करोड़ों मजदूरों के पलायन को प्रवासी कहना उनका अपमान है, मोदी का प्रवचन सुनने लायक नहीं होता, विचार करने लायक भी नहीं – मैनेजर पाण्डेय

Manager Pandey

कोरोना महामारी व भारत आपदा के दौरान प्रसिद्ध आलोचक मैनेजर पाण्डेय क्या सोच रहे हैं What is the famous critic Manager Pandey thinking during the Corona epidemic and India disaster यायावर पत्रकार पुष्पराज के साथ साक्षात्कार Manager Pandey’s interview with wandering journalist Pushparaj हिंदी आलोचना के इतिहास (History of hindi criticism) में आचार्य रामचन्द्र शुक्ल,आचार्य

पांचवे लॉकडाउन की आहट के बीच कोरोना महामारी पर नए सिरे से सोचने की जरूरत

#CoronavirusLockdown, #21daylockdown , coronavirus lockdown, coronavirus lockdown india news, coronavirus lockdown india news in Hindi, #कोरोनोवायरसलॉकडाउन, # 21दिनलॉकडाउन, कोरोनावायरस लॉकडाउन, कोरोनावायरस लॉकडाउन भारत समाचार, कोरोनावायरस लॉकडाउन भारत समाचार हिंदी में, भारत समाचार हिंदी में,

Need to rethink corona epidemic amidst the fifth lockdown एक नए शोध (New research on corona virus) के मुताबिक शांत समय में कोरोना वायरस छींक, खांसी, यहाँ तक कि बातचीत के दौरान 20 फिट तक जा सकता है। छींकने, खाँसने, या सामान्य बातचीत में 40.000 नन्हीं बूंदें निकल सकती हैं जो एक सेकंड में कुछ

आरएसएस-भाजपा की डरी सरकार बढ़ी आपातकाल की ओर – दिनकर

दिनकर कपूर Dinkar Kapoor अध्यक्ष, वर्कर्स फ्रंट

वर्कर्स फ्रंट ने एस्मा लगाने की कड़ी निंदा की संविधान विरूद्ध सांकेतिक प्रदर्शन से रोकने का आदेश, जायेंगे हाईकोर्ट  लखनऊ 23 मई 2020, कोरोना महामारी (Corona epidemic) से निपटने में पूरे तौर पर विफल रही और कारपोरेट की सेवा में लगी आरएसएस-भाजपा की सरकार (RSS-BJP government) अंदर से बेहद डरी हुई और यहीं वजह है

भूख के विरुद्ध, भात के लिये : किसान सभा के देशव्यापी आह्वान पर सैकड़ों गांवों में ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन

Kisan Sabha

Villagers protest in hundreds of villages on the nationwide call of Kisan Sabha रायपुर 21 अप्रैल 2020 : कोरोना महामारी और अनियोजित लॉक डाउन (Corona Epidemic and Unplanned Lock Down) के कारण किसानों, ग्रामीण गरीबों, दिहाड़ी और प्रवासी मजदूरों तथा आदिवासियों के समक्ष उत्पन्न समस्याओं को हल करने के लिए केंद्र सरकार की उदासीनता के

कोरोना और सभ्यता का संकट : हम अभी सभ्यता के एक सबसे बड़े संकट के दौर में जी रहे हैं

Arun Maheshwari - अरुण माहेश्वरी, लेखक सुप्रसिद्ध मार्क्सवादी आलोचक, सामाजिक-आर्थिक विषयों के टिप्पणीकार एवं पत्रकार हैं। छात्र जीवन से ही मार्क्सवादी राजनीति और साहित्य-आन्दोलन से जुड़ाव और सी.पी.आई.(एम.) के मुखपत्र ‘स्वाधीनता’ से सम्बद्ध। साहित्यिक पत्रिका ‘कलम’ का सम्पादन। जनवादी लेखक संघ के केन्द्रीय सचिव एवं पश्चिम बंगाल के राज्य सचिव। वह हस्तक्षेप के सम्मानित स्तंभकार हैं।

कोरोना और सभ्यता का संकट वार्ता श्रृंखला (1) | Corona and Crisis of Civilization Dialogue Series (1) —अरुण माहेश्वरी संवाद के एक नए और शायद प्रभावी माध्यम की तलाश में ही आज हम आपसे इस वीडियो के माध्यम से मुखातिब है। तकरीबन साठ साल पहले ही हमारे युग के एक प्रमुख फ्रांसीसी दार्शनिक और भाषा वैज्ञानिक जॉक

लॉक डाउन पर कोई निर्णय लेने से पहले सरकार सुनिश्चित करे कि उसने इस महामारी पर नियंत्रण कर लिया है- रिहाई मंच

Rihai Manch

Before taking any decision on lock down, the government should ensure that it has controlled the epidemic – Rihai Manch लखनऊ 4 अप्रैल 2020. इस तरह के संकेत आ रहे हैं कि 14 अप्रैल के बाद लॉक डाउन में कुछ समय के लिए छूट दी जा सकती है। कोरोना वायरस सक्रमितों की संख्या में बढ़ोतरी

कोरोना : भगवान बने डॉक्टर

Health news

Corona: Doctors Become God भगवान डॉक्टर के रूप होते हैं: नयी सदी मे इस कहावत को बलिष्ठतापूर्वक सही प्रमाणित किया है, covid-19 ने। आज पूरी दुनिया कोरोना क चपेट में है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इसे महामारी घोषित कर दिया है। मानव जाति इस तरह उद्भ्रांत व भयग्रस्त कब हुई थी, कहना मुश्किल है। कोरोना

जिन्हें पीने का पानी मयस्सर नहीं, उनके लिए साबुन, मास्क, सेनेटाइजर की हिदायत, क्या ये सरकार का भद्दा मजाक नहीं ?

Corona virus COVID19, Corona virus COVID19 image

कोरोना वायरस – सत्ता और आवाम | Corona Virus – Government and People “आज सुबह जब मैंने रेड लाइट पर गाड़ी रोकी तो एक महिला जिसकी गोद में बच्चा था, मेरी गाड़ी के शीशे को थपथपा रही थी। ये दृश्य रोजाना होता है, ये लोग भीख मांग कर अपना गुजारा करते हैं। उसने बाहर से