गंगा हितों की अनदेखी के मार्ग

Ganga

भारत की नदियों की अविरलता-निर्मलता को आज पर्यावरणीय समझ से ज्यादा, गुड गवर्नेन्स की दरकार है। निजी स्वार्थों के लिए प्रकृति हितैषी तथ्यों की अनदेखी न होने पाए; लोकतंत्र के चारों स्तंभों को मिलकर यह सुनिश्चित करना चाहिए। लोकतंत्र की मांग (Demand for democracy) यही है।