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Tag Archives: स्त्री

कामसूत्र में कामुकता के नि‍यमों का खेल

what is at the center of the kamasutra

The game of rules of sexuality in the Kamasutra in Hindi कामसूत्र के केंद्र में क्या है? (What is at the center of the Kamasutra?) आनंद में जब अविश्वास पैदा हो जाता है तो उसका सीधा असर शरीर और आत्मा पर पड़ता है। साथ ही वैवाहिक जीवन में कामुक सुख और वैवाहिक दायित्वों पर भी असर पड़ता है। कामसूत्र में …

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मध्यकाल और स्त्री के अनुत्तरित प्रश्न

opinion debate

Medieval Period and Unanswered Questions of Woman भारत में घरेलू स्त्री की समस्याएं (problems of the domestic woman in India ) अनंत हैं। उन स्त्रियों पर केन्द्रित – “गृहिणी और स्त्रीवादी मूल्यांकन की समस्याएं”, (problems of housewife and feminist evaluation in Hindi) विषय पर प्रोफेसर जगदीश्वर चतुर्वेदी के वीडियो संवाद नई सीरीज का पहला एपिसोड। विषय : स्त्री के अनुत्तरित …

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राजनीतिक षड़यंत्र का हिस्सा बुल्ली बाई ऐप!

opinion, debate

नफरत की आग हमारे भविष्य को खाक कर दे, इससे पहले हमारे समाज को जाग जाना चाहिए Bully Bai App Part Of Political Conspiracy! नया वर्ष राजनीतिक तौर पर कई अशुभ और घृणात्मक अभियानों की सूचना के साथ शुरू हुआ। एक ओर तथाकथित धर्म संसद से एक धर्म विशेष के अनुयायियों के नरसंहार के आव्हान (calls for massacre of followers …

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फणीश्वर नाथ रेणु की कहानी “तीसरी कसम” में ‘प्रेम’। प्रोफेसर सुधा सिंह का संवाद

hindi story teesri kasam by phanishwar nath renu

Prof. Sudha Singh Teesari Kasam men prem. |#hastakshep | #हस्तक्षेप |  उनकी ख़बरें जो ख़बर नहीं बनते. क्या नवजागरण में स्त्री की मुक्ति का एजेंडा था? नवजागरण के मुद्दे, स्त्री के मसले नहीं थे। स्त्री को जो स्वतंत्रता मिली क्या वह साहित्य के कारण मिली? स्त्री को जो स्वतंत्रता मिली क्या वह साहित्य के कारण नहीं मिली? जितने राजनीतिक सामाजिक …

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धर्मनिरपेक्षता, साम्प्रदायिकता से परे स्त्री की आज़ादी का सवाल

jagdishwar chaturvedi

Question of women’s freedom beyond secularism, communalism औरत की आज़ादी और सुरक्षा देश की सबसे बड़ी समस्या है। हम यह मान बैठे हैं कि संविधान में औरत को हक़ दे दिए गए हैं और क़ानून बना दिया गया तो औरत अब आज़ादी से घूम- फिर सकती है। औरत की मुक्ति की सबसे बड़ी चुनौती क्या है (What is the biggest …

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हृदय परिवर्तन का दलितवादी संस्करण : संक्रमण

Literature news

जापान के लेखक यासुनारी कबावाता की एक प्रसिद्ध कहानी है – ‘धूप का टुकड़ा’. इस कहानी में अव्यवस्थित पात्र किस तरह से व्यवस्थित होकर असामान्य से सामान्य स्थिति को प्राप्त करता है, इसका नायाब उदाहरण देखने को मिलता है. किसी भी स्थिर या अस्थिर पात्र का स्वाभाविक स्वीकार लेखन की क्षमता को जाहिर करता है. इस कहानी का पात्र घूरने …

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पूछता है भारत : क्या भाजपा के रामराज्य में यौन हिंसा एक तरह का यज्ञ है जिसमें स्त्री को आहुति देनी ही पड़ेगी

HATHRAS हाथरस गैंगरेप : व्यवस्था और मानवता का अंतिम संस्कार

न्यायालय की अवधारणा और पुलिस तंत्र का न्याय | Concept of Court and Justice of Police System 5 अगस्त को उत्तर प्रदेश के अयोध्या में राम जन्म भूमि का शिलान्यास (Foundation stone of Ram Janmabhoomi in Ayodhya) किया गया और उत्तर प्रदेश में रामराज्य की स्थापना (Establishment of Ram Rajya in Uttar Pradesh) हुई। इसी रामराज्य में प्रतिदिन महिलाओं से …

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बलात्कार : स्त्री देह में ‘मजा’ और ‘सजा’ की संस्कृति

HATHRAS हाथरस गैंगरेप : व्यवस्था और मानवता का अंतिम संस्कार

The entire society is responsible for creating this criminal mindset. यौन अपराधों (Sexual offences) के साथ जब तक ‘मजा’ और ‘सजा’ का संबंध बना रहेगा, ये अपराध थमने वाले नहीं। जिसने यौन अपराध किया वह अपराधी है लेकिन पूरा समाज ही इस अपराधी मानसिकता को बनाने का जिम्मेदार ठहरता है। The relationship of man is ultimately attributed to the body, …

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हिन्दू समाज के ठेकेदारों ने ईश्वर चन्द्र विदयासागर को बार-बार जान से मारने की कोशिश की

Ishwar Chandra Vidyasagar,ईश्वर चंद्र विद्यासागर,ईश्वर चन्द्र विदयासागर,

ईश्वर चंद्र विद्यासागर पर निबंध | Essay on Ishwar Chandra Vidyasagar in Hindi 250 words essay on Ishwar Chandra Vidyasagar आभार सुबीर वन्दना दास। तुमने हिन्दू धर्म के महान समाज सुधारक को याद किया। जिन्होंने शिक्षा आंदोलन चलाया। बेमेल और बहू विवाह, सती प्रथा पर रोक लगवाई। विधवा विवाह का प्रचलन किया और मनुस्मृति के मुताबिक सारे अधिकारों से वंचित …

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ऐसे लोग उन भेड़ियों से कम नहीं, जो महिला सशक्तीकरण का चारा महज़ जिस्मानी आज़ादी तक मानते हैं

Hastakshep new

आज के युवाओं में विवाह को लेकर उदासीनता के कारण | The reasons for the apathy about marriage among today’s youth किसी भी मज़हब की बात कीजिए, विवाह/ शादी में यौनिक संबंधों को ही अहम माना गया है। प्यार का तो जिक्र ही नहीं मिलता। मनपसंद शादी के नाम पर चेहरे से ज्यादा खानदान की इज्ज़त के रूप में जाने …

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