लॉकडाउन क्यों गलत नीति है – स्वीडिश महामारीविद् व चिंतक जोहान गिसेके की टिप्पणी

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स्वीडिश महामारीविद् व  चिंतक जोहान गिसेके की टिप्पणी “एक अदृश्य वैश्विक महामारी” The invisible pandemic by Johan Giesecke in Hindi Why lockdowns are the wrong policy – Swedish expert Prof. Johan Giesecke [स्वीडन के महान महामारीविद् व  चिंतक जोहान गिसेके (Johan Giesecke Coronavirus) और उनके सहयोगी एंडर्स टेगनेल कोरोना-विजय के अप्रतिम नायक के रूप में

कोविड-19 परीक्षण के लिए आईआईटी-दिल्ली ने पेश की किफायती किट ‘कोरोश्योर’

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IIT Delhi launched low cost COVID-19 test kit नई दिल्ली, 15 जुलाई (उमाशंकर मिश्र): कोविड-19 से लड़ने के लिए वैज्ञानिक इसके निदान के लिए सस्ते विकल्प खोजने में लगातार जुटे हुए हैं। इसी दिशा में कार्य करते हुए भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) दिल्ली के शोधकर्ताओं ने कोविड-19 के परीक्षण के लिए ‘कोरोश्योर’ नामक एक किफायती

सीएसआईआर ने मांगी तीन दवाओं के संयोजन के परीक्षण की अनुमति

CSIR-NEIST

CSIR asks for permission to test combination of three drugs नई दिल्ली, 11 जुलाई (उमाशंकर मिश्र):  कोरोना वायरस से लड़ने में अपने प्रयासों के तहत वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) ने कोविड-19 मरीजों पर तीन अलग-अलग दवाओं के संयोजन के तीसरे चरण के नियंत्रित चिकित्सीय परीक्षण की नियामक मंजूरी मांगी है। सीएसआईआर द्वारा यह

यशोदा सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल कौशाम्बी में प्रारम्भ हुई ऑफ-लेबल प्लाज्मा थेरेपी

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Off-label plasma therapy started at Yashoda Super Specialty Hospital Kaushambi गाजियाबाद, 06 जुलाई 2020. यशोदा सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल कौशाम्बी ने कोविड-19 के संक्रमित को बचाने के लिए प्लाज्मा थेरेपी का इस्तेमाल (Plasma therapy used to protect infected COVID-19) अब शरू कर दिया है । हालांकि आईसीएमआर ने भी इसे स्टैंडर्ड केयर ऑफ ट्रीटमेंट (-Standard care

इस वक्त कोरोना से मृत्यु दर सबसे  ज्यादा ब्राज़ील में है, वहां भी अमेरिका की तरह नस्ली तानाशाही है

Jair Bolsonaro with Donald Trump

Currently, Brazil has the highest death rate from Corona, there is also racial dictatorship like America. भारत में मीडिया फ्रांस के जन विद्रोह की खबर क्यों दबा रहा है ? | Why is the media in India suppressing the news of the French uprising? अपने ताज़ा पोस्ट में न्यूयार्क से डॉक्टर पार्थ बनर्जी (Doctor Partha

वैज्ञानिक क्यों कर रहे हैं घातक कोरोना वायरस का कल्चर!

Novel Coronavirus SARS-CoV-2 Credit NIAID NIH

Why scientists are doing the culture of deadly corona virus! नई दिल्ली, 29 मई (उमाशंकर मिश्र ): नोवेल कोरोना वायरस (SARS-CoV-2) से दुनिया भर में अब तक 56 लाख से अधिक लोग संक्रमित हो चुके हैं और 3.62 लाख से अधिक लोगों को इस वायरस से उपजी बीमारी कोविड-19 के प्रकोप से अपनी जान गंवानी

टीके के विकास और दवाओं के परीक्षण के लिए सीसीएमबी में कोरोना वायरस कल्चर

Novel Coronavirus SARS-CoV-2 Credit NIAID NIH

Corona virus culture in CCMB for vaccine development and drug testing नई दिल्ली, 28 मई (उमाशंकर मिश्र ): वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) की हैदराबाद स्थित प्रयोगशाला आणविक जीवविज्ञान केन्द्र (सीसीएमबी) के वैज्ञानिकों ने मरीजों के नमूने से कोविड-19 के लिए जिम्मेदार कोरोना वायरस (SARS-CoV-2) का स्थिर संवर्धन (कल्चर) किया है। लैब में वायरस

राहुल की डॉक्यूमेंट्री में प्रवासियों ने बयां किया दर्द, खाली पेट चले, पीटा और धमकाया गया लेकिन फिर भी नहीं रुके

Rahul Gandhi

नई दिल्ली, 23 मई 2020. पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने शनिवार को प्रवासी श्रमिकों की दुर्दशा पर बात (Former Congress President Rahul Gandhi talks on migrant workers) करते हुए कहा कि कोरोनावायरस महामारी (Coronavirus epidemic) के चलते सबसे बुरी हालत इन्हीं लोगों की हुई है। राहुल ने एक डॉक्यूमेंट्री (Rahul Gandhi’s documentary on migrant

भारत में बढ़ रहा है कोरोना वायरस की जीनोम सीक्वेंसिंग का आंकड़ा

Novel Coronavirus SARS-CoV-2 Credit NIAID NIH

नई दिल्ली, 20 मई (उमाशंकर मिश्र ) : भारत में विभिन्न वैज्ञानिक संस्थान मिलकर कोरोना वायरस की जीनोम सीक्वेंसिंग (genome sequencing of covid 19) कर रहे हैं। अब तक देश के विभिन्न वैज्ञानिक संस्थानों में कोरोना की करीब 300 जीनोम सीक्वेंसिंग की जा चुकी है। इसमें से 200 सीक्वेंसिंग वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान संस्थान (सीएसआईआर)

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से कोविड-19 का पता लगाएंगे भारतीय वैज्ञानिक

Artificial intelligence based model for identification of COVID-19 patients

नई दिल्ली, 10 मई (उमाशंकर मिश्र) : आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से कोविड-19 की पहचान के लिए भारतीय वैज्ञानिकों ने अब एक नई पहल की है। लखनऊ स्थित डॉ एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (एकेटीयू) एवं किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) की इस पहल के अंतर्गत कोविड-19 की पहचान के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित डायग्नोसिस