में आज का दिन | Today’s History | Today’s day in history | आज का इतिहास 9 अप्रैल मैं जब इंजीनियरिंग प्रथम वर्ष का छात्र था …

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नामवर सिंह के मायने

namvar singh

आज 19 फरवरी नामवर सिंह की पुण्यतिथि पर विशेष 19 February, Today in History | 19 फरवरी, इतिहास में आज का दिन Today special on the death anniversary of Namvar Singh बुद्धिजीवी और कलाकार के लिए मुख्य चीज है उसके आदर्श। वह उनके साथ कोई समझौता नहीं करना चाहता। सवाल यह है नामवर सिंह के आदर्श क्या थे ? What …

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उर्दू की पहली पत्रिका चूड़ियों के शहर फिरोजाबाद से निकली

Literature news

एक किस्सा नायाब | फिरोजाबाद का साहित्यिक इतिहास | उर्दू साहित्य का इतिहास उर्दू की पहली पत्रिका फिरोजाबाद से निकली First Urdu magazine published from Firozabad फिरोजाबाद को चूड़ियों का शहर कहते हैं लेकिन इस शहर में साहित्य की खनक हमेशा से रही है। बहुत कम लोगों को इस बात का इल्म है कि उर्दू की पहली पत्रिका का प्रकाशन …

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एक पत्रिका के पृष्ठों पर बोलते साहित्य जगत पर दृष्टिपात

Arun Maheshwari on review of Aalochana पांच दिन पहले ‘आलोचना’ पत्रिका का 62वां (अक्तूबर-दिसंबर 2019) अंक मिला। कोई विशेषांक नहीं, एक सामान्य अंक। आज के काल में जब पत्रिकाओं के विशेषांकों का अर्थ होता है कोरा पिष्टपेषण, एक अधकचरी संपादित किताब, तब किसी भी साहित्यिक पत्रिका का साधारण कविता, कहानी, आलोचनात्मक निबंधों, समीक्षाओं से तैयार किया गया ‘सामान्य’ कहलाने वाला …

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चलता चल संभलना सीख पेज से ऑनलाइन कार्यक्रम

Literature news

चलता चल संभलना सीख पेज से ऑनलाइन कार्यक्रम “कवि, कविता और हम” शीर्षक से अंतर्राष्ट्रीय कवियों के साथ एक शाम साहित्य समाचार Literature news नई दिल्ली, 23 सितंबर 2020. चलता चल और संभालना सीख पेज के माध्यम से एक ऑनलाइन कवि सम्मेलन का आयोजन गूगल मीट पर आगामी 27 सितंबर 2020 को किया जा रहा है। इस ऑनलाइन कवि सम्मेलन …

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हस्तक्षेप साहित्यिक कलरव में इस रविवार प्रख्यात आलोचक “मधुरेश” की वार्ता

Madhuresh Sahityik Kalrav

Talk will be telecast by renowned Hindi critic Madhuresh on Sunday, September 6, 2020 at 4 pm in the literary section of Youtube channel of hastakshep.com नई दिल्ली, 03 सितंबर 2020. हस्तक्षेप डॉट कॉम के यूट्यूब चैनल के साहित्यिक कलरव अनुभाग में इस रविवार 6 सितंबर 2020 को सायं 4 बजे हिंदी के प्रख्यात आलोचक मधुरेश की वार्ता का प्रसारण …

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हिंदी साहित्य का यह दुस्समय है हिंदी भाषा और साहित्य के सत्यानाश की भी राजनीति है

Kadambini and Nandan cease publication

हिंदी साहित्य का यह दुस्समय है। राजनीति, हिंदी को राष्ट्रभाषा बनाने की है और हिंदी भाषा और साहित्य के सत्यानाश की भी राजनीति है। Hindi literary magazines have already closed हिंदी की साहित्यिक पत्रिकाएं पहले ही बंद कर दी गईं। लघु पत्रिकाएं किसी तरह निकल रही हैं अजब जिजीविषा और गज़ब प्रतिबद्धता के साथ, जिन्हें न सत्ता का समर्थन है …

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समयांतर का जून अंक और पंकज बिष्ट का लेख इसका बच्चस, उसका बच्चा?

Literature, art, music, poetry, story, drama, satire ... and other genres

June issue of Samayantar and article by Pankaj Bisht साहित्य और पत्रकारिता की क्या भूमिका होनी चाहिये (What should be the role of literature and journalism), इसे समझने के लिए युवाजनों को यह अंक जरूर पढ़ना चाहिए। 2000 से मैं लगातार लिखता रहा हूँ समयांतर में। माननीय प्रभाष जोशी और ओम थानवी की परवाह न करते हुए जनसत्ता की नौकरी …

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कहानी अधूरी छोड़कर जाने वाला नायक इरफान ख़ान

Irrfan Khan

The protagonist, leaving the story incomplete, Irrfan Khan “दुख सबको माँजता है / और चाहे स्वयं सबको मुक्ति देना वो न जाने / किन्तु जिनको माँजता है/ उन्हें ये सीख देता है कि सबको मुक्त रखे” – अज्ञेय नई दिल्ली, 29 अप्रैल 2020. जैविक बीमारी कोरोना नें हमें हमारे दुख में भी अकेला कर दिया है। अपने-अपने घरों में रहते …

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जब-जब यह सोच सरकार बनाती है विचारों का खुलापन सीलेपन की बदबू से घिर जाता है,

Rajeev mittal राजीव मित्तल वरिष्ठ पत्रकार हैं।

इतिहास, शिक्षा, साहित्य और मीडिया।  (History, education, literature and media । ) ये चार ऐसे शक्तिशाली हथियार हैं, जो किसी भी समाज को लंबे समय तक कूपमंडूक और बौरा देने की क्षमता रखते हैं। युद्ध में हुई क्षति के घाव तो देर-सबेर भर जाते हैं, लेकिन ज़रा बताइये कि उन घावों जख्मों का क्या किया जाए, जो मनुस्मृतियों, वेद पुराण …

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