5 ट्रिलियन इकॉनमी का सपना दिखाने वाली सरकार कर्मचारियों के भत्ते और वेतन क्यों काटने लगी ?

Indian economy

Why did the government that dreams of a 5 trillion economy start cutting the allowances and salaries of employees? आर्थिक मोर्चे पर मोदी सरकार का झूठ ही उसके गले की हड्डी बन गया है. सरकार चाह कर भी आर्थिक आपात नहीं लगा सकती है. इसीलिए पीएम केयर्स फंड (PM Cares Fund), नाम का विकल्प चुना

जनसंघ के दिये को जलाने का फरमान तो यही बताता है, गोदी मीडिया की मेहरबानी से फिर बंटवारे की तैयारी है ?

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गोदी मीडिया की मेहरबानी से फिर बंटवारे की तैयारी है। भूखे बेरोज़गार जन गण के मनोरंजन के लिए प्रधानमंत्री राष्ट्र को सम्बोधित कर रहे हैं ? Prime Minister’s address to the nation so ridiculous?  प्रधानमंत्री का राष्ट्र को सम्बोधन इतना हास्यास्पद? बहुत दुःखद। जब अर्थव्यवस्था खत्म है। मुक्तबाज़ारी शेयर बाजार धड़ाम है। रोज़ निवेशकों के

मुझे आपको प्रधानमंत्री कहने में शर्म आती है मिस्टर पीएम, क्या आपको कभी खुद पर शर्म नहीं आती??

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I am ashamed to call you Mr. PM, don’t you ever feel ashamed of yourself ?? ‘रोम जल रहा था और नीरो बंसी बजा रहा था’ उक्त लोकोक्ति आज हमारे देश के मुश्किल हालात पर चरितार्थ हो रही है। आज पूरे देश में कोरोना महामारी और सरकारी मशीनरी की अव्यवस्था से हाहाकार मचा हुआ है।

निजी क्षेत्र का महिमामंडन करना बंद करें, निजी क्षेत्र के बैंकों के राष्ट्रीयकरण का सही समय आ गया है ?

Bank

Stop glorifying the private sector. Is the right time to nationalize private sector banks? जब पूरी दुनिया कोरोना वायरस के प्रसार (Spread of corona virus) के बारे में चिंतित है, भारतीय अर्थव्यवस्था एक और वायरस से पहले से ही कांप रही है। यह निजी पूंजी के लालच से उत्पन्न अस्थिरता (Instability created by greed for

आरएसएस और उद्योग जगत के बीच प्रेम और ईर्ष्या के संबंध की क़ीमत अदा कर रही है भारतीय अर्थ-व्यवस्था

Indian economy is paying the price for love and jealousy between RSS and industry आज के टेलिग्राफ़ में उद्योगपतियों की मनोदशा (Mood of industrialists) के बारे में सुर्ख़ी की खबर है। “Why business is talking ‘wine’, not Dhanda”। (क्यों उद्योगपति ‘शराब’ की बात करते हैं, धंधे की नहीं ) पूरी रिपोर्ट उद्योगपतियों की आपसी बातचीत