इक चाय वाले के हाथ सत्ता लग गयी..उसने कौमों से क़ौम सुलगाई है..मत भूले देस… आज़ादी की रंगत तो अश्फ़ाक के लहू से आई है

डॉ. कविता अरोरा (Dr. Kavita Arora) कवयित्री हैं, महिला अधिकारों के लिए लड़ने वाली समाजसेविका हैं और लोकगायिका हैं। समाजशास्त्र से परास्नातक और पीएचडी डॉ. कविता अरोरा शिक्षा प्राप्ति के समय से ही छात्र राजनीति से जुड़ी रही हैं।

इक चाय वाले के हाथ सत्ता लग गयी.. चटपटी पाकिस्तानी चटनी पकौड़ियों के साथ हट्टी सज गयी… उसने हिंदू-हिंदू फूँक कर अंगार जलाया, इक काग़ज़ के टुकड़े से असम मेघालय सुलगाया.. अब धीमी-धीमी आँच पर सुलग रहीं है देस की भट्टी.. हौले हौले से चायवाले की चल निकली है हट्टी .. उसकी इस हट्टी पर

भारत विभाजन हम ने नहीं कराया : झूठों के शहंशाह अमित शाह

Amit Shah at Kolkata

झूठ बोलने में माहिर आरएसएस इस समय दुनिया का कोई भी फासीवादी संगठन दोग़ली बातें करने, उत्तेजना फैलाने और षड्यंत्र रचने में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ– Rashtriya Swayamsevak Sangh, (आरएसएस) को मात नहीं दे सकता। भारत के एक मशहूर अंगरेजी दैनिक ने आरएसएस के बारे में प्रख्यात लेखक जॉर्ज ऑरवेल द्वारा दिए गए शब्द ‘दो मुंहा’

एनआरसी के विरोध में कांग्रेस का आज धरना प्रदर्शन

congress

Congress protests today against NRC रायपुर, 11 दिसंबर 2019। प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री एवं संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने बताया है कि केन्द्र की मोदी सरकार द्वारा लोकसभा में पारित कराये गये नागरिकता संशोधन बिल (Citizenship Amendment bill passed in Lok Sabha) का भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पुरजोर से विरोध कर रही है।

संघ से नहीं, इतिहास से कुछ सीखिए मोटा भाई, धर्म के आधार पर बना पाकिस्तान साल 1971 आते-आते टूट गया था

Amit Shah Narendtra Modi

इतिहास से सीखिए कुछ ! धर्म के आधार पर बना पाकिस्तान साल 1971 आते आते टूट गया था। पूर्वी पाकिस्तान बंगलादेश बन गया था। हिन्दू धर्म के मानने वालों से अपेक्षाकृत अधिक एकरूपता ‘एक अल्लाह’ ‘एक कुरान’ और ‘एक आखिरी पैगम्बर’ तथा ‘एक भाषा में एक जैसी प्रार्थना-पद्यति’ के कारण पूर्वी-पश्चिमी पाकिस्तान के बहुसंख्यकों में