सारा मलिक की कहानी – राशन कार्ड

Sara Malik, सारा मलिक, लेखिका स्वतंत्र टिप्पणीकार हैं।

Story of Sarah Malik – Ration Card राशन कार्ड उर्मिला, अपना सामान बांध रही थी, उसे गांव जाना है, होली के 7 दिन बाद उसने कुछ दिन की छुट्टी ले रखी है. उर्मिला आसपास के घरों में काम करती है, और उसी कमाई से वह अपना घर चलाती है, और अपने तीन बच्चों के लिए

सीएए-एनपीआर-एनआरसी की सबसे बुरी मार आदिवासी, दलित, ओबीसी पर पडने वाली है : राज वाल्मीकि की टिप्पणी

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सीएए-एनपीआर-एनआरसी पर दलित दृष्टिकोण – Dalit Approach on CAA-NPR-NRC चलो दिल्ली भरो दिल्ली 04 मार्च 2020 आज अगर खामोश रहे तो….. “…इसकी सबसे बुरी मार नोमेडिक ट्राइब यानी घुमंतू जनजातियों पर पड़ने वाली है जिनके पास न कोई जमीन है न कोई कागजात. आदिवासी, दलित, ओबीसी भी कागजात के अभाव में नागरिकता खो देंगे. और वे