चिंता, चिता समान : हैप्पीनेस गुरु और मोटिवेशनल स्पीकर पी.के. खुराना के टिप्स

“दि हैपीनेस गुरू” के नाम से विख्यात, पी. के. खुराना दो दशक तक इंडियन एक्सप्रेस, हिंदुस्तान टाइम्स, दैनिक जागरण, पंजाब केसरी और दिव्य हिमाचल आदि विभिन्न मीडिया घरानों में वरिष्ठ पदों पर रहे। वे मीडिया उद्योग पर हिंदी की प्रतिष्ठित वेबसाइट “समाचार4मीडिया” के प्रथम संपादक थे।

बचपन से ही हम एक सूत्र सुनते आ रहे हैं, और वह है – “चिंता, चिता के समान है।“ अनावश्यक चिंता करेंगे तो तनाव बढ़ेगा, तनाव बढ़ेगा तो खान-पान अस्त-व्यस्त होगा, और शरीर में भिन्न-भिन्न बीमारियों को घर करने का मौका मिलेगा। आज हर डाक्टर हमें तनाव के विरुद्ध चेतावनी देता है और तनाव से

जानिए सफलता के चार नियम

मुझे एक कहानी याद आती है जो हम बचपन में सुना करते थे। तीन मित्र समुद्र के किनारे बने एक होटल के पूल के किनारे बैठे मौसम का आनंद ले रहे थे। थोड़ी ही दूर समुद्र का किनारा भी नजर आ रहा था। कुछ लोग पूल में तैरने का आनंद ले रहे थे तो कुछ

अनिद्रा ने छीना चैन, हर तीसरा वयस्क भारतीय अनिद्रा के रोग का शिकार

So sad

आज का ज़माना भाग-दौड़ का ज़माना है। व्यस्तता ज़्यादा है, समय कम है। इससे जीवन में आपाधापी है, न खाने का समय है, न सोने का। एक-दूसरे की नकल में, दिखावा करने में, शान जताने में जीवन घुल रहा है। एक तरफ महंगाई का तांडव है दूसरी तरफ मांगों का सिलसिला। लोग तनाव में जी