क्या भारत में अब संवेदनाएं और कानूनी विवेकशीलता की मृत्यु हो चुकी है ?

How many countries will settle in one country

Have sensitivities and legal conscience now died in India? क्यों सरकार ने 30 फीसदी दिहाड़ी मजदूर कोरोना पॉजिटिव (30 percent daily wage laborers Corona positive) बताया है ! क्या भारत जैसे विशाल लोकतांत्रिक देश में अब संवेदनाएं और कानूनी विवेकशीलता की मृत्यु हो चुकी है ? भारत एक कृषि प्रधान देश व सामाजिक कबीलाई गणराज्य

कोरोना और सभ्यता का संकट : हम अभी सभ्यता के एक सबसे बड़े संकट के दौर में जी रहे हैं

Arun Maheshwari - अरुण माहेश्वरी, लेखक सुप्रसिद्ध मार्क्सवादी आलोचक, सामाजिक-आर्थिक विषयों के टिप्पणीकार एवं पत्रकार हैं। छात्र जीवन से ही मार्क्सवादी राजनीति और साहित्य-आन्दोलन से जुड़ाव और सी.पी.आई.(एम.) के मुखपत्र ‘स्वाधीनता’ से सम्बद्ध। साहित्यिक पत्रिका ‘कलम’ का सम्पादन। जनवादी लेखक संघ के केन्द्रीय सचिव एवं पश्चिम बंगाल के राज्य सचिव। वह हस्तक्षेप के सम्मानित स्तंभकार हैं।

कोरोना और सभ्यता का संकट वार्ता श्रृंखला (1) | Corona and Crisis of Civilization Dialogue Series (1) —अरुण माहेश्वरी संवाद के एक नए और शायद प्रभावी माध्यम की तलाश में ही आज हम आपसे इस वीडियो के माध्यम से मुखातिब है। तकरीबन साठ साल पहले ही हमारे युग के एक प्रमुख फ्रांसीसी दार्शनिक और भाषा वैज्ञानिक जॉक

नोवेल कोरोनावॉयरस : कल तक 137 विमानों (कुल यात्री संख्‍या 29707) की हुई स्क्रीनिंग

Health news

Cabinet Secretary reviews the preventive measures on “Novel Coronavirus” outbreak कैबिनेट सचिव ने ‘नोवेल कोरोनावॉयरस’ फैलने से उत्‍पन्‍न स्थिति के बारे में बैठक की नई दिल्ली, 28 जनवरी 2020. कैबिनेट सचिव ने कल (27.01.2020) चीन में ‘नोवेल कोराना वायरस’ फैलने से उत्‍पन्‍न स्थिति की समीक्षा की।  बैठक में स्‍वास्‍थ्‍य, विदेश, नागर विमानन, श्रम, रक्षा तथा