राहुल की डॉक्यूमेंट्री में प्रवासियों ने बयां किया दर्द, खाली पेट चले, पीटा और धमकाया गया लेकिन फिर भी नहीं रुके

Rahul Gandhi

नई दिल्ली, 23 मई 2020. पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने शनिवार को प्रवासी श्रमिकों की दुर्दशा पर बात (Former Congress President Rahul Gandhi talks on migrant workers) करते हुए कहा कि कोरोनावायरस महामारी (Coronavirus epidemic) के चलते सबसे बुरी हालत इन्हीं लोगों की हुई है। राहुल ने एक डॉक्यूमेंट्री (Rahul Gandhi’s documentary on migrant

ट्रेन से कुचल गए 14 : महामारी के पर्दे में ग़ुलाम बनाये जाने के खिलाफ लड़ते हुए मारे गये

Ghar Se Door Bharat Ka Majdoor

8 मई को 14 प्रवासी कामगार ट्रेन से कुचल गए | 14 migrant workers crushed by train on 8 May प्रवासी मजबूर महामारी के पर्दे में ग़ुलाम बनाये जाने के खिलाफ लड़ते हुए मारे गये वे थकावट से मर गए, अपने घरों में वापस चले गए, तयशुदा भूख से दूर, यह जानते हुए कि उन्हें कोई

डॉ. लोहिया ने कहा था कि जब देश की सड़कें सूनी दिखें तो निश्चित समझना कि देश में तानाशाही है

Dr. Lohia

मजदूरों की पहचान ‘माईग्रेंट’ के रूप में करना मेहनतकश वर्ग के खिलाफ साजिश  Identifying laborers as ‘migrants’ conspiracy against the working class …… ताकि व्यवस्था पर कोई सवाल ना हो। हम जिस गाँव में रहते हैं वहाँ मेरी दस पीढ़ियाँ गुजर गयी होंगी। उस गाँव में मेरे खानदान के आने वाले पहले व्यक्ति सुनने में