घर पहुंचकर भी प्रवासी मजदूरों को चैन नहीं

QUarantine centre Basantipur

भाई पद्दोलोचन इन दिनों खूब कविताएँ लिख रहा है। उसकी ताज़ा कविता इस कठिन और मुश्किल तारीख में वे तमाम-तमाम मेहनतकश मौत से पंजा लड़ते-लड़ते लौट रहे गांव. उन्हें देख कर डरो नहीं थोड़ा सम्मान थोड़ा प्यार थोड़ी समझदारी दो कोरोना हारेगा इस तरह इन दिनों गांव-गांव जाकर लोगों से सम्वाद कर रहा हूँ मित्र