हस्तक्षेप साहित्यिक कलरव में इस रविवार प्रख्यात आलोचक “मधुरेश” की वार्ता

Madhuresh Sahityik Kalrav

Talk will be telecast by renowned Hindi critic Madhuresh on Sunday, September 6, 2020 at 4 pm in the literary section of Youtube channel of hastakshep.com नई दिल्ली, 03 सितंबर 2020. हस्तक्षेप डॉट कॉम के यूट्यूब चैनल के साहित्यिक कलरव अनुभाग में इस रविवार 6 सितंबर 2020 को सायं 4 बजे हिंदी के प्रख्यात आलोचक

हिंदी साहित्य का यह दुस्समय है हिंदी भाषा और साहित्य के सत्यानाश की भी राजनीति है

Kadambini and Nandan cease publication

हिंदी साहित्य का यह दुस्समय है। राजनीति, हिंदी को राष्ट्रभाषा बनाने की है और हिंदी भाषा और साहित्य के सत्यानाश की भी राजनीति है। Hindi literary magazines have already closed हिंदी की साहित्यिक पत्रिकाएं पहले ही बंद कर दी गईं। लघु पत्रिकाएं किसी तरह निकल रही हैं अजब जिजीविषा और गज़ब प्रतिबद्धता के साथ, जिन्हें

समयांतर का जून अंक और पंकज बिष्ट का लेख इसका बच्चस, उसका बच्चा?

June issue of Samayantar and article by Pankaj Bisht

June issue of Samayantar and article by Pankaj Bisht साहित्य और पत्रकारिता की क्या भूमिका होनी चाहिये (What should be the role of literature and journalism), इसे समझने के लिए युवाजनों को यह अंक जरूर पढ़ना चाहिए। 2000 से मैं लगातार लिखता रहा हूँ समयांतर में। माननीय प्रभाष जोशी और ओम थानवी की परवाह न

कहानी अधूरी छोड़कर जाने वाला नायक इरफान ख़ान

Irrfan Khan

The protagonist, leaving the story incomplete, Irrfan Khan “दुख सबको माँजता है / और चाहे स्वयं सबको मुक्ति देना वो न जाने / किन्तु जिनको माँजता है/ उन्हें ये सीख देता है कि सबको मुक्त रखे” – अज्ञेय नई दिल्ली, 29 अप्रैल 2020. जैविक बीमारी कोरोना नें हमें हमारे दुख में भी अकेला कर दिया

जब-जब यह सोच सरकार बनाती है विचारों का खुलापन सीलेपन की बदबू से घिर जाता है,

Rajeev mittal राजीव मित्तल वरिष्ठ पत्रकार हैं।

इतिहास, शिक्षा, साहित्य और मीडिया।  (History, education, literature and media । ) ये चार ऐसे शक्तिशाली हथियार हैं, जो किसी भी समाज को लंबे समय तक कूपमंडूक और बौरा देने की क्षमता रखते हैं। युद्ध में हुई क्षति के घाव तो देर-सबेर भर जाते हैं, लेकिन ज़रा बताइये कि उन घावों जख्मों का क्या किया