कोविड-19 : कथित कांस्पीरेसी थ्योरी किसके खिलाफ है?

Demonstrations in Germany protesting against restrictions imposed in COVID's name

समाज कर्मी मेधा पाटकर ने पिछले दिनों जर्मनी में  कोविड के नाम पर लगाए गए प्रतिबंधों के विरोध में हो रहे प्रदर्शनों (Demonstrations in Germany protesting against restrictions imposed in COVID‘s name) को ‘प्रेरणादायक खबर’ (inspirational news) बताया, जिस पर राजनीति-शास्त्री जानकी श्रीनिवासन (Political scientist Janaki Srinivasan) ने उन्हें याद दिलाया कि “यह प्रदर्शन  दक्षिणपंथियों द्वारा

विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था, जर्मनी, ने मारी एक लंबी छलांग, 9 बिलियन यूरो की राष्ट्रीय हाइड्रोजन रणनीति की घोषणा

Environment and climate change

जहाँ पूरे विश्व की औद्योगिक अर्थव्यवस्थाएं ख़ुद को कार्बन मुक्त करने की होड़ में लगी हुई हैं, उसी बीच विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था, जर्मनी, (The world’s fourth largest economy, Germany,) ने एक लंबी छलांग मारते हुए, लगभग 9 बिलियन यूरो के नियोजित निवेश के साथ, अपनी राष्ट्रीय हाइड्रोजन रणनीति की घोषणा कर दी