बंगाल की तूफान पीड़ित जनता के साथ प्रधानमंत्री का क्रूर हास्य विनोद

Modi in Gamchha

Prime Minister’s brutal comic humor with the storm-affected masses of Bengal यह बंगाल की तूफान पीड़ित जनता के साथ प्रधानमंत्री का क्रूर हास्य विनोद है। रोम से नीरो निकलकर आये और ध्वस्त बंगाल के आसमान में उड़ते हुए अपनी बांसुरी का कमाल दिखाकर चले गए। It is a cruel joke. The prime minister insulted the

ये सवाल मुझे परेशान करते हैं और आपको?

पलाश विश्वास जन्म 18 मई 1958 एम ए अंग्रेजी साहित्य, डीएसबी कालेज नैनीताल, कुमाऊं विश्वविद्यालय दैनिक आवाज, प्रभात खबर, अमर उजाला, जागरण के बाद जनसत्ता में 1991 से 2016 तक सम्पादकीय में सेवारत रहने के उपरांत रिटायर होकर उत्तराखण्ड के उधमसिंह नगर में अपने गांव में बस गए और फिलहाल मासिक साहित्यिक पत्रिका प्रेरणा अंशु के कार्यकारी संपादक। उपन्यास अमेरिका से सावधान कहानी संग्रह- अंडे सेंते लोग, ईश्वर की गलती। सम्पादन- अनसुनी आवाज - मास्टर प्रताप सिंह चाहे तो परिचय में यह भी जोड़ सकते हैं- फीचर फिल्मों वसीयत और इमेजिनरी लाइन के लिए संवाद लेखन मणिपुर डायरी और लालगढ़ डायरी हिन्दी के अलावा अंग्रेजी औऱ बंगला में भी नियमित लेखन अंग्रेजी में विश्वभर के अखबारों में लेख प्रकाशित। 2003 से तीनों भाषाओं में ब्लॉग

These questions bother me and you? बंगाल और ओडिशा के हर जिले में आता जाता रहा हूँ। वैसे भी ओडिशा के बालेश्वर जिले के बारीपदा में मेरा ननिहाल है। बंगाल में 27 साल रहा तो झारखंड में चार साल। झारखण्ड में भी गांव-गांव, जंगल-जंगल जाना होता था। खासकर कोयला खान इलाकों में। झारखण्ड और बंगाल