मीडिया की छह साल की कीमियागिरी का नतीजा है युवाओं में नफरत और तीस जनवरी का गोलीकांड…

Shaheen Bagh

पहले तो चार साल तक एक सी ग्रेड एक्टिविस्ट को महात्मा गांधी बना कर पेश किया जाता रहा.. जिसके चलते सारे भ्रष्ट अधिकारी और नेता सड़कों पर जाजम बिछा कर आम जनता, सरकारी कर्मचारियों और दुकानदारों को ईमानदार बनने की कसमें दिलाते हुए मीडिया में जगह पाते रहे.. फिर राष्ट्रवाद ने अंगड़ाई ली और अन्ना