महिलाओं के प्रति अनुदार ही नहीं हिंसक भी है समाज

Say no to Sexual Assault and Abuse Against Women

जो मानसिकता समाज की बन गयी है, कमोबेश वही सोच पुलिस की भी बन चुकी है। आखिर पुलिस आती भी तो इसी समाज से है। एक सवाल महिलाओं के राजनीतिक प्रतिनिधित्व का भी है। जब नारी, पुरुष के समान स्वतंत्रता अनुभव करेगी तब स्थितियां बेहतर होगी।

बच्चे के भविष्य के लिए घरेलू हिंसा से प्रताड़ित होने से बेहतर है संबंध विच्छेद करना

Effects of domestic violence on children

यदि आप एक अपमानजनक संबंध छोड़ने का निर्णय लेते हैं, तो आपका यह निर्णय आपके बच्चे के भविष्य की बेहतरी के लिए बेहतर है क्योंकि अपमानजनक संबंध विच्छेद करके आप अपने बच्चों को सुरक्षित महसूस करने में मदद कर रही हैं

क्या बच्चे घरेलू हिंसा या दुर्व्यवहार के गवाह या उसके अनुभव से उबर सकते हैं?

Effects of domestic violence on children

जो बच्चे घरेलू हिंसा के गवाह होते हैं या जो खुद दुर्व्यवहार के शिकार होते हैं, वे लंबे समय तक शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं के लिए गंभीर जोखिम होते हैं। जो बच्चे माता-पिता के बीच हिंसा के शिकार होते हैं उनके भविष्य के रिश्तों में हिंसक होने का अधिक खतरा है।

जानिए बच्चों पर घरेलू हिंसा का प्रभाव क्या होता है और उनमें क्या विकृतियां पैदा हो सकती हैं

Effects of domestic violence on children

बच्चों पर घरेलू हिंसा का प्रभाव | Effects of domestic violence on children घर में हिंसा के संपर्क में आने वाले कई बच्चे भी शारीरिक शोषण के शिकार होते हैं। जो बच्चे घरेलू हिंसा के गवाह होते हैं या जो खुद दुर्व्यवहार के शिकार होते हैं, वे लंबे समय तक शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं

जानिए घरेलू हिंसा या दुरुपयोग के संकेत क्या हैं, और इस स्थिति में क्या करें

Signs of domestic violence or abuse

Know what are the signs of domestic violence or abuse, and what to do in this situation घरेलू हिंसा से बचाव |घरेलू हिंसा होते हुए देखने पर आप कैसे मदद कर सकते हैं |घरेलू हिंसा क्या है,घरेलू हिंसा का अर्थ क्या है | घरेलू हिंसा का अर्थ परिभाषा एवं विभिन्न प्रकार. घरेलू हिंसा या दुरुपयोग

लॉकडाउनः महिलाओं के खिलाफ बढ़ी घरेलू हिंसा, अभिनेत्री संध्या मृदुल ने उठायी आवाज

Sandhya Mridul

Lockdown: Increased domestic violence against women, actress Sandhya Mridul raised voice दिल्ली, 9 मई : लॉकडाउन में महिलाओं को अलग तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. देशभर में उनके खिलाफ घरेलू हिंसा के मामले बढ़ गए हैं। हाल ही में राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने एक आंकड़ा जारी किया है, जिसके मुताबिक