संस्मरण – दंगा 1984 : देश की एकता के लिये अभिशाप हैं धर्म और जाति से प्रेरित दंगे

1984 riots memoir of retired senior IPS officer Vijay Shankar Singh

Riots inspired by religion and caste are a curse for the unity of the country. धर्म के नाम पर हुए व्यापक दंगों या नरसंहारों को याद रखा जाना चाहिए। उन्हें याद रखना इसलिए भी ज़रूरी है कि ताकि धर्मान्धता या अन्य पागलपन के दौर में हम, जो अक्सर भूल जाते हैं कि हम एक अदद

यह ना संयोग है ना प्रयोग बल्कि एक प्रोजेक्ट है, पहले विश्वविद्यालयों को निशाना बनाया गया और अब बस्तियां भी सुलग रही हैं

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This is neither a coincidence nor an experiment but a project, universities were first targeted and now settlements are also burning यह ना संयोग है ना प्रयोग बल्कि एक प्रोजेक्ट है जिसे बहुत तेजी से पूरा किया जा रहा है. भारत को ‘हम’ और ‘वे’ में बांट देने का प्रोजेक्ट, जिसके लिये कई दशकों से