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Tag Archives: स्वाधीनता संग्राम

स्वाधीनता संग्राम में कहीं नहीं थे आरएसएस और मुस्लिम लीग

Dr. Ram Puniyani

RSS and Freedom Movement: Glossing Over the Non Participation RSS‘s participation in freedom struggle | आरएसएस की स्वाधीनता संग्राम में हिस्सेदारी  हमारे देश के सत्ताधारी दल भाजपा के पितृ संगठन आरएसएस के स्वाधीनता संग्राम में कोई हिस्सेदारी न करने पर चर्चा होती रही है. पिछले कुछ वर्षों में संघ की ताकत में आशातीत वृद्धि हुई है और इसके साथ ही …

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जयशंकर प्रसाद, भूमंडलीकरण और राष्ट्रवाद

jaishankar prasad, globalization and nationalism

Jaishankar Prasad, Globalization and Nationalism समय – फ्रांसिस फुकुयामा ने´इतिहास का अंत´ की जब बात कही थी तो उन्होंने ´एंड ऑफ दि स्पेस´ की बात कही थी, लेकिन हिंदी आलोचकों ने उसे गलत अर्थ में व्याख्यायित किया। सवाल यह है भूमंडलीकरण के कारण सारी दुनिया में ´स्पेस´का अंत हुआ या नहीं ॽ यही वह परिदृश्य है जिसमें आप भूमंडलीकरण को …

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हिन्दी में डॉ. राम पुनियानी का लेख : गोलवलकर और हमारा सत्ताधारी दल

Dr. Ram Puniyani - राम पुनियानी

Dr Ram Puniyani’s article in Hindi: Golwalkar and our ruling party भारत के वर्तमान सत्ताधारी दल भारतीय जनता पार्टी (Bharatiya Janata Party -भाजपा) के नेता भले ही हमारे धर्मनिरपेक्ष-बहुवादी और संघात्मक संविधान के नाम पर शपथ लेते हों परन्तु सच यह है कि यह पार्टी देश को आरएसएस के एजेंडे (RSS agenda) में निर्धारित दिशा में ले जा रही है. …

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जानिए सेडिशन धारा 124A के बारे में सब कुछ, जिसका सबसे अधिक दुरुपयोग अंग्रेजों ने किया और अब भाजपा सरकार कर रही

disha ravi

सेडिशन धारा 124A, राजद्रोह कानून और उसकी प्रासंगिकता | Sedition section 124A, sedition law and its relevance भारत में राजद्रोह कानून की व्याख्या सेडिशन, धारा 124A (124a ipc in hindi) के अनेक मुकदमों में सबसे ताज़ा और विवादास्पद मुकदमा दिशा रवि का है, जिन्हें किसान आंदोलन 2020 (Peasant movement 2020) के समर्थन में, एक टूलकिट को संपादित और सोशल मीडिया …

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उन्हें ‘जन गण मन’ से परहेज है, उन्होंने पाठ्यपुस्तकों से टैगोर को हटाने की सिफारिश की, वे टैगोर को पूज रहे !

rabindranath tagore

रबीन्द्रनाथ टैगोर (Rabindranath Tagore) : मानवतावाद और राष्ट्रवाद पश्चिम बंगाल में चुनाव (Elections in West Bengal) नजदीक हैं। भाजपा ने बंगाल के नायकों को अपना बताने की कवायद शुरू कर दी है। जहां तक भाजपा की विचारधारा का प्रश्न है, बंगाल के केवल एक नेता, श्यामाप्रसाद मुखर्जी, इस पार्टी के अपने हैं। वे भाजपा के पूर्व अवतार जनसंघ के संस्थापक …

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नागरिक अधिकारों का समर्थन किसी देश का आंतरिक मामला नहीं

Chaudhary Rakesh Tikait

Support of civil rights should not be considered as an internal matter of a country – Vijay Shankar Singh जन सरोकारों, नागरिक अधिकारों, मौलिक अधिकारों, और सम्मान से जीने के अधिकारों को किसी राज्य या देश की सीमा में बांट कर नहीं रखा जा सकता है। आज किसान आंदोलन (Farmers Protest) भी सम्मान पूर्वक जीने और अपनी कृषि संस्कृति को …

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अब नेताजी पर कब्ज़ा ज़माने की विफल हिन्दू राष्ट्रवादी कवायद – डॉ. राम पुनियानी का लेख

Subhas Chandra Bose

Now Hindu nationalist exercise failed to capture Netaji – article by Dr. Ram Puniyani नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 125वीं जयंती- 125th birth anniversary of Netaji Subhash Chandra Bose (23 जनवरी) के अवसर पर देश भर में अनेक आयोजन हुए. राष्ट्रपति भवन में उनके तैल चित्र का अनावरण किया गया. केंद्र सरकार ने घोषणा की कि नेताजी का जन्मदिन हर …

