मुक्तबाजार में धर्मोन्माद का यह नंगा कत्लेआम कार्निवाल है, जिसे राष्ट्रवाद कहा जा रहा है

rabindranath tagore

पलाश विश्वास का यह लेख हस्तक्षेप पर उनकी शृंखला रवींद्र का दलित विमर्श के तहत 12 सितंबर 2017 को प्रकाशित हुआ था। हस्तक्षेप के पाठकों के लिए इस लेख का पुनर्प्रकाशन मैंने जिंदगी से लिखने पढ़ने की आजादी के सिवाय कुछ नहीं मांगा और गांव के घर से अलग कहीं और घर बसाने की नहीं

जमींदार होने के बावजूद प्रजाजनों के पक्ष में खड़े होने वाले रवींद्र को पढ़ना समझना आज सबसे ज्यादा जरूरी है

rabindranath tagore

भारत, बांग्लादेश और श्रीलंका के राष्ट्रगान के रचयिता (Creator of the National Anthem of India, Bangladesh and Sri Lanka) इस महाद्वीप के पहले आधुनिक महाकवि, सामाजिक यथार्थ के चित्रकार, अपने गीत संगीत के जरिये करोड़ों स्त्रियों की जिजीविषा बने साहित्य में एशिया के पहले नोबेल विजेता रवींद्र नाथ टैगोर की आज पुण्यतिथि है। इस अवसर

विज़नरी लेखक थे रवीन्द्रनाथ टैगोर, जिन्होंने बहुत पहले भाँप लिया था सोवियत संघ टूट जाएगा

rabindranath tagore

आज टैगोर की पुण्यतिथि है- विज़नरी लेखक थे रवीन्द्रनाथ टैगोर August 7 is the death anniversary of Rabindranath Tagore Rabindranath Tagore’s contribution in the field of criticism सात अगस्त रवीन्द्रनाथ टैगोर की पुण्यतिथि है। टैगोर का कवि के रूप में जितना बड़ा योगदान है उतना ही आलोचना के क्षेत्र में भी योगदान है। आमतौर पर