दिल्ली विश्वविद्यालय : समायोजन या षड्यंत्र ? डूटा की खतरनाक चुप्पी

Delhi University

दिल्ली विश्वविद्यालय : समायोजन या षड्यंत्र ? डूटा की खतरनाक चुप्पी प्रेमचंद ने कहा था कि चमड़े की रखवाली कुत्तों से नहीं करवाई जाती है और इसी परंपरा में आगे चलकर राजेन्द्र यादव ने लिखा – विश्वविद्यालय साहित्य के कब्रिस्तान हैं. दिल्ली विश्वविद्यालय में ‘समायोजन का षड़यंत्र’ कर रहे शिक्षकों को देखकर अनायास ही प्रेमचंद