सत्य और संघर्ष से बनी व्यास की आत्मकथा

Kya Kahun Aaj डॉ सत्यनारायण व्यास की आत्मकथा 'क्या कहूं आज'

Non-fiction writing is now the mainstream of Indian literature जयपुर में हुआ डॉ सत्यनारायण व्यास की आत्मकथा ‘क्या कहूं आज‘ विमोचन जयपुर। कथेतर लेखन अब भारतीय साहित्य की मुख्य धारा है जिसमें हमारे युग की सच्चाई बोल रही है। कवि-लेखक डॉ सत्यनारायण व्यास की आत्मकथा ‘क्या कहूं आज’ केवल साधारण मनुष्य की सच्चाई और संघर्ष