हस्तक्षेप साहित्यिक कलरव में इस बार ममता किरण का, “जो रिश्ता दर्द देता है मिसालों में वो रह जाता”

जड़ें मजबूत होतीं तो शजर आंधी भी सह जाता/ बनाते हम अगर मजबूत पुल तो कैसे ढह जाता / ज़रा सी धूप मिल जाती तो ये सीलन

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