देश की अधिकांश आबादी की दुर्दशा से न सरकार को डर है, न कोई बेचैनी

Modi in Gamchha

कोरोना महामारी : श्रमिक चेतना के उन्मेष का समय   तालाबंदी के डेढ़ महीना बीत जाने के बाद भी देश-व्यापी स्तर पर मेहनतकश मजदूरों की दुर्दशा (Plight of toiling laborers) का सिलसिला थमा नहीं है. हर दिन भूख, जिल्लत और अपने ही देश में बेगानेपन का दंश झेलते मजदूरों के हुजूम-दर-हुजूम चारों तरफ दिखाई दे रहे