दलित कविता के तीन तत्व हैं- अनुभव, आक्रोश और अधिकार बोध- बजरंग बिहारी तिवारी

Bajrang Bihari Tiwari

अलवर (राजस्थान). 19 जुलाई 2020. नोबल्स स्नातकोत्तर महाविद्यालय, रामगढ़, अलवर (राज ऋषि भर्तृहरि मत्स्य विश्वविद्यालय, अलवर) से संबद्ध एवं भर्तृहरि टाइम्स पाक्षिक समाचार पत्र, अलवर के संयुक्त तत्वावधान में एक दिवसीय स्वरचित काव्यपाठ/मूल्यांकन ई-संगोष्ठी-3 का आयोजन किया गया, जिसका विषय ‘दलित संदर्भ’ था। इस संगोष्ठी में देश भर से 15 युवा कवि-कवयित्रियों ने भाग लिया।