IFFI के ज्यूरी ने क्यों कहा – “कश्मीर फाइल्स” एक प्रोपेगेंडा और वल्गर (अश्लील) फिल्म है !

पणजी में इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल के समापन समारोह में इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल के निर्णायक मंडल के अध्यक्ष, नादव लापिड ने कहा कि, विवेक अग्निहोत्री की फिल्म, “द कश्मीर फाइल्स” एक ‘प्रोपेगेंडा और वल्गर फिल्म’ है और IFFI में भारत के अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता खंड में, शामिल होने के योग्य नहीं है।

Read More

प्रतिष्ठित स्वतंत्रता सेनानी खुदीराम बोस पर तेलुगू में बनी बायोपिक का 53वें इफ्फी में प्रदर्शन

युवा, प्रतिष्ठित स्वतंत्रता सेनानी और भारत के स्वतंत्रता संग्राम के सबसे कम उम्र के शहीदों में से एक खुदीराम बोस पर तेलुगू में बनी एक बायोपिक 53वें इफ्फी के इंडियन पैनोरमा खंड (53rd IFFI by INDIAN PANORAMA) के तहत प्रदर्शित की गई।

Read More

क्‍या वास्तव में महिलाएं उस समाज में सुरक्षित हैं जहां हम महिलाओं को सशक्‍त कहते हैं? सवाल करती है फिल्‍म ‘नानू कुसुमा’

पूछती है फिल्‍म ‘नानू कुसुमा’ : क्या हमने महात्मा गांधीजी की रामराज्य का सपना पूरा कर लिया है जहां बचाव और सुरक्षा सम्मिलित हैं? नानू कुसुमा हमारे पितृसत्तात्मक समाज की वास्तविकता को दर्शाती है

Read More