डाइवर्सिटी से ही भारत के आदिवासी बन सकते हैं समृद्ध और आधुनिक!

एच.एल. दुसाध (लेखक बहुजन डाइवर्सिटी मिशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं.)  

Only by diversity, the tribals of India can become rich and modern! आज विश्व आदिवासी दिवस (International Day of the World’s Indigenous Peoples) है. इस अवसर का इस्तेमाल आदिवासियों को अधिकार चेतना से समृद्ध और आधुनिक जीवन शैली की ओर उन्मुख करने में होना चाहिए. जहाँ तक भारत का सवाल है, इस दिशा में नहीं

विश्व आदिवासी दिवस : जब तक आदिवासी जिन्दा रहेंगे वे अपने संसाधनों को आसानी से लूटने नहीं देंगे

International Day of the World's Indigenous Peoples,

मानवाधिकार कार्यकर्ता और झारखंड ह्यूमन राईट्स मूवमेंट के महासचिव ग्लैडसन डुंगडुंग का यह लेख “देश की असली समस्या नक्सली हैं या आदिवासी?” हस्तक्षेप पर मूलतः 8 जून 2013 को 9 जून, बिरसा मुंडा के शहादत दिवस पर ( Special on June 9, Birsa Martyrdom Day) प्रकाशित हुआ था। आज 09 अगस्त को ‘‘विश्व आदिवासी दिवस’’