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नेताजी सुभाष चंद्र बोस : पहले कांग्रेस अध्यक्ष, जिन्होंने कांग्रेस के सदस्यों को हिन्दू महासभा या मुस्लिम लीग के सदस्य होने पर रोक लगाई

Subhas Chandra Bose

नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 125वीं जयंती और 1942 में सावरकर और श्यामा प्रसाद मुखर्जी की भूमिका : विजय शंकर सिंह कोलकाता में नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 125वीं जयंती (125th birth anniversary of Netaji Subhas Chandra Bose in Kolkata) मनाई गयी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उस समारोह के मुख्य अतिथि थे। बंगाल ने यूँ तो देश को अनेक रत्न …

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खान अब्दुल गफ्फार खान : मुसलमान रहे हैं साँझा राष्ट्रवाद के हामी

Dr. Ram Puniyani - राम पुनियानी

Khan Abdul Gaffar Khan: Muslims for Composite Indian Nationalism हाल में हरियाणा के मुख्यमंत्री एम.एल. खट्टर की ओर से जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया कि हरियाणा सरकार ने फरीदाबाद के खान अब्दुल गफ्फार खान अस्पताल का नाम बदल कर अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर (Khan Abdul Ghaffar Khan Hospital in Faridabad to Atal Bihari Vajpayee Hospital) रखने …

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देशभक्ति, धर्म और संघी सोच : डॉ. राम पुनियानी का लेख

Dr. Ram Puniyani - राम पुनियानी

Dr Ram Puniyani‘s article in Hindi: Patriotism, Religion and Sanghi thinking पिछले कुछ वर्षों से ‘देशद्रोही‘ शब्द का काफी इस्तेमाल हो रहा है. देशद्रोही की परिभाषा (Definition of traitor in Hindi) बहुत स्पष्ट और सीधी-साधी है. जो भी आरएसएस या उसके कुनबे का आलोचक है, वह देशद्रोही है. आरएसएस हिन्दू राष्ट्रवाद की विचारधारा का स्रोत है और जैसे-जैसे वह ताकतवर …

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आजाद हिन्द फौज : जब गांधी जी ने सहगल ढिल्लन शाहनवाज से पूछा था “तुम तीनों में से ब्रह्मा, विष्णु महेश कौन-कौन है”

Subhas Chandra Bose

आजाद हिन्द फौज : लाल किले से आयी आवाज़, सहगल ढिल्लन शाहनवाज ! भारत के स्वतंत्रता संग्राम में आजाद हिन्द फौज की भूमिका | Role of Azad Hind Fauj in India’s freedom struggle आजाद हिन्द फौज के ट्रायल के आज पचहत्तर साल पूरे हो रहे हैं। भारत के स्वतंत्रता संग्राम में आजाद हिन्द फौज की भूमिका अहम रही है। नेताजी …

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सरकार की प्राथमिकताएं कॉरपोरेट हित हैं, न कि जनहित या लोक कल्याण / विजय शंकर सिंह

Narendra Modi flute

The government’s priorities are corporate interests, not public interest or public welfare : Vijay Shankar Singh What is the economic policy of the government after 2014? सरकार की प्राथमिकताएं आखिर क्या हैं ? विकास हो रहा है तो जीडीपी क्यों गिर रही है। अर्थव्यवस्था में तमाम गिरावट के बाद पिछले छह सालों में केवल यही एक ‘उपलब्धि’ हुयी है कि …

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अमित शाह जी टैगोर का राष्ट्रवाद, आरएसएस का राष्ट्रवाद नहीं है !

rabindranath tagore

Amit Shah ji Tagore’s nationalism is not RSS’s nationalism!! – Vijay Shankar Singh अगले साल बंगाल में चुनाव हैं। वहां राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं और भाजपा के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह जी बंगाल के नियमित दौरे पर हैं। अपने एक दौरे में अमित शाह ने कहा कि वे रवीन्द्रनाथ टैगोर के सपनों का बंगाल बनाना चाहते हैं। …

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जानिए नये कृषि कानून में शर्मनाक जमाखोरी को क्यों वैध बनाया गया है ?

