Home » Tag Archives: German intellectuals

Tag Archives: German intellectuals

जर्मन बुद्धिजीवियों ने पसंद किया प्रमोद रंजन का हस्तक्षेप पर प्रकाशित लेख

Pramod ranjan प्रमोद रंजन की दिलचस्पी सबाल्टर्न अध्ययन, आधुनिकता के विकास और ज्ञान के दर्शन में रही है। ‘साहित्येतिहास का बहुजन पक्ष’, ‘बहुजन साहित्य की प्रस्तावना’ और ‘शिमला-डायरी’ उनकी प्रमुख पुस्तकें हैं। उनके द्वारा संपादित दक्षिण भारत के सामाजिक-क्रांतिकारी ईवी रामासामी पेरियार के प्रतिनिधि विचारों पर केंद्रित तीन पुस्तकों का प्रकाशन हाल ही में हुआ है। रंजन इन दिनों असम विश्वविद्यालय के रवींद्रनाथ टैगोर स्कूल ऑफ लैंग्वेज एंड कल्चरल स्टडीज में प्राध्यापक हैं।

German intellectuals appreciate Pramod Ranjan’s article published on Hastakshep हस्तक्षेप में प्रकाशित प्रमोद रंजन के लेख “कोविड 19, विज्ञान और बुद्धिजीवियों की ज़िम्मेदारी” का जर्मन अनुवाद  “रूबिकॉन” ने प्रकाशित किया है। (यहां देखें) रूबिकॉन एक प्रतिष्ठित वेबपोर्टल है, जो पिछले कुछ वर्षों में जर्मनी में सत्ता प्रतिष्ठानों के खिलाफ एक मुखर बौद्धिक-दार्शनिक आवाज के रूप में उभरा है। इस वेबसाइट ने कोरोना …

Read More »