आह गुलज़ार देहलवी ! जहाँ इंसानियत वहशत के हाथों ज़िबह होती है

Anand Mohan Zutshi Gulzar Dehlvi

मशहूर शायर गुलज़ार देहलवी को ख़िराज-ए-अक़ीदत मोहम्मद खुर्शीद अकरम सोज़ टूटा  है  आस्माँ से कोई  हसीन  तारा ऐ सोज़ अंजुमन में अब सोग की फ़िजा है उर्दू का इक मुजाहिद, हाँ वो अज़ीम शायर गुलज़ार देहलवी भी दुनिया से चल बसा है (सोज़ ) उर्दू के अज़ीम इंक़लाबी शायर, गंगा-जमुनी तहज़ीब के अमीन और पासदार,

एक वायरस ने महा शक्तियों को, औक़ात इनकी बता दी !

Novel Cororna virus

मौहम्मद ख़ुर्शीद अकरम सोज़ की कोरोना पर कविताएं   हम  कोरोना  से  जंग  जीतेंगे “”””””””””””””””””””””” हाँ यह वायरस बड़ा ही ज़ालिम है नाम  जिसका  ग़ज़ब “कोरोना” है सारी   दुनिया  परेशान  है  इस से सारी   दुनिया   में   ख़ौफ़ छाया है   इस    कोरोना    को  मात  देने को लॉकडाउन   में  घर   में  रहना  है जब   ज़रूरी  किसी