CITU

Know why hoarding has been legalized under the new agricultural law? : Vijay Shankar Singh 8 दिसंबर, को किसानों ने अपनी मांगों के समर्थन में भारत बंद (Bharat Bandh) का आह्वान किया था। बंद सफल रहा। सबसे उल्लेखनीय बात थी कि, इस बंद में देश मे कहीं से भी हिंसा के समाचार नहीं मिले। लंबे समय के बाद, देश में …

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पगड़ी संभाल जट्टा : सन 1907 का किसान आंदोलन, जिसने ब्रिटिश हुकूमत की चूलें हिला दी थीं, तब भी विरोध तीन किसान विरोधी कानूनों का था

Farmers Protest

तब भी विरोध तीन किसान विरोधी कानूनों का था। यह अलग बात है कि वे आज के तीन कृषि कानूनों की तरह नहीं थे। पगड़ी संभाल जट्टा आंदोलन क्या है? ‘पगड़ी संभाल जट्टा’ की शुरुआत कैसे हुई ? मौजूदा किसान आंदोलन इससे किस प्रकार जुड़ा हुआ है? किसान आंदोलन का 100 साल पुराने पगड़ी संभाल जट्टा आंदोलन से क्या रिश्ता …

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क्या बदलाव की एक नयी इबारत लिख पायेगा किसानों का यह आंदोलन ?

Agriculture Bill will destroy agriculture - Mazdoor Kisan Manch

Will this movement of farmers be able to write a new chapter of change? 2014 में भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन के प्रबल झंझावात के बल पर भाजपा/ एनडीए की सरकार बनी थी। उम्मीदें भी थीं, और गुजरात मॉडल का मायाजाल भी। नरेंद्र मोदी की क्षमता पर ज़रूरत से ज्यादा लोगों को भरोसा भी था। कांग्रेस का दस वर्षीय कार्यकाल खत्म हो …

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किसान आंदोलनों की परंपरा और किसान आंदोलनों का संक्षिप्त इतिहास

Agriculture Bill will destroy agriculture - Mazdoor Kisan Manch

The tradition of peasant movements and a brief history of peasant movements 26 नवम्बर को किसानों का दिल्ली कूच कार्यक्रम है। वे वहां पहुंच पाते हैं या नहीं यह तो अभी नहीं बताया जा सकेगा, लेकिन तीन नए कृषि कानूनो के असर देश की कृषि व्यवस्था पर पड़ने लगे है। धान की खरीद पर इसका असर साफ दिख रहा है। …

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रायबरेली में एसपी रहे अफसर बोले – राहुल एक संवेदनशील और मुखर व्यक्ति, ओबामा उन्हें इग्नोर करने का साहस न जुटा पाए

Rahul Gandhi

हम सब अपने-अपने परसेप्शन खुद ही गढ़ते हैं हमारी समस्या एक यह भी है कि, हम यह चाहते हैं कि किसी व्यक्ति, विचार या घटना के बारे में जो मेरा परसेप्शन हो, वही हर व्यक्ति का भी हो। हम यह भूल जाते हैं कि, हर व्यक्ति किसी भी घटना, व्यक्ति और विचार के बारे में अलग-अलग तरह से सोचता है …

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गुलामी से मुक्ति : बिहार विधानसभा चुनाव में सबसे बड़े मुद्दे की अनदेखी!

Bihar assembly election review and news

Freedom from slavery: Biggest issue ignored in Bihar assembly elections! बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण (First phase of Bihar assembly election) का वोट पड़ चुका है और पार्टियां अगले चरणों के चुनाव के प्रचार में जुट चुकी हैं. अब तक के चुनाव प्रचार में जितने भी मुद्दे उठाए गए हैं, उनमें तेजस्वी यादव द्वारा सत्ता में आने पर 10 …

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डॉ. राम पुनियानी का लेख – विविधता : राष्ट्रनिर्माण में सहायक या बाधक

Dr. Ram Puniyani

हिन्दी में डॉ. राम पुनियानी का लेख – विविधता : राष्ट्रनिर्माण में सहायक या बाधक Dr. Ram Puniyani’s article in Hindi – Diversity: Aiding or inhibiting nation building क समाचार के अनुसार, ब्रिटेन के चांसलर ऑफ़ द एक्सचेकर ऋषि सुनाक ने 17 अक्टूबर 2020 को 50 पेन्स का एक नया सिक्का जारी किया. सिक्के को ‘डायवर्सिटी क्वाइन’ का नाम दिया …

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बेशर्मी और निर्लज्जता की हदें पार करते महामहिम!

bhagat singh koshyari with Udhav Thackrey

संवैधानिक पदों को कलंकित करते राज्यपाल राष्ट्रपति के बाद राज्यपाल का पद ही संवैधानिक गरिमा में सबसे ऊपर माना जाता है लेकिन नरेंद्र मोदी की सरकार नहीं जिन राजनेताओं को राज्यपाल की कुर्सी पर बैठाया है उन्होंने न केवल संवैधानिक मर्यादाओं का उल्लंघन किया है बल्कि राजभवन में बैठकर एक पार्टी के नेता जैसा व्यवहार करते हुए सारी संवैधानिक मर्यादाओं …

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