केरल सरकार सीएए के खिलाफ सर्वोच्च न्यायालय पहुंची

Kerala government challenges Citizenship Amendment Act in Supreme Court. Ist state to do so

Kerala government reaches Supreme Court against CAA. Kerala government challenges Citizenship Amendment Act in Supreme Court. Ist state to do so. नई दिल्ली, 14 जनवरी 2020. केरल विधानसभा द्वारा नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) के खिलाफ प्रस्ताव पारित (Kerala Legislative Assembly passes resolution against Citizenship Amendment Act (CAA)) किए जाने के बाद, राज्य सरकार ने संशोधित

सीएए :  मोदी सरकार के समर्थन में मायावती (?) खुलकर मैदान में, विपक्ष पड़ा कमजोर

Mayawati

Anti-CAA movement : Mayawati in support of Modi government (?) नई दिल्ली, 13 जनवरी 2020. केंद्र में मोदी सरकार के खिलाफ विपक्ष की एकजुटता की कोशिशों को झटका लगा है। बहुजन समाज पार्टी ने भी यहां सोमवार को कांग्रेस की ओर से बुलाई गई विपक्षी दलों की बैठक में भाग न लेने का ऐलान किया है।

सीएए और दक्षिण एशिया में धार्मिक अल्पसंख्यक

डॉ. राम पुनियानी (Dr. Ram Puniyani) लेखक आईआईटी, मुंबई में पढ़ाते थे और सन्  2007 के नेशनल कम्यूनल हार्मोनी एवार्ड से सम्मानित हैं

Citizenship Amendment Act and Religious Minorities in South Asia नए साल की शुरुआत में, सीमा के पार पाकिस्तान से दो व्यथित करने वाली घटनाओं की खबरें आईं. पहली थी गुरु नानक के जन्मस्थान ननकाना साहिब गुरूद्वारे पर हुआ हमला (attack on Nankana Sahib). एक रपट में कहा गया था कि हमलावरों का लक्ष्य इस पवित्र

अपने ही देश के आठ राज्यों में नहीं जा पा रहे हैं 56” प्रधानमंत्री और गृहमंत्री

Ravish Kumar

नागरिकता क़ानून के पास होते ही गृहमंत्री अमित शाह को मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में दौरा करना पड़ा। क़ायदे से जहां से इस क़ानून की उत्पत्ति हुई है वहाँ जाकर लोगों को समझाना था मगर एक महीना हो गया गृहमंत्री असम या पूर्वोत्तर के किसी राज्य में नहीं जा सके हैं। अमित शाह दिल्ली के

पुलिस के भय के साए तले जी रहे हैं मुस्लिम

Guwahati News, Citizenship Act protests LIVE Updates, Anti-CAA protests, News and views on CAB,

Living in fear of a law and the law enforcers उत्तर प्रदेश के फिरोज़ाबाद में नागरिकता संशोधन अधिनियम – Citizenship Amendment Act (सीएए) 2019 के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों के दौरान कम से कम छह लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी गई। इसके बाद सप्ताह भर तक अधिक समय में नैनी और जाटवपुरी चौराहे के

जरूरी है भाजपा की हेट पॉलिटिक्स की काट ! संघ के असल वर्ग-शत्रु मुसलमान, नहीं दलित, आदिवासी और पिछड़े हैं

Amit Shah Narendtra Modi

केंद्र की सत्ता पर काबिज मोदी सरकार ने नागरिकता संशोधन कानून (Citizenship amendment Act) (सीएए )और एनआरसी (NRC) की दिशा में जो कदम उठाया है, उससे इस सरकार के नोटबंदी जैसे तुगलकी व निरर्थक फैसले के बाद पूरे देश के अवाम का जीवन फिर एक बार बुरी तरह प्रभावित होने जा रहा है. लेकिन नोटबंदी

विकास के नकाब को नोंचती साम्प्रदायिक छवि !

PM Narendra Modi at 100 years of ASSOCHAM meet

विकास के नकाब को नोंचती साम्प्रदायिक छवि ! The communal image noting the mask of development! भाजपा-मोदी-आरएसएस की तथाकथित देशभक्ति का जो रूप इस समय सामने आया है उसने मोदी ने विकास पुरूष के दावे की धज्जियां उड़ाकर रख दी हैं। जो लोग सड़क-पानी-कारखाने-नौकरी के लिए मोदी की ओर आस लगाए बैठे थे, वे सब

आखिर पाठ्यपुस्तकों से क्यों नहीं हट रहा है ‘क्रांतिकारी आतंकवादी’ शब्द ?

opinion

After all, why is the word ‘revolutionary terrorist’ not being removed from textbooks? देश में सबसे अधिक दिखावा देशभक्ति को लेकर हो रहा है। जहां सत्तापक्ष राष्ट्रवाद का राग  अलाप रहा है वहीं विपक्ष सत्ता में बैठे भाजपा और आरएसएस के लोगों के आजादी में कोई योगदान न देने की बात कर रहा है। मतलब

जस्टिस काटजू ने लताड़ा, कथित ‘दंगाइयों ’की संपत्ति जप्त करना अवैध, सुप्रीम कोर्ट रोक लगाए नहीं तो आ जाएगा भारत में नाजी युग

Justice Markandey Katju

Action of UP authorities against anti CAA agitators is illegal : Justice Markandey Katju नई दिल्ली, 27 दिसंबर 2019. उत्तर प्रदेश में सीएए विरोधी आंदोलनके दौरान कथित हिंसा पर कथित दंगाइयों की संपत्ति जप्त करने के यूपी सरकार के आदेश की खबरों पर सर्वोच्च न्यायालय के अवकाश प्राप्त न्यायाधीश जस्टिस मार्कण्डेय काटजू ने यूपी की योगी

मोदीजी, ऐसे बयानों से तो और भड़केगा सीएए और एनआरसी के खिलाफ हो रहा आंदोलन

PM Narendra Modi at 100 years of ASSOCHAM meet

किसी भी लोकतांत्रिक देश में जब माहौल बिगड़ता है तो उस देश की सरकार का दायित्व बनता है कि वह किसी भी तरह से माहौल को शांत करे। जब बात किसी मांग की होती है और आंदोलन राष्ट्रव्यापी हो तो सरकार की नैतिक जिम्मेदारी बन जाती है कि वह उस आवाज को सुने। केंद्र में