एक कन्फ्यूज्ड अधिकार आरटीई : सावर्जनिक और निजी शिक्षा के भवंर में “शिक्षा का अधिकार”

opinion

A Confused Right RTE: “Right to Education” in the domain of public and private education शिक्षा अधिकार अधिनियम (Right to Education Act in Hindi) भारत की संसद द्वारा पारित ऐसा कानून है जो 6 से 14 वर्ष के सभी बच्चों के शिक्षा की जिम्मेदारी लेता है. 1 अप्रैल 2020 को इस कानून को पारित हुये

माकपा का देशव्यापी अभियान : बृंदा करात 17-18-19 को रायपुर, कोरबा में

CPIM

CPI-M’s nationwide campaign: Brinda Karat on 17-18-19 in Raipur, Korba रायपुर, 16 फरवरी 2020. जनविरोधी बजट, नागरिकता और नागरिक अधिकारों पर हो रहे हमलों के खिलाफ और देश व संविधान को बचाने के लिए मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी द्वारा चलाये जा रहे देशव्यापी अभियान के सिलसिले में माकपा की पोलिट ब्यूरो सदस्य और पूर्व सांसद बृंदा

जब-जब यह सोच सरकार बनाती है विचारों का खुलापन सीलेपन की बदबू से घिर जाता है,

Rajeev mittal राजीव मित्तल वरिष्ठ पत्रकार हैं।

इतिहास, शिक्षा, साहित्य और मीडिया।  (History, education, literature and media । ) ये चार ऐसे शक्तिशाली हथियार हैं, जो किसी भी समाज को लंबे समय तक कूपमंडूक और बौरा देने की क्षमता रखते हैं। युद्ध में हुई क्षति के घाव तो देर-सबेर भर जाते हैं, लेकिन ज़रा बताइये कि उन घावों जख्मों का क्या किया