सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के निजीकरण के बजाए व्यापक सुधारों की दरकरार

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Public banks need comprehensive reforms instead of privatization बैंकिंग विश्लेषकों के अनुसार सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को वित्तीय वर्ष 2020-21 में नियामकीय शर्त पूरी करने के लिए अर्थात बैंकों के परिचालन के लिए कम से कम 50 हजार करोड़ रूपये की जरूरत होगी। सरकार ने अभी तक सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के पुनर्पूंजीकरण के लिए